आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक में सीट शेयरिंग को लेकर सहमति बनने लगी है. यूपी के बाद अब महाराष्ट्र में भी महाविकास अघाड़ी में शामिल दल भी फॉर्मूले पर आगे बढ़ गए हैं. जल्द ही सीट शेयरिंग के साझा प्लान का ऐलान किया जा सकता है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुद अन्य पार्टियों के नेताओं से बात कर रहे हैं.
सूत्रों का कहना है कि गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे के बीच फोन पर सीट बंटवारे को लेकर चर्चा हुई है. इस बातचीत के जल्द पॉजिटिव नतीजे देखने को मिलेंगे. एक दिन पहले राहुल गांधी ने शरद पवार से भी फोन पर बातचीत की थी और सीट बंटवारे पर जल्द सहमति बनाने का आग्रह किया था.
'जिन सीटों पर पेच फंसा, उस पर चर्चा होगी'
राहुल गांधी के फ्रंट फुट पर आकर मोर्चा संभालने के बाद MVA के नेता भी एक्टिव हुए हैं. अब अंतिम चरण में बातचीत होना बाकी है. सूत्र बताते हैं कि MVA के नेताओं ने 27 और 28 फरवरी को एक बैठक आयोजित करने का फैसला किया है. इस बैठक में उन सीटों पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी, जिन पर INDIA ब्लॉक में शामिल एक से ज्यादा पार्टियों की दावेदारी देखने को मिल रही है. इन अनसुलझी लोकसभा सीटों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
'22 फरवरी को नहीं हो पाई बैठक'
दरअसल, महाराष्ट्र कांग्रेस से कई प्रमुख नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत रुक गई थी. आगे की चर्चा के लिए 22 फरवरी को मुंबई में होने वाली बैठक भी स्थगित कर दी गई थी. कहा जा रहा था कि 22 फरवरी को कुछ सीनियर नेता बाहर होने के चलते बैठक में नहीं पहुंच पा रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 8 पर बातचीत अटकी पड़ी है. कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) दोनों इन सीटों पर दावेदारी कर रहे हैं. इन सीटों में रामटेक, हिंगोली, जालना, मुंबई उत्तर-पश्चिम, मुंबई दक्षिण-मध्य, शिरडी, भिवंडी और वर्धा का नाम शामिल है.
'इन पार्टियों के बीच चल रही है बातचीत'
हालांकि, राजू शेट्टी की स्वाभिमानी शेतकारी पार्टी, समाजवादी पार्टी और वामपंथी दल जैसी अन्य पार्टियां भी सीट शेयरिंग पर बातचीत कर रही हैं. इस बीच, वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश अंबेडकर भी एमवीए से नाराज चल रहे हैं. उनका कहना है कि कोई भी सहयोगी दल सीट वितरण पर आम सहमति पर नहीं पहुंच रहा है. अंबेडकर ने कहा, जब एमवीए गठबंधन में सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया जाने लगेगा, तब वो अपना प्रस्ताव पेश करेंगे.
'उद्धव गुट की 23 सीटों पर दावेदारी'
कई सीटों पर एमवीए में दरार की चर्चा के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता और सांसद संजय राउत ने कहा, हम राज्य की 23 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, इनमें मुंबई की चार सीटें शामिल हैं. सहयोगियों के लिए सिर्फ दो सीटें छोड़ी गई हैं. राउत ने भरोसा जताया कि अगली बैठक में सहमति बन जाएगी.
'यूपी में फाइनल, दिल्ली में ऐलान होना बाकी'
इससे पहले यूपी में सपा और कांग्रेस ने सीट शेयरिंग पर सहमति बनने का ऐलान कर दिया है. यूपी में कुल 80 सीटें हैं. इनमें 63 सीटों पर सपा और 17 सीटों पर कांग्रेस आम चुनाव लड़ेगी. सपा मध्य प्रदेश की खजुराहो सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतारेगी और कांग्रेस वहां सपा उम्मीदवार को समर्थन देगी. वहीं, दिल्ली में भी AAP और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला अंतिम दौर में हैं. दिल्ली में 7 लोकसभा सीट हैं. सूत्रों के मुताबिक 4 सीटों पर आम आदमी पार्टी और 3 सीटों पर कांग्रेस के चुनाव लड़ने का ऐलान कभी भी हो सकता है. पंजाब को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है. यहां दोनों दलों की स्थानीय यूनिट अलग-अलग चुनाव लड़ने पर अड़ी है.
'बंगाल में बातचीत पटरी पर आ रही?'
इधर, पश्चिम बंगाल से भी INDIA ब्लॉक को लेकर राहतभरी खबर आ रही है. TMC प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का रुख नरम देखा जा रहा है. ममता ने पहले बंगाल की सभी लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. लेकिन अब बताया जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस को एक बार फिर सीट बंटवारे की पेशकश की है.
'मेघालय की एक सीट पर अटकी बातचीत'
टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को दो सीटों पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है. वहीं, मेघालय और असम में टीएमसी एक-एक सीट पर चुनाव लड़ेगी. हालांकि, दोनों पार्टियों के बीच मेघालय की तुरा सीट को लेकर बात अटकी हुई है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस ये सीट टीएमसी को देने से इनकार कर रही है.
दरअसल, टीएमसी मेघालय की तुरा सीट पर दावेदारी के पीछे 2019 चुनाव का हवाला दे रही है, वहां इस सीट पर 2019 में कांग्रेस का वोट प्रतिशत 9 फीसदी, बीजेपी का 13 फीसदी, टीएमसी का 28 फीसदी और एमएमपी का 40 फीसदी रहा था. टीएमसी का कहना है कि इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस को चुनाव लड़ना चाहिए.