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ग्राउंड रिपोर्ट: क्या अपने गढ़ में वापसी कर पाएगी सपा? जानें क्या है कन्नौज के वोटर्स का मूड

समाजवादी पार्टी ने अभी कन्नौज के लिए अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. हालांकि अखिलेश यादव कन्नौज में जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं और महीने में कम से कम दो से तीन बार यहां आते हैं.

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क्या है कन्नौज के वोटर्स का मूड?
क्या है कन्नौज के वोटर्स का मूड?

गंगा नदी के किनारे बसा उत्तर प्रदेश का कन्नौज जिला एक ऐतिहासिक शहर है. 18 सितंबर 1997 को फर्रुखाबाद से अलग होकर कन्नौज जिला अस्तित्व में आया. 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल आबादी 1,656,616 है. कन्नौज संसदीय सीट तीन जिलों की पांच विधानसभा सीटों से बनी है. इनमें कन्नौज जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र कन्नौज, तिरवा और छिबरामऊ शामिल हैं. इसके अलावा कानपुर देहात की रसूलाबाद और औरेया जिले की बिधूना विधानसभा सीट कन्नौज लोकसभा सीट का हिस्सा है. 

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लंबे समय तक सपा का गढ़ रही कन्नौज सीट पिछले चुनाव में बीजेपी के खाते में चली गई. 2019 लोकसभा चुमाव में कन्नौज सीट से बीजेपी के उम्मीदवार सुब्रत पाठक ने सपा की डिंपल यादव को हराते हुए 5,63,087 वोटों से जीत हासिल की थी. वहीं डिंपल यादव 5,50,734 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहीं और निर्दलीय नेता प्रत्युष पाठक 3,883 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे. इस बार के चुनाव में कन्नौज की जनता क्या सोचती है? कन्नौज के मतदाताओं का मूड जानने के लिए देखें आज तक की यह ग्राउंड रिपोर्ट.

क्या बोले कन्नौज के मतदाता?

कन्नौज की एक दुकान पर जलेबी बना रहे पिंटू पाल से जब पूछा गया कि इस बार का चुनावी समीकरण क्या होगा तो उन्होंने सिर्फ एक शब्द में जवाब दिया, 'पाठक जी'. 'पाठक जी' मतलब कन्नौज से भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान सांसद और 2024 के चुनाव में एक बार फिर उम्मीदवार बने सुब्रत पाठक. लेकिन दुकान पर जलेबी खा रही जनता की राय पिंटू पाल से बिल्कुल अलग थी. समाजवादी पार्टी का समर्थन करने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि 'अगर अखिलेश यादव कन्नौज से चुनाव लड़ेंगे तो सुब्रत पाठक नहीं जीतेंगे'.

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जोर-शोर से प्रचार कर रहे अखिलेश यादव

इसी दुकान पर खड़े मयंक कुमार दुबे ने कहा कि 'बीजेपी क्षेत्र में बुलंद है और रहेगी'. उन्होंने कहा कि चाहें अखिलेश यादव मैदान में हों लेकिन उनका वोट सुब्रत पाठक को जाएगा. समाजवादी पार्टी ने अभी कन्नौज के लिए अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. हालांकि अखिलेश यादव कन्नौज में जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं और महीने में कम से कम दो से तीन बार यहां आते हैं. सपा कार्यकर्ता चाहते हैं कि अखिलेश यादव कन्नौज से चुनाव लड़ें लेकिन अखिलेश यादव क्या चाहते हैं यह तो आने वाले समय में पता चलेगा.

क्या बोले कन्नौज के इत्र व्यापारी?

कन्नौज के इत्र व्यापारी सनिल संजय ने कहा, 'अखिलेश यादव को यहां से चुनाव लड़ना चाहिए. यह उनकी पुरानी गद्दी है.' एक इत्र व्यापारी के तौर पर वह गुलाब जल और गुलकंद पर लगने वाले टैक्स में छूट चाहते हैं.

इत्र कारखाने में मिले राहुल अभी पढ़ाई कर रहे हैं. जब उनसे कन्नौज के सियासी समीकरण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'कन्नौज में सभी लहर के साथ ही जा रहे हैं.' उनसे पूछा गया कि लहर आखिर है किसकी? राहुल ने कहा, 'मोदी की'. उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश भी यहां से चुनाव लड़ते हैं तो वह भी हार जाएंगे. उन्होंने कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति और स्वच्छता को लेकर केंद्र बीजेपी सरकार की तारीफ की.

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