लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी इंडिया गठबंधन के लिए उत्तर भारत से राहत भरी खबर आई. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच 17 सीटों पर बात बन गई है. दोनों दलों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में गठबंधन का ऐलान भी हो गया लेकिन दक्षिण भारत के केरल में गठबंधन का गणित बिगड़ता दिख रहा है. अब तक पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ गठबंधन की संभावनाओं को खारिज करती आई लेफ्ट पार्टियां केरल में भी एकला चलने के मूड में नजर आ रही हैं. लेफ्ट केरल की सभी लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर सकता है.
जानकारी के मुताबिक सीपीएम ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम करीब-करीब फाइनल भी कर लिए हैं. पार्टी इन नामों का ऐलान करने से पहले 26 फरवरी को राष्ट्रीय नेताओं के साथ होने वाली बैठक का इंतजार कर रही है. लेफ्ट सूत्रों की मानें तो पार्टी इस बार सूबे की सरकार के कई मंत्रियों को भी लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने के मूड में है. पूर्व स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा, कैबिनेट मंत्री के राधाकृष्णन के साथ ही पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक का लोकसभा चुनाव लड़ना भी करीब-करीब तय बताया जा रहा है.
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बताया जाता है कि सीपीएम के राज्य मुख्यालय में बुधवार की सुबह हुई बैठक में उम्मीदवारों के नाम तय किए गए. लोकसभा चुनाव के लिए जिन उम्मीदवारों के नाम पर सहमति बनी है, उनमें पार्टी की पोलित ब्यूरो के सदस्य पूर्व सांसद ए विजयराघवन का नाम भी शामिल हैं. विजयराघवन पलक्कड़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते नजर आ सकते हैं. पूर्व सांसद विजयराघवन के साथ ही जिला सचिव एमवी बालाकृष्णन कसरगोड लोकसभा सीट, एमवी जयराजन कन्नूर और वी जॉय अट्टिंगल सीट से चुनाव लड़ते नजर आ सकते हैं.
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कांग्रेस के बगैर लेफ्ट में ये है सीट शेयरिंग फॉर्मूला
लोकसभा चुनाव में सूबे की अपनी प्रमुख प्रतिद्वंदी कांग्रेस के बगैर अकेले ही उतरने का मन बना चुके लेफ्ट की पार्टियों में सीट शेयरिंग का जो फॉर्मूला सामने आया है, उसके मुताबिक सीपीएम 20 में से 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. सीपीआई के कोटे में चार सीटें जा सती हैं. वहीं, एक सीट केरल कांग्रेस (एम) के हिस्से जाएगी.