हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह ने लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया है. राज्य के लिए कांग्रेस पार्टी प्रभारी राजीव शुक्ला ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी. हिमाचल प्रदेश सरकार और राज्य में पार्टी संगठन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस द्वारा गठित छह सदस्यीय समिति की शिमला में बैठक के बाद राजीव शुक्ला पत्रकारों से बात कर रहे थे. मंडी से वर्तमान सांसद प्रतिभा सिंह ने हाल ही में कहा था कि उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है, क्योंकि जमीन पर स्थिति हमारे 'अनुकूल नहीं' है और पार्टी कार्यकर्ता निराश हैं. हिमाचल प्रदेश में चार संसदीय सीटों और 6 विधानसभा उपचुनावों के लिए मतदान 1 जून को होने वाला है.
बैठक के बाद लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने के उनके पहले के बयान के बारे में पूछे जाने पर प्रतिभा सिंह ने कहा, 'मैंने इसे आलाकमान को बता दिया है. अब देखते हैं कि वह क्या निर्णय लेता है'. बैठक से पहले एक रिपोर्टर के इस सवाल पर कि क्या वह मंडी से चुनाव लड़ेंगी, प्रतिभा सिंह ने कहा था, 'बिल्कुल नहीं.... मैंने यह बात आलाकमान को बता दी है. अब यह इस पर निर्भर करता है कि आलाकमान क्या फैसला लेता है.' राजीव शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रतिभा सिंह के अलावा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और अन्य कांग्रेस नेता मौजूद थे.
आलाकमान तय करेगा मंडी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार
यह बैठक रणनीति को मजबूत करने और आम चुनाव के लिए पहाड़ी राज्य के संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई थी. एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए, राजीव शुक्ला ने कहा, 'हम (हिमाचल प्रदेश में) सभी 10 सीटें जीतेंगे- लोकसभा की 4 और विधानसभा उपचुनाव की 6 सीटें'. उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य में कांग्रेस सरकार मजबूत हो रही है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी. यह पूछे जाने पर कि क्या प्रतिभा सिंह लोकसभा चुनाव लड़ेंगी, राजीव शुक्ला ने कहा, 'इस तरह के फैसले पार्टी आलाकमान लेगा. उन्होंने इसे आलाकमान पर छोड़ दिया है और कहा है कि जो भी फैसला होगा, वह उसका पालन करेंगी.'
भारतीय जनता पार्टी द्वारा मंगलवार को कांग्रेस के सभी 6 बागियों को हिमाचल प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित करने पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सभी छह सीटें जीतने के लिए तैयार है. करीब दो घंटे चली बैठक के बाद प्रतिभा सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'हम साथ मिलकर काम करेंगे. हमें लोकसभा चुनाव जीतना है.' उन्होंने कहा कि बैठक में संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा हुई, पार्टी की राज्य इकाई पांच-छह दिनों में नामों को अंतिम रूप देगी और अपने फैसलों से आलाकमान को अवगत कराएगी, जिसके बाद एक और बैठक होगी. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि बैठक में उन्होंने कुछ मुद्दे उठाए जिन पर राज्य सरकार को ध्यान देने की जरूरत है और उन पर उन्हें आश्वासन दिया गया.
भाजपा ने मंडी से कंगना रनौत को मैदान में उतारा है
यह पूछे जाने पर कि अभिनेता से नेता बनीं कंगना रनौत मंडी से कांग्रेस के लिए कितनी बड़ी चुनौती पेश करने वाली हैं, उन्होंने कहा, 'हम लड़ेंगे और कांग्रेस को विजयी बनाएंगे.' भाजपा ने आम चुनाव में रनौत को मंडी से मैदान में उतारा है. चुनाव से पहले कुछ कांग्रेस नेताओं के भाजपा में जाने के बारे में पूछे जाने पर राजीव शुक्ला ने कहा कि चुनाव के दौरान ऐसे घटनाक्रम होते रहते हैं. पंजाब के लुधियाना से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के भाजपा में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने भगवा पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसके पास मजबूत नेता नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'कांग्रेस एक विशाल समुद्र की तरह है जहां नेताओं की कोई कमी नहीं है.'
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, 'हम लोकसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं.' मुख्यमंत्री ने कहा कि छह बागियों को भाजपा ने टिकट दिया है और हिमाचल प्रदेश की जनता एक जून को उनके भाग्य का फैसला करेगी. बैठक से पहले एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, 'हमारी सरकार को कोई खतरा नहीं है.' उन्होंने दावा किया कि छह विधायकों के बाहर निकलने के बावजूद कांग्रेस आरामदायक स्थिति में है. जब पत्रकारों द्वारा अग्निहोत्री से कहा गया कि कांग्रेस के और भी विधायक भाजपा के संपर्क में हैं, तो उन्होंने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए कहा, 'जो हुआ सो हुआ...दिल बहलाने के लिए गालिब ये ख्याल अच्छा है.'
उन्होंने आरोप लगाया कि पहाड़ी राज्य में कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए भाजपा द्वारा प्रयास किए गए थे, लेकिन अब, वह खुद को मुश्किल में है. बीजेपी ने सभी हथकंडे अपनाए, लेकिन असफल रही. उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हिमाचल प्रदेश सरकार स्थिर है और कहा कि 4 जून को उपचुनाव परिणाम घोषित होने पर इसे और अधिक स्थिरता मिलेगी. उन्होंने कहा, '62 विधायकों के वर्तमान सदन में हमारे पास 34 विधायक हैं और भाजपा के पास 25 विधायक हैं.' हिमाचल प्रदेश के लिए कांग्रेस समन्वय समिति के सदस्यों में मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, मुकेश अग्निहोत्री और प्रतिभा सिंह शामिल हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर, धनीराम शांडिल और राम लाल ठाकुर पैनल के अन्य सदस्य हैं.