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'बीजेपी के संविधान में 75 साल जैसी कोई बंदिश नहीं, 2024 ही नहीं, 2029 में भी PM बनेंगे मोदी', आजतक से बोले राजनाथ सिंह

लोकसभा चुनाव के चार चरणों की वोटिंग हो चुकी है. तीन चरणों के मतदान अभी बाकी हैं. राजनेता अपने उम्मीदवारों के लिए जोर-शोर से प्रचार में लगे हुए हैं और पूरे देश में रैलियां, चुनावी सभाएं और रोड शो कर रहे हैं. चुनावी व्यस्तताओं के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आजतक से खास बातचीत की और कई सवालों के बेबाकी से जवाब दिए.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की आजतक से खास बातचीत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की आजतक से खास बातचीत

लोकसभा चुनाव के चार चरणों की वोटिंग हो चुकी है. तीन चरणों के मतदान अभी बाकी हैं. राजनेता अपने उम्मीदवारों के लिए जोर-शोर से प्रचार में लगे हुए हैं और पूरे देश में रैलियां, चुनावी सभाएं और रोड शो कर रहे हैं. चुनावी व्यस्तताओं के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आजतक से खास बातचीत की और कई सवालों के बेबाकी से जवाब दिए. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी न सिर्फ 2024 बल्कि 2029 में भी देश के प्रधानमंत्री होंगे. इसमें कोई संशय नहीं है.

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राजनाथ सिंह से पूछा गया, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री के तौर पर आपके कार्यकाल के लिए हुए फैसले और आपका व्यक्तित्व भी यह निर्धारित करेगा कि बीजेपी का 400 पार का नारा कैसे पूरा होगा. अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि चुनाव जीतते ही दो महीने के अंदर योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे. 

'2024 ही नहीं 2029 में भी PM बनेंगे मोदी'

रक्षा मंत्री ने कहा, 'अरविंद केजरीवाल की ओर से लगाए जा रहे ये आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार हैं. ये सभी बातें वे हताशा और निराशा के कारण बोल रहे हैं. जहां तक भारतीय जनता पार्टी एनडीए नेतृत्व का प्रश्न है, वह 400 से अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करेगा और जो यह कहते हैं कि 2024 के बाद मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे. मैं यह पूरी तरह से स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मोदी जी केवल 2024 ही नहीं बल्कि वह 2029 में भी देश के प्रधानमंत्री होंगे. इसमें कहीं कोई पुनर्विचार की गुंजाइश है ही नहीं.' 

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उनसे पूछा गया, केजरीवाल एक और आरोप लगाते हैं कि वे अमित शाह के लिए तैयारी कर रहे हैं. इस चुनाव में वे अमित शाह के लिए वोट मांग रहे हैं और वह 75 साल वाली बात. इस पर राजनाथ सिंह ने कहा, 'वे पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार बातें कर रहे हैं. जिस समय इसकी चर्चा चली थी 2014 में तब मैं भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष था. इस संबंध में कोई फैसला नहीं हुआ था और भाजपा के संविधान में भी इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है कि जिसकी आयु 75 साल हो जाएगी वह चुनाव नहीं लड़ेगा, वह किसी दायित्व को नहीं ले सकता है, ऐसा कहीं कोई प्रश्न ही नहीं खड़ा होता है. मैं बार-बार इस बात को कहना चाहता हूं कि मोदी जी 2024 में भी भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे, 2029 में भी भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे. इसमें कहीं कोई पुनर्विचार की गुंजाइश है ही नहीं.'

रायबरेली, अमेठी के सवाल पर क्या बोले रक्षा मंत्री?

रक्षा मंत्री से सवाल किया गया, इस चरण में जब चुनाव होंगे आपकी सीट पर भी वोटिंग है. ऐसी कई सीटों पर वोटिंग होगी जिन पर सभी की नजरें हैं. प्रधानमंत्री कहते हैं कि बीजेपी इस बार 80 की 80 लोकसभा सीटें जीतेगी. पर यहीं पर अमेठी और रायबरेली का भी चुनाव होना है. जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा, 'रायबरेली, अमेठी में चुनाव हो रहा होगा. अमेठी में स्वयं राहुल गांधी चुनाव हार चुके हैं. अगर प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि 80 सीटों पर भाजपा जीतेगी तो यह सच है. उत्तर प्रदेश में 80 की 80 सीटों पर हमें विजय प्राप्त होगी. जनसामान्य ने मूड बना रखा है. मैं देशभर का दौरा कर रहा हूं और सभाओं के दौरान जनता का जो मूड मुझे देखने को मिल रहा है और अन्य माध्यमों से भी जो मुझे सूचना प्राप्त होती है उस आधार पर मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि बीजेपी नेतृत्व की एनडीए 400 से अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करने जा रही है.'

