लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार की एक सीट को लेकर खूब चर्चा रही. यह सीट थी पूर्णिया लोकसभा सीट. इस सीट से पप्पू यादव इंडिया ब्लॉक की ओर से टिकट के दावेदार थे. लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की विधायक बीमा भारती को उम्मीदवार बना दिया तो पप्पू निर्दलीय ही मैदान में कूद पड़े.
पप्पू यादव ने कांटे के मुकाबले में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जेडीयू के संतोष कुमार 16 हजार वोट से अधिक के अंतर से हरा दिया है. आरजेडी उम्मीदवार बीमा भारती तीसरे स्थान पर रहीं. 2010 में सूबे की बांका लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के बाद यह पहला मौका है जब बिहार की किसी सीट से कोई निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीतकर संसद पहुंचेगा.
2009 में आखिरी बार जीते थे निर्दलीय
बिहार में साल 2009 के आम चुनाव में सूबे की दो सीटों से निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे. तब बिहार की बांका सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह संसद पहुंचे थे तो वहीं सिवान सीट से ओमप्रकाश यादव को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत मिली थी. दिग्विजय के निधन से रिक्त हुई बांका सीट पर 2010 में उपचुनाव हुए. उपचुनाव में दिग्विजय की पत्नी पुतुल कुमारी को जीत मिली और तब से अब तक किसी चुनाव में किसी सीट से कोई निर्दलीय नहीं जीत सका है. 2014 और 2019 के आम चुनाव में भी बिहार से निर्दलीयों की झोली खाली ही रही.
लोकसभा चुनाव रिजल्ट 2024: सीट वाइज नतीजे देखने के लिए यहां क्लिक करें...
पप्पू को सूट करती है निर्दल राजनीति
पप्पू यादव की यह बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लोकसभा चुनाव में तीसरी और कुल मिलाकर चौथी चुनावी जीत है. पप्पू को निर्दल राजनीति सूट करती है. पप्पू ने अपने चुनावी सफर का आगाज भी बतौर निर्दलीय चुनाव लड़कर ही किया था. हालांकि, वह विधानसभा चुनाव था. पप्पू यादव 1990 में मधेपुरा की सिंहेश्वर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़े और जीते.
पप्पू यादव तीसरी बार निर्दलीय सांसद
पप्पू यादव इससे पहले भी दो बार निर्दलीय सांसद रहे हैं और दोनों ही बार वह पूर्णिया सीट से ही संसद पहुंचे थे. पप्पू यादव ने पूर्णिया लोकसभा सीट से 1991 और 1999 का चुनाव भी बतौर निर्दलीय उम्मीदवार ही जीता था. पप्पू यादव 1996 में पूर्णिया से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीते थे. वह मधेपुरा सीट से भी दो बार सांसद रहे हैं और दोनों ही बार आरजेडी के टिकट पर.
पप्पू यादव कुल छह बार सांसद रहे जिसमें दो बार वह आरजेडी से जीतकर पहुंचे तो एक बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर. यह तीसरा मौका है जब पप्पू यादव बतौर निर्दलीय चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं. कुल मिलाकर देखें तो पप्पू यादव 2014 के चुनाव तक विधानसभा और लोकसभा के कुल चार चुनाव बतौर निर्दल उम्मीदवार जीत चुके हैं.
कांग्रेस से टिकट के दावेदार थे पप्पू यादव
पप्पू यादव कांग्रेस से टिकट के दावेदार थे. टिकट के आश्वासन पर पप्पू यादव ने अपनी जन अधिकार पार्टी के कांग्रेस में विलय का ऐलान भी कर दिया था. आरजेडी ने ऐन वक्त पर जेडीयू विधायक बीमा भारती को पार्टी में शामिल करा पूर्णिया सीट से उम्मीदवार बना दिया. पप्पू यादव ने तब लालू यादव से टिकट की गुहार लगाते हुए यह भी कहा था कि आरजेडी के सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार हूं.