लोकसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (Rashtriya Lok Morcha) को चुनाव आवंटित कर दिया है. कुशवाहा की पार्टी का चुनाव चिन्ह रसोई गैस का सिलेंडर होगा. उपेंद्र कुशवाहा ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है.
एनडीए में शामिल उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को सीट शेयरिंग में सिर्फ एक सीट ही मिली है. उनकी पार्टी आरएलएम काराकाट सीट से ही चुनाव लड़ेगी. हालांकि कुशवाहा चाहते थे कि उन्हें काराकाट के साथ सुपौल या सीतामढ़ी सीट में से कोई एक सीट और दी जाए. सीट शेयरिंग के बाद उपेंद्र कुशवाहा नाराज भी बताए गए. इस बात की अटकलें लगाई गईं क्योंकि जब सीट शेयरिंग का ऐलान हुआ, उस समय न तो कुशवाहा और न ही उनकी पार्टी का कोई दूसरा नेता मौजूद था. हालांकि बाद में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से उपेंद्र कुशवाहा से बात की गई और उन्हें मनाया गया.
बिहार में क्या है NDA का सीट शेयरिंग फॉर्मूला?
बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं और इसके लिए एनडीए में सीट बंटवारे के फॉर्मूले का ऐलान हो चुका है. इसके मुताबिक, बीजेपी सबसे अधिक 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) 16, चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. जीतनराम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम को एक-एक सीटें दी गई हैं. वहीं पशुपति पारस की पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली है.