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बीजेपी से कम सीटों पर लड़कर ज्यादा सीटों पर नीतीश का जलवा, 12 सीटों पर जीते

बिहार में लोकसभा चुनाव की सभी 40 सीटों के नतीजे आ गए हैं. जेडीयू उम्मीदवार 12 सीट पर जीत गए हैं. जेडीयू के इस प्रदर्शन के बाद नीतीश कुमार बिहार में एक बार फिर बड़ी ताकत के रूप में उभरे हैं और इस बार केंद्र में सरकार बनाने में उनकी अहम भूमिका हो सकती है.

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जीत से गदगद हुए नीतीश कुमार
जीत से गदगद हुए नीतीश कुमार

देश के साथ ही बिहार के भी सभी 40 लोकसभा सीटों के नतीजे आ गए हैं. पहले माना जा रहा था कि इस लोकसभा चुनाव में एनडीए की तरफ से बीजेपी और महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी की पार्टी आरजेडी सबसे बेहतर प्रदर्शन करेगी लेकिन नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के प्रदर्शन ने सभी को चौंका दिया है. नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार में बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं और जनता दल यूनाइटेड ने विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है.

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बिहार में बीजेपी से कम सीटों पर चुनाव लड़कर भी जेडीयू के ज्यादातर उम्मीदवार चुनाव जीते. इस लोकसभा चुनाव में बिहार की 16 सीटों पर नीतीश की पार्टी ने चुनाव लड़ा था जिसमें 12 सीटों पर जेडीयू ने जीत हासिल की.

12 सीटों पर जेडीयू की जीत

बांका (गिरधारी यादव- 103844 से जीते), भागलपुर (अजय कुमार मंडल -104868 वोट से जीते), गोपालगंज (आलोक कुमार सुमन- 127180 वोट से जीते), झंझारपुर (रामप्रीत मंडल - 184169 वोट से जीते), मधेपुरा (दिनेश चंद्र यादव, 174534 वोट से जीते), मुंगेर (ललन सिंह 80870 वोट से जीते), नालंदा (कौशलेंद्र कुमार 169114 वोट से जीते), शिवहर (लवली आनंद 29143 वोट से जीत), सीतामढ़ी (देवेश चंद्र ठाकुर 51356 वोट से जीते) सीवान (विजयलक्ष्मी देवी 92857 वोट से जीते), सुपौल (दिलेश्वर कमैत 169803 वोट से जीत) और वाल्मीकि नगर (सुनील कुमार 98675 वोट से जीत).

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बात अगर 2019 के चुनाव नतीजों की करें तो बीजेपी और जेडीयू, दोनों ही पार्टियों ने 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ा था. बीजेपी ने अपने कोटे की सभी 17 सीटें जीती थीं और जेडीयू ने 16. चिराग पासवान की पार्टी ने अपने कोटे की सभी छह सीटें जीती थीं. एनडीए ने 40 में से 39 सीटें जीती थीं और एक सीट कांग्रेस के खाते में गई थी. कांग्रेस ने किशनगंज सीट से चुनाव जीता था.

जेडीयू की जीत के क्या कारण हैं

माना जा रहा है कि केंद्र में सरकार बनाने में नीतीश कुमार की बड़ी भूमिका हो सकती है. चुनावी विश्लेषकों के मुताबिक नीतीश कुमार के कोर वोट बैंक महादलित समुदाय और महिलाओं ने जेडीयू के पक्ष में जमकर वोट किया है. बता दें कि बिहार में नीतीश कुमार की शराबबंदी के फैसले के बाद से ही ज्यादातर महिलाएं नीतीश कुमार के पक्ष में गोलबंद रही हैं.

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