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रायबरेली को लेकर आपका क्या आकलन है क्योंकि 80 में 80 का मतलब रायबरेली भी जीतनी पड़ेगी, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'रायबरेली और अमेठी... सभी सीटों पर भाजपा जीतेगी.' राजपूत समुदाय की नाराजगी पर उनसे सवाल पूछा गया, राजपूत समुदाय की नाराजगी की बात आ रही थी और अभी से नहीं पहले चरण से आ रही थी. यहां पर दो सीटें बल्कि चार सीटें ऐसी हैं जहां फैक्टर्स और भी अलग-अलग हो जाते हैं, चाहें राजा भैया का फैक्टर हो जो कहते हैं कि जहां मन हो वोट डालो. धनंजय सिंह भी जो साथ आते हुए दिख रहे हैं.

'21वीं सदी भारत की है'

जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा, 'समाज के हर वर्ग के लोग भाजपा के साथ हैं. सब लोग यह चाहते हैं कि मोदी जी को भारत का प्रधानमंत्री बनना चाहिए क्योंकि 10 वर्षों का जो उनका कार्यकाल रहा है उसमें सारा देश यह महसूस करता है कि सारी दुनिया में भारत का कद बढ़ा है. साथ ही साथ देश की अर्थव्यवस्था भी पहले की तुलना में ताकतवर हुई है, काफी मजबूत हुई है. यह कोई छोटी बात नहीं है. 2014 में इकॉनमी के साइज में हमारा भारत जो दुनिया में 11वें स्थान पर था वह 2024 के आने से पहले ही दुनिया के टॉप 5 देशों में आकर खड़ा हो गया है और बड़ी-बड़ी फाइनेंशियल फर्म इस बात का दावा कर रही हैं कि 2027 आते-आते भारत इकॉनमी के साइज में टॉप-3 देशों में आकर खड़ा हो जाएगा. इतना ही नहीं दुनिया के बहुत सारे देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी इस बात को कहते हैं कि 21वीं सदी अगर दुनिया में किसी देश की है तो भारत की है. अभी मैं अमेरिका के एंबेस्डर का स्टेटमेंट पढ़ रहा था. किसी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आप भविष्य देखना चाहते हैं तो भारत आइए. अगर आप भविष्य को महसूस करना चाहते हैं तो भारत आइए. अगर आप भविष्य पर काम करना चाहते हैं तो भारत आइए. पूरी इंटरनेशनल कम्युनिटी में भारत के प्रति कितनी ऊंची धारणा बनी है. यह हम सभी भारतवासियों के लिए गर्व की बात है. 

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रक्षा मंत्री से सवाल किया गया, प्रधानमंत्री ने आजतक को इंटरव्यू देते हुए कहा कि मैं हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं करता हूं. कोई संप्रदाय की बात करता है तो मैं जवाब देता हूं. लखनऊ एक ऐसी सीट है जहां पर, अभी तक के जो आंकड़े बताते हैं चाहें वह अटल बिहारी वाजपेयी का संसदीय दौर रहा हो या आपका, वोट डालने से पहले वह कभी मजहबी एंगल नहीं सोचते हैं. 

जवाब में उन्होंने कहा, 'लखनऊ में मुझे हिंदू-मुस्लिम दोनों का समर्थन प्राप्त हो रहा है और देश के दूसरे कोने से भी जो लोग लखनऊ में रहते हैं उनका भी समर्थन मुझे प्राप्त हो रहा है. मेरे लिए खुद भी इस तरह का स्नेह प्राप्त होना अप्रत्याशित है. मैं मानता हूं कि वह सिर्फ हमारे कारण ही नहीं है बल्कि हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने जो काम किया है यह उसका असर है और हमारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जिस तरह से कानून-व्यवस्था को सुधारा है और जिस तरह से विकास की योजनाएं शुरू हुई हैं और पूरी की गई हैं उनको देखकर जनसामान्य की धारणा यह बनी हुई है.

 'भाजपा जाति, पंथ और मजहब की राजनीति नहीं करती'

रक्षामंत्री से पूछा गया, विपक्ष यह दिखाने का प्रयास करता है कि योगी आदित्यनाथ की जो कार्रवाई है वह एक माफिया को खत्म करने के लिए एक धर्म के विरुद्ध है. आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने जवाब दिया, 'भाजपा जाति, पंथ और मजहब की राजनीति नहीं करती है. भाजपा इंसाफ और इंसानियत की राजनीति करती है.' मुसलमानों के आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा, 'हम नहीं चाहते हैं कि इस देश के किसी समाज को कोई भी राजनीतिक पार्टी गुमराह करे. कांग्रेस सहित इंडी अलायंस के जितने घटक हैं सब के सब इस देश के अल्पसंख्यकों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत के संविधान में धर्म के आधार जब कोई प्रावधान है ही नहीं तो कैसे करेंगे. मैं एक उदाहरण आपको देना चाहता हूं. जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एक बार ऐसे ही धर्म के आधार पर आरक्षण हो गया था. सुप्रीम कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया था. जो चीज संभव नहीं है, संविधान में जिसका प्रावधान नहीं है... जनता को क्यों गुमराह कर रहे हैं, जनता से क्यों झूठ बोल रहे हो. मैं इन सारे नेताओं से कहना चाहूंगा सार्थक राजनीति केवल और केवल सच बोलकर की जा सकती है. जनता की आंखों में धूल झोंककर लंबे समय तक राजनीति नहीं की जा सकती.'

