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'PDA किसी की जेब का एजेंडा नहीं', सपा से गठबंधन टूटने के बाद पल्लवी पटेल का अखिलेश यादव पर वार

अखिलेश यादव ने एक दिन पहले ही यह ऐलान किया था कि अपना दल (कमेरावादी) के साथ अब सपा का गठबंधन नहीं है. सपा से गठबंधन टूटने के बाद पल्लवी पटेल ने अखिलेश यादव पर हमला बोला है. पल्लवी ने पीडीए को लेकर अखिलेश पर वार किया.

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अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल
अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक दिन पहले ही यह ऐलान किया था कि अपना दल (कमेरावादी) के साथ अब कोई गठबंधन नहीं है. अखिलेश की ओर से गठबंधन टूटने का ऐलान किए जाने के बाद इसे लेकर अब अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल की भी प्रतिक्रिया आई है. पल्लवी पटेल ने कहा है कि अखिलेश यादव ने गठबंधन को लेकर जो कहा है, हम उसका स्वागत करते हैं. हमारी शुभकामनाएं अखिलेश यादव के साथ हैं और उनको हमसे जो उम्मीद है, उसे हम पूरा करेंगे.

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उन्होंने यह भी कहा कि मैंने सपा के सिंबल पर विधानसभा चुनाव लड़ा जरूर था लेकिन सपा विधायक नहीं हूं. मेरी विधानसभा सदस्यता समाप्त कराने का अधिकार सपा के पास है, मैं अपना दल गठबंधन की विधायक हूं. पल्लवी पटेल ने आगे कहा कि इंडिया ब्लॉक गठबंधन में शामिल दलों के साथ क्या करता है, यह उनकी जिम्मेदारी है. सपा हमसे गठबंधन तोड़ रही है तो यह उनकी जिम्मेदीर है जिन्होंने विपक्षी गठबंधन को आकार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में नीतीश कुमार के साथ जैसा किया गया, वैसा ही राजमाता कृष्णा पटेल के साथ किया जा रहा है.

पल्लवी पटेल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से इंडिया गठबंधन की हर बैठक के लिए हमें बुलाया गया. अब आगे क्या होता है, हम इंडिया ब्लॉक का हिस्सा हैं भी या नहीं, यह देखना होगा. अब कांग्रेस को यह तय करना है कि उन्हें पिछड़ा-दलित नेताओं की जरूरत है कि नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि हमने सपा-कांग्रेस से फूलपुर, कौशांबी और मिर्जापुर से चुनाव लड़ने को लेकर बातचीत की थी. पल्लवी ने अखिलेश यादव पर तंज करते हुए कहा कि 2017 में उनके 47 विधायक थे. 2022 में 47 से 111 पहुंचे और वोट शेयर 34 फीसदी पहुंचा.

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उन्होंने दावा किया कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा, केशव देव का महान दल, संजय चौहान की जनवादी सोशलिस्ट पार्टी,जयंत चौधरी की आरएलडी और कृष्णा पटेल का अपना दल (कमेरावादी) भी सपा के साथ थे. फिर भी अखिलेश यादव कह रहे हैं कि गठबंधन टूटने से कोई फर्क नहीं पड़ता. पल्लवी ने तंज करते हुए कहा कि वह ठीक ही कह रहे हैं, 34 फीसदी वोट मिलने के बाद सपा को लगने लगा कि यह उनका वोट है और अब उन्हें किसी की जरूरत नहीं है.उन्होंने कहा कि यह सपा का भ्रम है.

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पीडीए को लेकर अखिलेश पर हमला बोलते हुए पल्लवी ने कहा कि यह किसी की जेब का एजेंडा नहीं है. पीडीए एक बड़ा मिशन है और मैं इसके लिए प्रतिबद्ध हूं. उन्होंने दावा किया कि पीडीए न बिखरा है, ना बिखरेगा. यह और मजबूती से आगे जाएगा. उन्होंने राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन की हार को लेकर कहा कि मुझे इस बात का कोई दुख नहीं है. पल्लवी ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जब आरक्षण लागू होना था, तब आलोक ने दलितों-पिछड़ों को बैकफुट पर ला दिया था.

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भविष्य की रणनीति को लेकर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने एनडीए में जाने को लेकर कहा कि अभी ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं आया है. अगर कोई प्रस्ताव आता है तो पार्टी इस पर निर्णय लेगी. अनुप्रिया को लेकर सवाल पर पल्लवी ने कहा कि वह अपनी राह पर हैं और हमें अपना रास्ता तय करना है.

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