पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को दावा किया कि लोकसभा चुनाव से दो दिन पहले पुलवामा जिले में धारा 144 लागू कर दी गई और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को स्थानीय प्रशासन ने हिरासत में ले लिया था. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने अधिकारियों पर पुलवामा में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को परेशान करने और हिरासत में लेकर चुनाव को "फिक्सिंग" करने का भी आरोप लगाया, जहां 13 मई को मतदान होगा.
मुफ्ती ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "पुलवामा जिले में धारा 144 लागू कर दी गई, जो पहले कभी नहीं हुआ. श्रीनगर में जहां चुनाव होने हैं वहां मतदान खत्म होने तक प्रतिबंध लगाए गए हैं.' मुफ्ती ने स्थानीय प्रशासन पर 1987 के चुनावों के दौर को दोहराने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया, जिसमें कथित तौर पर धांधली हुई थी और जिसे घाटी में हिंसा का कारण माना गया था. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के पीछे का मुख्य उद्देश्य उनके लोकसभा अभियान को पटरी से उतारना था.
इस बीच, पुलवामा के उपायुक्त (डीसी)/जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने धारा 144 लगाने को जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एक नियमित आदेश बताया. डीसी पुलवामा ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा "ईसीआई के दिशानिर्देश के अनुसार चुनाव से पहले के 72 घंटों और 48 घंटों के लिए विशिष्ट एसओपी को लागू करना अनिवार्य है. ऐसे आदेश अन्य जिलों द्वारा भी जारी किए गए हैं जहां चुनाव हुए थे या चुनाव होने जा रहे हैं,'' अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट के हिस्से के रूप में पुलवामा में चौथे चरण में 13 मई को मतदान होगा.