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राजनाथ सिंह से पूछा गया, इंडिया गठबंधन के जितने भी दल हैं, अरविंद केजरीवाल मंच पर अखिलेश यादव के साथ आए, प्रेस कान्फ्रेंस की, राहुल गांधी साथ आ रहे हैं. ममता बनर्जी कह रही हैं कि इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी तो हम बाहर से समर्थन देंगे, इसके क्या कारण लगे आपको? जवाब में उन्होंने कहा, 'आप देखिए इंडी अलायंस की पार्ट तो वो हैं नहीं. जहां तक केजरीवाल का प्रश्न है उनके बारे में भी मैं आपको बता दूं. बाहर भले वह इंडी अलायंस के पार्टनर हों लेकिन पंजाब में आप और कांग्रेस एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. एक-दूसरे की जितनी आलोचना की जा सकती है उतनी आलोचना भी कर रहे हैं तो यह मानी हुई बात है कि इंडी अलायंस आज तक जनसामान्य में अपनी विश्वसनीयता बना ही नहीं पाया है. चुनाव जीतने का प्रश्न ही नहीं है.'

'अग्निवीरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी सरकार'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूछा गया, चुनावों के समय अग्निवीर का मुद्दा बहुत बड़ा बनाया है. राहुल गांधी कहते हैं कि हम सत्ता में आए तो इसे हटा देंगे, केजरीवाल भी यह कह रहे हैं. उन्होंने जवाब दिया, 'सुरक्षा के मुद्दे पर किसी पार्टी को इस तरह की गलत बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. जहां तक अग्निवीर के जवान हैं उनके भविष्य की चिंता हमारी सरकार को है. बहुत सोच समझ कर अग्निवीर की भर्ती का फैसला किया गया है. कोई नौजवान 18 साल की आयु में अग्निवीर में सैनिक के रूप में भर्ती होगा, चार साल तक वह अपनी सेवाएं देता है, 22 साल की उम्र में निकलेगा तो उसके हाथ में कई लाख रुपए होंगे और साथ ही साथ उसे इंटरमीडिएट पास होने का सर्टिफिकेट भी मिलेगा क्योंकि अग्निवीर में भर्ती होने की न्यूनतम योग्यता हाईस्कूल है. आगे वह ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहता है, प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठना चाहता है तो वह बैठ सकता है. इतना ही नहीं जो भी हमारी पैरामिलिट्री फोर्सेस हैं उनमें उनके लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा बहुत सी संस्थाओं ने अग्निवीरों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की है. मैं सभी अपने अग्निवीर जवानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी भी सूरत में हमारी सरकार उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी.'

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'पीओके पर हमें कब्जा नहीं करना पड़ेगा'

रक्षा मंत्री से पूछा गया, पीओके को लेकर आप बहुत मजबूत बयान देते रहे हैं और हाल ही में आपने जो बात कही थी कि वहीं से आवाज उठेगी, वह लग रहा है जैसे सच भी होने लगी है. जवाब में उन्होंने कहा, 'पीओके को लेकर मैंने कभी कोई स्ट्रॉन्ग स्टेटमेंट नहीं दिया है. हमारा स्टेटमेंट हमेशा से बहुत माइल्ड रहा है. धारा 370 समाप्त होने के बाद आप सब स्वयं भी इस बात को महसूस कर रहे होंगे कि कश्मीर घाटी के हालात में बहुत बड़ा बदलाव आया है और जम्मू के साथ-साथ कश्मीर का भी विकास बहुत तेजी से हो रहा है. वोटिंग प्रतिशत भी लगभग 40 प्रतिशत के आसपास पहुंच रहा है, 37 प्रतिशत से ज्यादा. मुझे लगता है कि कश्मीर के इतिहास में यह पहली बार हुआ है. मुझे लगता है कि पीओके तो पास में ही है और पीओके के लोगों को यह सब दिखाई दे रहा है. आज से तीन-चार साल पहले ही मैंने कहा था कि पीओके पर हमें कब्जा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. पीओके के भाई-बहन स्वयं इस बात की डिमांड करेंगे कि हमको भारत के साथ मर्ज होना है. मैं इसके प्रति पूरी तरह से आश्वस्त हूं और आपने देखा कि आज के साल-डेढ़ साल पहले पीओके में यह मांग समय-समय पर उठने लगी है कि हम भारत के साथ जाना चाहते हैं.'

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उनसे पूछा गया, लोग सोचते थे कि अपने जीवनकाल में राम मंदिर देख पाएंगे या नहीं, 370 तो कोई सोचता भी नहीं था तो पीओके को लेकर जो आपके विचार हैं ये संभव हैं? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब देते हुए कहा, समयसीमा तो मैं कोई निर्धारित नहीं करना चाहता हूं लेकिन मुझे लगता है कि जल्द ही कुछ न कुछ होगा. भारत को पीओके को लेने के लिए आक्रमण करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, ऐसा मैं मानता हूं. पीओके हमारा था, हमारा है और पीओके हमारा रहेगा और पीओके निश्चित रूप से भारत का हिस्सा बनेगा इसमें कहीं दोमत नहीं है.'

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