scorecardresearch
 

'BJP की इन योजनाओं से लोगों में गुस्सा, आगे भी देखने को मिलेंगे विरोध प्रदर्शन', प्रशांत किशोर का दावा

प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले दिनों में विपक्ष की कमजोर होती स्थिति के बीच विपक्ष की भूमिका जनता ही निभाएगी. उन्होंने बताया कि साल 2014-2019 के बीच जनता ने जमीन अधिग्रहण बिल पर जमकर विरोध किया. इस मामले पर सरकार अध्यादेश लाती रही. लेकिन अंत में सरकार को बैकफुट पर आना ही पड़ा. यहां पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में एकमात्र विरोध प्रदर्शन था.

Advertisement
X
प्रशांत किशोर ने इंडिया टुडे टीवी से खास बातचीत की.
प्रशांत किशोर ने इंडिया टुडे टीवी से खास बातचीत की.

पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट प्रशांत किशोर ने इंडिया टुडे से खास बातचीत में कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को 300 सीटें मिलने की संभावना है. प्रशांत किशोर ने कहा, 'जिस दिन से पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी को 370 सीटें मिलेंगी और एनडीए 400 का आंकड़ा पार करेगा, मैंने कहा कि यह संभव नहीं है. यह सब कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए नारेबाज़ी है. बीजेपी के लिए 370 सीटें हासिल करना असंभव है, लेकिन यह भी निश्चित है कि पार्टी 270 के आंकड़े से नीचे नहीं जा रही है. 

Advertisement

प्रशांत किशोर ने कहा, मुझे लगता है कि भाजपा पिछले लोकसभा चुनाव में मिली संख्या के बराबर ही सीटें हासिल करने में सफल रहेगी, जो कि 303 सीटें या शायद उससे थोड़ी बेहतर है.' इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने उन मुद्दों पर भी बात की जिनपर कि जनता में भाजपा के प्रति गुस्सा है. 

'जनता ही निभाएगी विपक्ष की भूमिका'

बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले दिनों में विपक्ष की कमजोर होती स्थिति के बीच विपक्ष की भूमिका जनता ही निभाएगी. उन्होंने बताया कि साल 2014-2019 के बीच जनता ने जमीन अधिग्रहण बिल पर जमकर विरोध किया. इस मामले पर सरकार अध्यादेश लाती रही. लेकिन अंत में सरकार को बैकफुट पर आना ही पड़ा. यहां पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में एकमात्र विरोध प्रदर्शन था. वहीं 2019-2024 के बीच यानी दूसरे कार्यकाल में सरकार और मजबूती से आई. लेकिन विरोध के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी हुई. 

Advertisement

इन मुद्दों पर होगा विरोध प्रदर्शन- प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर के मुताबिक मोदी सरकार को अपने दूसरे कार्यकाल में तीन बार जनता के सामने झुकना पड़ा. इनमें कृषि कानून, CAA-NRC का विरोध और SC-ST एक्ट शामिल हैं. PK ने कहा, 'सरकार ने कृषि कानून वापस लिए, CAA-NRC को लागू करने में देरी और SC-ST एक्ट के चलते भी सरकार को 7-8 दिनों में अपने कदम वापस लेने पड़े. ऐसे ही आगामी कार्यकाल को लेकर अनुमान जताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले समय में ऐसे और विरोध प्रदर्शन हमें देखने को मिलेंगे. 

प्रशांत किशोर ने कहा कि अगले पांच सालों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, GST से नुकसान और आरक्षण से संबंधित बेरोजगारी से जुड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिलेगा. 

Live TV

Advertisement
Advertisement