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दक्षिण गोवा से बीजेपी की उम्मीदवार पल्लवी डेम्पो पर निशाना साध रहा विपक्ष, जानें पूरा मामला

विपक्ष ने कहा, 'यह पूरी तरह से भाजपा का विशेषाधिकार है कि वह जिसे चाहे, उसे चुनाव का टिकट दे. हालांकि एक व्यवसायी की पत्नी को उम्मीदवारी देना यह दर्शाता है कि कैसे उद्योगपतियों को भाजपा वफादार पार्टी कार्यकर्ताओं की तुलना में अधिक पसंद करती है.'

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दक्षिण गोवा से बीजेपी के उम्मीदवार पर सवाल उठा रहा विपक्ष
दक्षिण गोवा से बीजेपी के उम्मीदवार पर सवाल उठा रहा विपक्ष

भारतीय जनता पार्टी की ओर से पल्लवी डेम्पो को दक्षिण गोवा से अपना उम्मीदवार घोषित करने के बाद विपक्ष ने एकजुट होकर इस फैसले की आलोचना की है. कांग्रेस, आप और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने दावा किया है कि पल्लवी डेम्पो को इसलिए उम्मीदवारी दी गई है क्योंकि वह राज्य के मशहूर उद्योगपति श्रीनिवास डेम्पो की पत्नी हैं.

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विपक्ष ने उठाए सवाल

विपक्ष ने कहा, 'यह पूरी तरह से भाजपा का विशेषाधिकार है कि वह जिसे चाहे, उसे चुनाव का टिकट दे. हालांकि एक व्यवसायी की पत्नी को उम्मीदवारी देना यह दर्शाता है कि कैसे उद्योगपतियों को भाजपा वफादार पार्टी कार्यकर्ताओं की तुलना में अधिक पसंद करती है. ऐसा लगता है कि भाजपा के जमीनी स्तर के कार्यकर्ता पार्टी के लिए महज दिहाड़ी मजदूर हैं क्योंकि राजनीति या सामाजिक कार्य की पृष्ठभूमि न होने वाले उम्मीदवार को उन पर थोपा गया है. पहले उन्होंने कांग्रेस पार्टी और एमजीपी से भी नेताओं और विधायकों को आयात किया, जिन्हें भाजपा कैडर पर थोप दिया गया और अब डेम्पो की उम्मीदवारी फिर से एक और उदाहरण है.' 

'किस्मत पर निर्भर बीजेपी की राजनीति'

गोवा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, 'इससे ​​कांग्रेस को फायदा होगा.' दक्षिण गोवा निर्वाचन क्षेत्र वर्तमान में कांग्रेस नेता फ्रांसिस्को सरदिन्हा के पास है. गोवा फॉरवर्ड पार्टी के प्रमुख विजय सरदेसाई को लगता है कि भाजपा केवल दक्षिण गोवा में वोट हासिल करने के लिए ब्रांड डेम्पो का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है, जहां पार्टी 1962 के बाद से केवल दो बार जीती है.

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सरदेसाई ने कहा, 'पल्लवी डेम्पो को अपने दक्षिण गोवा के उम्मीदवार के रूप में नामांकित करके, भाजपा गोवा ने स्वीकार किया है कि महिला मोर्चा सहित पूरे भाजपा परिवार में एक भी पार्टी सदस्य नहीं है, जो समझदार, राजनीतिक रूप से जागरूक लोगों का सामना कर सके. दक्षिण गोवा के गोएमकर मतदाताओं पर सवाल उठाते हुए, गोवा के मतदाताओं के बीच विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा के संकट का सामना कर रही पार्टी अब दक्षिण गोवा में जीत हासिल करने के लिए 'डेम्पो' नाम का सहारा लेना चाह रही है. इस प्रकार पार्टी ने कबूल कर लिया है कि गोवा में ब्रांड बीजेपी की राजनीति अब किस्मत पर निर्भर है.'

'घबरा गई है बीजेपी'

AAP को लगता है कि भाजपा शुरू में चार महिला नेताओं सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर विचार कर रही थी, लेकिन अचानक पल्लवी डेम्पो के पक्ष में निर्णय लिया गया. गोवा आप प्रमुख अमित पालेकर ने कहा, 'अपने उम्मीदवार की घोषणा करने से तीन महीने पहले बीजेपी कह रही थी कि वे अपनी पार्टी से तीन नामों पर विचार कर रहे हैं. चुनाव नरेंद्र सवाईकर, दामू नाइक या बाबू केवलेकर के बीच था. बीजेपी की चार महिला नेताओं के बारे में भी बात की गई थी. हालांकि, अचानक पल्लवी डेम्पो का नाम सामने आया, जो एक उद्योगपति की पत्नी हैं. ऐसा लगता है कि भाजपा दक्षिण गोवा में हार से घबरा गई है और इसीलिए उन्होंने इस प्रसिद्ध उद्योगपति की प्रसिद्धि पर सवारी करने का फैसला किया है.'

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'कांग्रेस ने क्यों नहीं उतारा उम्मीदवार?'

इस बीच भाजपा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पल्लवी डेम्पो ने पार्टी के महिला मोर्चा के कई कार्यक्रमों में भाग लिया था और अब पूरा कैडर उनके पीछे है. बीजेपी ने यह भी सवाल किया है कि इंडिया गठबंधन ने अब तक इस सीट से अपने उम्मीदवार की घोषणा क्यों नहीं किया है. 

भाजपा के गोवा प्रवक्ता गिरिराज पई वर्नेकर ने कहा, 'बीजेपी के उम्मीदवारों के चयन पर विपक्ष की ओर से बहुत सारी टिप्पणियां की गई हैं फिर भी, यह एक तथ्य है कि बीजेपी के दक्षिण गोवा उम्मीदवार की घोषणा के 2 सप्ताह बाद भी, कांग्रेस एक उम्मीदवार को नामांकित करने में विफल रही है. जहां तक ​​पल्लवी का सवाल है, उन्होंने अतीत में कई महिला मोर्चा कार्यक्रमों में भाग लिया है और भाजपा की सदस्य भी रही हैं. शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके काम को किसी परिचय की जरूरत नहीं है. विपक्ष होने वाली हार से घबरा गया है.'

उन्होंने कहा, 'बीजेपी कैडर एकजुट है. टिकट के संभावित लोगों सहित सभी कार्यकर्ता पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल के लिए प्रचार कर रहे हैं. 'इंडिया' ब्लॉक को बीजेपी पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय आंतरिक मतभेदों को दूर करने और उम्मीदवार ढूंढ़ने पर ध्यान देना चाहिए. जनता के साथ उनका अलगाव 4 जून को नतीजे आने पर स्पष्ट हो जाएगा.'

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