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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी में पहली बार खुद के लिए देंगी वोट, वोटर लिस्ट में जुड़ गया नाम

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अब अमेठी की वोटर बन गई हैं. उन्होंने हाल ही में यहां अपना घर बनवाया था, जिसके बाद वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए अप्लाई किया था. स्मृति ईरानी को जल्द ही वोटर आईडी कार्ड जारी कर दिया जाएगा.

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अमेठी की वोटर बनीं स्मृति ईरानी
अमेठी की वोटर बनीं स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) अब अपने संसदीय सीट अमेठी (Amethi) की वोटर बन गई हैं. इस बार लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में ये पहली बार होगा जब स्मृति ईरानी अपने लिए मतदान करेंगी. उन्होंने अमेठी जिले में अपना घर बनाया है, जिसका हाल ही में गृह प्रवेश भी कराया था.  

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स्मृति ईरानी ने अमेठी की गौरीगंज तहसील के मेदन मवई गांव में अपना घर बनवाया है, जिसका बीते 22 फरवरी को गृह प्रवेश कराया गया है, जिसके बाद अब ईरानी इसी गांव के बूथ संख्या 347 की वोटर बन गई हैं. उनका मतदाता फॉर्म संख्या 6 पूर्ण होने के बाद उन्हें अमेठी का वोटर बना दिया गया है. अब जल्दी ही उनको अमेठी का वोटर आईडी कार्ड जारी हो जाएगा. केंद्रीय मंत्री इससे पहले मुंबई के उत्तर पश्चिम क्षेत्र की मतदाता थीं.  

अमेठी के दो सांसद थे स्थानीय वोटर

बता दें कि इससे पहले अमेठी के दो पूर्व सांसद स्थानीय वोटर थे. रविंद्र सिंह और संजय सिंह बतौर वोटर सांसद बने थे. इनके अलावा अमेठी से जितने भी सांसद चुने गए, सभी बाहरी थे. लेकिन अब कोई बाहरी सांसद पहली बार अमेठी का मतदाता बन गया है.  

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2021 में स्मृति ईरानी ने खरीदी थी जमीन

मालूम हो कि 2019 में अमेठी से सांसद बनने के बाद स्मृति ईरानी ने जनता से वादा किया था कि वो जल्द ही जिले में अपना घर बनवाएंगी. इसके बाद उन्होंने 2021 में घर के लिए 11 बिस्वा जमीन खरीदी थी. अब इस जमीन पर घर बन गया है, जिससे उनके समर्थकों और भाजपाईयों में उत्साह का माहौल है.   

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2014 में पहली बार स्मृति ने अमेठी से लड़ा था चुनाव 

बता दें कि स्मृति ईरानी तीसरी बार अमेठी से चुनावी ताल ठोकने जा रही हैं. इससे पहले वह 2014 में अमेठी से चुनाव लड़ी थीं, लेकिन हार गईं थी. उसके बाद उन्होंने 2019 में राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसी चुनाव में राहुल गांधी ने वायनाड से भी चुनाव लड़ा था, जहां से वह चुनाव जीते थे. लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में अमेठी की जनता ने जो जनादेश दिया, उसे सबसे बड़े राजनीतिक उलटफेर के तौर पर समझा गया क्योंकि गांधी परिवार की विरासत माने जाने वाली अमेठी में 50 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से राहुल गांधी की हार हुई थी. 

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राहुल गांधी ने अमेठी से शुरू की थी राजनीतिक पारी 

साल 2004 में राहुल गांधी ने अमेठी से ही अपनी राजनीतिक पारी शुरू की थी और भारी मतों से जीत हासिल की थी. हालांकि 2014 के लोकसभा चुनावों में ये अंतर काफी कम हो गया था. इससे पहले अमेठी से संजय गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी भी सांसद रह चुके हैं.

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