प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर में रैली की. रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस रहती है वहां विकास नहीं हो सकता. कांग्रेस ने ना कभी गरीब की परवाह की और ना कभी वंचितों शोषितों युवाओं के बारे में सोचा. कांग्रेस के लिए यही कहा जा सकता है कि एक तो करेला दूसरे नीम चढ़ा. एक तो परिवारवादी पार्टी है दूसरा उतनी ही भ्रष्टाचारी पार्टी है.
'कांग्रेस का घोषणा पत्र झूठ का पुलिंदा'
पीएम मोदी ने कांग्रेस के घोषणापत्र को झूठ का पुलिंदा बताया. PM मोदी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने एक झूठ पुलिंदा, अपना घोषणा पत्र जारी किया है. इसके हर पन्ने से भारत के टुकड़े करने की बू आ रही है. कांग्रेस के घोषणा पत्र में वही सोच झलकती है, जो सोच आजादी के समय मुस्लिम लीग में थी. मुस्लिम लीग के उस समय के विचारों को कांग्रेस भारत पर आज थोपना चाहती है.
'भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए रैली कर रही कांग्रेस'
पीएम ने कहा कि कांग्रेस के समय में गांव, गरीब, किसान, मजदूर, युवा, महिला इन सभी का जीना मुश्किल हो गया था. हर दिन अखबारों में या तो घोटालों की खबरें छपती थीं या आतंकी हमलों की खबरें आती थीं. लेकिन 2014 से देश में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हुई. PM ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, चुनाव जीतने के लिए रैली नहीं कर रही है, भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए रैली कर रही है. ये कितना भी बोलते रहे, भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी की लड़ाई जारी रहेगी.
'नीयत सही रहती है तो नतीजे सही आते हैं'
PM मोदी ने कहा कि नीयत सही रहती है तो नतीजे सही आते हैं. आज गांव की बेटियां ड्रोन उड़ा रही हैं. खेल के मैदान में हमारी बेटियां कमाल कर रही हैं. आज इसरो के बड़े प्रोजेक्ट्स को महिलाएं हैंडल कर रही हैं. आज दुनिया में महिला पायलट्स का सबसे ज्यादा प्रतिशत भारत में हैं. उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में कभी-कभी ऐसे मौके आते हैं, जब देश के नागरिकों का एक फैसला अगले सैकड़ों वर्षों का भविष्य तय करता है. 2024 का ये चुनाव ऐसा ही एक अवसर है.
मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि 6 अप्रैल को ही भाजपा की स्थापना हुई थी. ये संयोग देखिए कि आज ही मुझे पुष्कर क्षेत्र में आने का सौभाग्य मिला है. ब्रह्माजी तो निर्माता हैं और भाजपा भी नए भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है.
देश के इतिहास में कभी-कभी ऐसे मौके आते हैं, जब देश के नागरिकों का एक फैसला अगले सैकड़ों वर्षों का भविष्य तय करता है. 2024 का ये चुनाव ऐसा ही एक अवसर है. आज याद कीजिए, कितने दशकों तक हमारे देश में जोड़-तोड़ वाली सरकारें चलीं. गठबंधन की मजबूरियां और हर किसी के अपने स्वार्थ. इन सब में देश का हित पीछे छूट गया था.