बीजेपी नेता और गाजियाबाद से वर्तमान सांसद जनरल वीके सिंह 2024 में लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने ये जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा कर बताया कि वो आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि उनके लिए ये फैसला करना आसान नहीं था.
उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर चुनाव न लड़ने का ऐलान करते हुए एक लंबा-चौड़ा इमोशनल पोस्ट हैं. उन्होंने लिखा, 'मैंने सैनिक के रूप में इस राष्ट्र की सेवा में अपना सारा जीवन समर्पित किया है. पिछले 10 वर्षों से मैंने गाजियाबाद को एक विश्वस्तरीय शहर बनाने के सपने को पूरा करने के लिए अथक परिश्रम किया है. इस यात्रा में देश और गाजियाबाद के नागरिकों के साथ-साथ भाजपा के सदस्यों का जो विश्वास और प्रेम मुझे प्राप्त हुआ है, उसके लिए मैं आभारी हूं. यह भावनात्मक बंधन मेरे लिए अमूल्य है.'
उन्होंने आगे लिखा, 'इन भावनाओं के साथ, मैंने एक कठिन, परंतु विचारपूर्ण निर्णय लिया है. मैं 2024 के चुनावों में नहीं लड़ूंगा. यह निर्णय मेरे लिए आसान नहीं था, लेकिन मैंने इस फैसले को काफी सोचने और दिल की गहराइयों से किया है. मैं अपनी ऊर्जा और समय को नई दिशाओं में ले जाना चाहता हूं, जहां अपने देश की सेवा अलग तरीके से कर सकूं.'
इस यात्रा में आपके साथी रहने के लिए मैं आप सब को दिल से धन्यवाद देता हूं. आपके प्यार, समर्थन और विश्वास ने मुझे हमेशा प्रेरित किया है. आगे भी मैं देश और सब नागरिकों के प्रति अपनी सेवा जारी रखूंगा, बस एक नए रूप में.
2014 में थामा था बीजेपी का दामन
बता दें कि सेना से सेवानिवृत्ति होने के बाद वीके सिंह भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के समर्थन में खड़े हुए. उन्हें अगस्त 2012 में नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया अगेंस्ट करप्शन के बैनर तले चल रहे अन्ना हजारे के अनशन में मंच पर भी देखा गया था. वीके सिंह 1 मार्च 2014 को भाजपा में शामिल हुए. उन्होंने 2014 के भारतीय आम चुनाव में गाजियाबाद से चुनाव लड़ा और कांग्रेस के राज बब्बर को 567,260 वोटों अंतर से हराया. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में वह गाजियाबाद से दूसरी बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए.