INDIA ब्लॉक की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली हुई. इस दौरान इंडिया गठबंधन की ओर से 5 सूत्रीय मांग की गईं. इसमें कहा गया कि चुनाव आयोग को लोकसभा चुनावों में समान अवसर सुनिश्चित करना चाहिए. चुनाव आयोग को चुनाव में हेराफेरी करने के उद्देश्य से विपक्षी दलों के खिलाफ जांच एजेंसियों द्वारा की जानी वाली कार्रवाई रोकनी चाहिए. इसके साथ ही ये मांग भी की गई कि झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की तुरंत रिहाई की जाए. बता दें कि ईडी ने हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले में और अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले में अरेस्ट किया है.
इंडिया गठबंधन की ओर से मांग की गई कि चुनाव के दौरान विपक्षी राजनीतिक दलों का आर्थिक रूप से गला घोंटने की जबरन कार्रवाई तुरंत बंद होनी चाहिए. साथ ही चुनावी चंदे का उपयोग कर BJP द्वारा बदले की भावना, जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में SIT का गठन होना चाहिए.
इंडिया ब्लॉक के ये नेता हुए महारैली में शामिल
बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद एकजुटता व्यक्त करने के लिए रविवार को रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की महारैली हुई. इस दौरान लोकतंत्र और संविधान बचाने का आह्वान किया गया. इस महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया और राहुल गांधी शामिल थे. एनसीपी (शरतचंद्र पवार) के शरद यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, वामपंथी नेता सीताराम येचुरी, डीराजा, दीपांकर भट्टाचार्य, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, आरजेडी के तेजस्वी यादव और टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन शामिल हुए.
कल्पना सोरेन और सुनीता केजरीवाल ने भी किया संबोधित
इस दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल और झामुमो नेता हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने भी सभा को संबोधित किया और भ्रष्टाचार के मामलों में अपने पतियों की गिरफ्तारी पर केंद्र सरकार की आलोचना की. सुनीता केजरीवाल ने अपने पति का एक पत्र पढ़ा.
हमारी दो बहनें लड़ रही हैंः उद्धव
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के तहत देश "निरंकुश शासन" बन गया है और लोगों से भाजपा को सत्ता से बाहर करने की अपील की. उन्होंने कहा कि हम यहां चुनाव प्रचार के लिए नहीं हैं, हम यहां लोकतंत्र को बचाने के लिए हैं. यह कैसी सरकार है, आप आरोप लगाते हैं और लोगों को जेल भेजते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी दो बहनें लड़ रही हैं, भाई कैसे पीछे रह सकता है? इसलिए हम अपनी बहनों कल्पना और सुनीता के लिए यहां हैं. सिर्फ हम ही नहीं, पूरा देश आपके साथ है.