बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. इसमें कई सांसदों के टिकट काटे गए हैं, तो कुछ नए चेहरों पर भरोसा किया गया है. राजधानी दिल्ली की दक्षिणी दिल्ली लोकसभा सीट से बीजेपी ने रमेश बिधूड़ी के टिकट पर कैंची चला दी है, उनकी जगह रामवीर बिधूड़ी को चुनावी मैदान में उतारा गया है.
टिकट का ऐलान होने के बाद रामवीर बिधूड़ी ने आजतक से कहा कि दिल्ली की जनता ने मन बना लिया है कि बीजेपी के सभी सातों उम्मीदवारों को 70 फीसदी से ज्यादा वोट देंगे. 2019 में करीब 60 फीसदी वोट मिला था. उन्होंने कहा कि हमें फीडबैक मिल रहा है कि इस बार लोग जाति-धर्म को किनारे रखते हुए बीजेपी को वोट देंगे. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने देश को विकास के रास्ते पर जिस तेजी से आगे बढ़ाया है और जितनी भी जनकल्याण की योजनाएं शुरू की हैं, उसमें कोई भेदभाव नहीं किया गया है.
दक्षिणी दिल्ली सीट से रमेश बिधूड़ी का टिकट क्यों कटा, इस सवाल के जवाब में रामवीर बिधूड़ी ने कहा कि बीजेपी की लीडरशिप सोच विचार कर जो भी फैसला करती है, पार्टी के सभी कार्यकर्ता उसका सम्मान करते हैं. रमेश बिधूड़ी ने तीन बार लोकसभा का चुनाव लड़ा है. हम उनके साथ हमेशा खड़े रहे हैं. हम दोनों एक ही गांव से आते हैं. मेरी उनके घर से महज 50 मीटर की दूरी है. मेरी उनसे फोन पर बात हुई है, उन्होंने कहा है कि मैं आपका भरपूर सहयोग करूंगा. मैं रविवार को उनके घर पर जाकर मुलाकात करूंगा.
दिल्ली की सातों सीट बीजेपी जीतेगीः बिधूड़ी
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि जब चुनाव के परिणाम आएंगे तो पूरा देश हैरान रह जाएगा कि क्या कमाल हुआ है. उन्होंने कहा कि लोग पीएम मोदी के उम्मीदवारों को वोट देंगे. पूरे देश में 400 से ज्यादा सीटें आएंगी. उन्होंने कहा कि मैं कल रमेश बिधूड़ी से मुलाकात करूंगा. हमारी पार्टी के सभी कार्यकर्ता मिलकर चुनाव लड़ेंगे. इंडिया गठबंधन की चुनौती को लेकर उन्होंने कहा कि लोगों ने मन बना लिया है कि बीजेपी को ही वोट देना है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के किसी भी उम्मीदवार को 70 फीसदी से कम वोट नहीं मिलेगा. साथ ही कहा कि बीजेपी की सातों सीटों पर जीत सुनिश्चित है.
कौन हैं रामवीर सिंह बिधूड़ी?
रामवीर सिंह बिधूड़ी का जन्म 4 दिसंबर 1952 को ग्राम तुगलकाबाद में किसान परिवार में हुआ था. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज से 1973 में राजनीति विज्ञान में स्नातक किया. वह 1970 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए और जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता भी रहे. 1993 में दिल्ली विधानसभा का गठन हुआ था. तब उन्होंने बदरपुर सीट से रामसिंह नेताजी को मात दी थी और विधायक बने थे. 14 अप्रैल 2008 को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ विधायक के पुरस्कार से सम्मानित किया था. 2013 में रामवीर बिधूड़ी भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने. 2020 में चौथी बार विधायक चुने जाने के बाद उन्हें भाजपा विधानमंडल के नेता के रूप में चुना गया था.