देशभर में लोकसभा चुनाव 2024 का सियासी बिगुल बज चुका है. बिहार में समस्तीपुर जिले के उजियारपुर लोकसभा सीट से राजद ने आलोक कुमार मेहता को टिकट दिया है. इससे राजद खेमे में बगावती तेवर सामने आए हैं. युवा राजद के पूर्व जिलाध्यक्ष अमरेश राय उजियारपुर क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान किया है. ये कभी तेजस्वी के हनुमान कहे जाते थे.
दरअसल, समस्तीपुर जिले के उजियारपुर लोकसभा सीट से एनडीए से केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, तो राजद की ओर से पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता को उम्मीदवार बनाया गया है. बता दें कि अमरेश राय खुद को तेजस्वी यादव का हनुमान कहते थे, लेकिन आलोक कुमार मेहता और नित्यानंद राय को बाहरी उम्मीदवार बता कर बाहरी बनाम स्थानीय का नारा दिया है.
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'हेलीकॉप्टर से नामांकन करने जाएंगे अमरेश राय'
अमरेश राय ने 24 अप्रैल को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में हेलीकॉप्टर से नामांकन करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि जनविश्वास यात्रा के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को इस बात अवगत कराया था कि वे अपनी पत्नी राजश्री को उजियारपुर से चुनाव लड़ाए, नहीं तो किसी स्थानीय उम्मीदवार को टिकट दिया जाए. लेकिन राजद ने ऐसा नहीं किया.
उन्होंने आगे कहा, जो विधायक का चुनाव लड़ेंगे मंत्री बनेगें और वही लोकसभा चुनाव भी लड़ेंगे. ऐसे में हम निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करने पर मजबूर हो गए हैं.
'भाजपा के प्रत्याशी नित्यानंद राय को मिलेगा फायदा'
वहीं, राजनीतिक विशेषज्ञ बताते हैं कि यादव जाति से आने वाले अमरेश राय अगर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करते हैं, तो सीधे तौर पर राजद के प्रत्याशी आलोक कुमार मेहता को नुकसान पहुंचाने का काम करेंगे. इसका सीधा फायदा भाजपा के प्रत्याशी नित्यानंद राय को मिलेगा.