चुनाव आयोग ने इस वर्ष से घर से वोटिंग करने की नई नीति जारी की है. उम्र के 85 साल पूरे कर चुके तथा पोलिंग सेंटर तक पहुंचने में असमर्थ लोगों के लिए नाम रजिस्टर करने के बाद यह सुविधा उपलब्ध की गई है. महाराष्ट्र में 19 अप्रैल को प्रथम चरण का मतदान गढ़चिरोली सभा क्षेत्र में होने जा रहा है.
नई नीति के तहत गढ़चिरोली संसदीय क्षेत्र में घर से वोटिंग की योजना शुरू की गई है. गढ़चिरोली जिला प्रशासन ने अति दुर्गम तथा नक्सली संवेदनशील इलाके में इसकी पहल कर दी है. अहेरी उपजिला मुख्यालय से सिरोंचा तक यह दूरी तय की गई. यहां के 2 बुजुर्ग मतदाताओं के लिए 100 किलोमीटर का फासला तय कर टीम उनके घर पहुंची.
100 वर्षीय किस्टय्या तथा 86 वर्ष के किस्तय्या कोमरा के घर जाकर पूरी सावधानी और नियम पालन कर मतदान संपन्न कराया गया. बीमारी के चलते पोलिंग सेंटर तक जाने में अक्षम सीनियर सिटीजन के लिए नई नीति सफल साबित हो रही है. इन 2 मतदाताओं ने वोटिंग में हिस्सा लेकर लोकतंत्र में अपनी भूमिका दर्ज की. इस नई नीति के चलते बुजुर्ग तथा दिव्यांग मतदाताओं को राहत मिली है.
कोम्मरा किस्टय्या के बेटे रमण कोमेरा ने कहा कि, मेरे पिता बीमारी के चलते उठकर पोलिंग सेंटर नहीं जा सकते. 2 दिन से गांव के प्राइमरी टीचर यहां आकर गृह मतदान रजिस्ट्रेशन कर चले गए. हमारे मन में गृह मतदान को लेकर आशंका थी, लेकिन अचानक पोलिंग टीम 100 किमी की दूरी तय कर घर पहुंची. हमको आश्चर्य हुआ. टीम ने पूरी सावधानी के साथ निष्पक्ष मतदान कराया. यह नई नीति लोकतंत्र के लिए अच्छी पहल है. हम लोग बहुत खुश हैं.
वहीं, वोटिंग अधिकारी चुनाव आयोग ने इस चुनाव यह लागू की है 85 वर्ष उम्र के सीनियर सिटीजन घर से ही वोटिंग की सुविधा उपलब्ध हो रही है इसके साथ दिव्यांग जनों के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध है. गढ़चिरौली-चिमूर लोकसभा क्षेत्र में अब तक 85 वर्ष से अधिक उम्र के 923 मतदाताओं और 282 विकलांग मतदाताओं सहित कुल 1205 मतदाताओं ने घरेलू मतदान के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। सम्पूर्ण निर्वाचन क्षेत्र से 85 वर्ष से अधिक आयु के 1037 तथा 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता प्रमाण पत्र वाले 338 मतदाताओं सहित 1375 मतदाताओं का घरेलू मतदान हेतु आवेदन निर्वाचन निर्णय अधिकारी शसंजय दैने द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है.
Input - Vyankatesh Dudumwar