लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के मद्देनजर गुजरात में होने वाली जनसभा, रैली में काले झंडे लहेराने उत्तेजक प्ले कार्ड और बैनर दिखाकर विरोध करने पर प्रतिबंध लगाया गया है. अहमदाबाद पुलिस कमिशनर की तरफ से जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया है कि लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से आयोजित हो, मतदाता भयमुक्त स्थिति में चुनाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे सकें और मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सकें. इसका उदेश्य से शहर मे शांति और सलामती को बनाए रखना है.
चुनाव में होने वाली जनसभा और रैली में प्रचार-प्रसार के दौरान कुछ लोग काले झंडे, प्ले कार्ड, बैनर दिखाकर आक्रामक भाषण के जरिए शांति में खलल पैदा करते हैं, जिसकी वजह से हिंसा होने की संभावना रहती है. इसके मद्देनजर जनसभा, रैली में काले झंडे लहराकर विरोध करने पर प्रतिबंध लगाया गया है. उत्तेजक प्ले कार्ड, बैनर दिखाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. ये सर्कुलर 7 मई यानी गुजरात में होने वाले लोकसभा चुनाव के दिन तक लागू किया गया है.
बीजेपी उम्मीदवार का हुआ था विरोध
राजकोट लोकसभा सीट से बीजेपी कैंडिडेट केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपला से नाराज क्षत्रिय समुदाय के लोग राजकोट, भावनगर, जूनागढ, तापी, साबरकांठा सहित कई जिलों में बीजेपी कैंडिडेट का विरोध करते हुए काले झंडे और बैनर दिखाकर रहे हैं. रूपाला के विरोध में क्षत्रिय संकलन समिति ने आंदोलन पार्ट-2 का भी ऐलान किया है. ऐसे में क्षत्रिय समुदाय ने ऐलान किया है कि अगर रूपाला अपना नामांकन वापस नहीं लेते हैं, तो गुजरात लोकसभा की सभी सीट पर बीजेपी कैंडिडेट का विरोध किया जाएगा.
क्षत्रिय समुदाय ने लोकतांत्रिक तरीके से काले झंडे, बैनर दिखाकर बीजेपी उम्मीदवार के विरोध करने का ऐलान किया है. ऐसे में अब पुलिस की तरफ से जारी सर्कुलर के बाद किसी भी सभा या रैली में विरोध के तौर पर काले झंडे दिखाना और उत्तेजक बैनर लहेराने पर बैन लगा दिया गया है.