माफिया मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर लोकसभा से सपा उम्मीदवार अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. गैंगस्टर मामले में यूपी सरकार ने अफजाल अंसारी की सजा को बढ़ाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए अफजाल की सजा को चुनौती देने वाली अपील के साथ सुनवाई का फैसला लिया है. 13 मई को राज्य सरकार और अफजाल अंसारी की अपील पर सुनवाई होगी.
बता दें कि कृष्णानंद राय हत्याकांड के आधार पर दर्ज गैंगस्टर मामले में गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने अफजाल को 4 साल की सजा सुनाई हैं. अफजाल की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने गाजीपुर कोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट को मामले में सुनवाई का निर्देश दिया है.
अफजाल अंसारी की अपील के साथ ही अब राज्य सरकार ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है. राज्य सरकार की तरफ से हाईकोर्ट में दाखिल अपील में कहा गया है कि जिस गैंगस्टर मामले में मुख्तार अंसारी को गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई थी उसी मामले में अफजाल को चार साल की सजा सुनाई है. राज्य सरकार की अपील में अफजाल की सजा को दस साल किए जाने की मांग की गई है. ऐसे में अब हाईकोर्ट ने अब अफजाल अंसारी और राज्य सरकार की अपील को क्लब करके एक साथ सुनवाई का फैसला लिया है.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, अफजाल अंसारी की अपील पर हाईकोर्ट को 30 जून 2024 तक फैसला लेना है कि गाजीपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने जो 4 साल की सजा अफजाल को सुनाई है वह सही है या नहीं. वहीं मामले में अब राज्य सरकार ने भी गैंगस्टर मामले में अफजाल की सजा बढ़ाने के लिए एक अपील दाखिल की है.
फिलहाल, हाईकोर्ट ने दोनों अर्जी को एक साथ क्लब करके 13 मई को सुनवाई करने का फैसला लिया है. अब 13 मई को जस्टिस संजय कुमार सिंह की सिंगल बेंच सुनवाई करेगी. हाईकोर्ट से अफजाल अंसारी को अगर राहत मिलती है तभी वह लोकसभा चुनाव लड़ पाएंगे. वरना उन्हें चुनावी मैदान से हटना पड़ेगा.
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अफजाल अंसारी ने अपनी बेटी नुसरत अंसारी को भी लोकसभा चुनाव प्रचार में उतार दिया है. ऐसे में कहा जा रहा है कि अफजाल को अगर कानूनी अड़चनों से चुनाव लडने से वंचित रहना पड़ा तो वह अपनी बेटी नुसरत अंसारी को गाजीपुर से उतार सकतें हैं.