आगामी लोकसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं. इंडिया टुडे ग्रुप ने देश की जनता का मिजाज जानने के लिए सर्वे करवाया है. इंडिया टुडे-सी वोटर ने मूड ऑफ द नेशन सर्वे में 543 लोकसभा सीटों पर जाकर 1,49,092 सैंपल इकट्ठे किए हैं. सर्वे में सबसे पहले यूपी के आंकड़े सामने आए हैं. अगर आज आम चुनाव हुए तो बीजेपी को यूपी में जबरदस्त फायदा मिलते दिख रहा है. 2019 के आम चुनाव के मुकाबले इस बार बीजेपी के वोट शेयर में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है. 2019 में बीजेपी को यूपी में 49.97% वोट मिले थे. इस बार बीजेपी को 52.1 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. यानी 2.13 प्रतिशत वोट बढ़ सकते हैं. इसके साथ ही एनडीए की 8 सीटें भी बढ़ने जा रहे हैं.
जाहिर है कि जब इतने बड़े पैमाने पर वोट प्रतिशत बढ़ेगा तो सीट भी बढ़ना तय हो गया है. जबकि इस बार सपा-कांग्रेस मिलकर 35 प्रतिशत से नीचे दिख रहे हैं. बसपा को अकेले दम पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. उसका कांग्रेस से ज्यादा वोट होने जा रहा है. लेकिन कोई सीट नहीं मिल रही है. उसका वोट प्रतिशत भी घट गया है.
'सर्वे में हमने जानी है लोगों की राय'
यह सर्वे करीब डेढ़ महीने (15 दिसंबर 2023 से 28 जनवरी 2024 तक) के बीच किया गया. हमने 35 हजार लोगों से सीधे बातचीत की है. अलग-अलग तरीके से डेढ़ लाख लोगों को सर्वे में शामिल किया है, उसके बाद हम सर्वे के नतीजे पर पहुंचे हैं. अगर आज लोकसभा चुनाव हुए तो किसको कितनी सीटें मिलेंगी? क्या बीजेपी 370 सीटें जीतेगी? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार तीसरी बार जीत दर्ज करेगी या विपक्ष सेंध लगाएगा? जनता के बीच कौन सबसे लोकप्रिय है?
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'यूपी तय करता है देश के सियासी समीकरण'
उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें तय करती हैं कि देश की सत्ता में कौन काबिज होगा? यह भी तय करती हैं कि आने वाले भविष्य में कौन गठबंधन कहां तक आगे जाएगा और कहां जाकर गिरा दिखाई देगा. यह सर्वे हम हर साल करते हैं.
'बीजेपी को 52.10 प्रतिशत वोट'
MOTN आंकड़ों में यूपी की कुल 80 सीटों में बीजेपी का वोट शेयर 52.1 प्रतिशत आने की उम्मीद है. 2019 में जब यूपी में आम चुनाव हुए थे तो जनता ने बीजेपी को 49.97% फीसदी वोट मिले थे. हालांकि, 2014 के मुकाबले सीटें घट गई थीं.
'कांग्रेस का वोट प्रतिशत घटा'
इस बार कांग्रेस को 5.5% वोट मिलने का अनुमान है. कांग्रेस का वोट प्रतिशत घट रहा है. ये 0.86 प्रतिशत घट रहा है. 2019 में कांग्रेस को 6.36% वोट मिले थे. कांग्रेस ने रायबरेली की सीट भी सीटी थी.
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इस बार 2024 के चुनाव में बसपा और सपा की राहें अलग हैं. दोनों पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ने जा रही हैं. 2024 में सपा और कांग्रेस अलायंस में चुनाव लड़ने जा रही हैं. आरएलडी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
'सपा के वोट प्रतिशत में आया उछाल'
इस बार आम चुनाव से पहले आए सर्वे में सपा को जबरदस्त फायदा मिलते दिख रहा है. 2019 में सपा को 18.11% वोट मिले थे. लेकिन इस बार 11.99 फीसदी वोटों का फायदा पहुंच रहा है. सर्वे के मुताबिक, सपा को 30.10 प्रतिशत वोट मिलने जा रहा है. सपा पिछली बार सपा अलायंस में था और उसका वोट बसपा उम्मीदवारों के खाते में भी पहुंचा था. इस बार बसपा अलग है.
'बसपा को सबसे ज्यादा घाटा'
इसी तरह, इस बार बसपा को 8.4 प्रतिशत वोट मिलने जा रहा है. पिछली बार यानी 2019 में बसपा को 19.4 प्रतिशत वोट मिले थे. यानी बसपा का अकेले चुनाव लड़ने से वोट शेयर घट रहा है. पिछली बार उसे सपा के साथ चुनाव लड़ने से जबरदस्त फायदा पहुंचा था. बसपा का 10% वोट खिसक गया है और यह सपा को मिलने जा रहा है.
'अन्य दलों का वोट प्रतिशत भी घटने की उम्मीद'
इस बार अन्य दलों को कुल 3.9% वोट मिलने की उम्मीद है. पिछली बार 4.4 प्रतिशत वोट अन्य दलों का मिल रहे हैं. यानी अन्य दलों को अपने वोट बैंक का नुकसान उठाना पड़ सकता है.
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इस बार सीटों का क्या...
इस बार बीजेपी को 70 सीटें मिलने जा रही हैं. अपना दल को 2 सीटें मिलने की उम्मीद है. यानी एनडीए 80 में से 72 सीटें लेकर सबसे बड़ी पार्टी बनने जा रही है. वहीं, सपा को 7 सीटें और कांग्रेस को 1 सीट मिल सकती है. यानी सपा को दो सीटों का फायदा पहुंच रहा है. कांग्रेस अपने पुराने प्रदर्शन को बरकरार रखेगी. बसपा को सबसे बड़ा झटका लगने जा रहा है. उसे एक भी सीट मिलते नहीं दिख रही है.
2019 में क्या हुआ था?
2019 में एनडीए को 64 सीटें मिली थीं. बीजेपी ने 62 और अपना दल (एस) ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी. बीएसपी ने 10 सीटों पर जीत हासिल की थी. सपा को 5 सीटें मिली थीं. कांग्रेस ने एक सीट रायबरेली में जीत हासिल की थी.