राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू यादव ने अपनी एक और बेटी रोहिणी आचार्य को भी चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है. सारण से रोहिणी आचार्य का लोकसभा चुनाव लड़ना लगभग तय है. यही वजह है कि रोहिणी आचार्य ने अपना पहला चुनावी अभियान शुरू करने से पहले मां राबड़ी देवी और पिता लालू यादव के साथ सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर पहुंची जहां उन्होंने पूजा अर्चना की. रोहिणी आचार्य ने ही बीते साल अपने पिता को किडनी देकर उनकी जान बचाई थी.
बता दें कि बीजेपी ने सारण सीट पर अपने मौजूदा सांसद और कद्दावर पार्टी नेता राजीव प्रताप रूडी को ही फिर से उम्मीदवार बनाया है. सारण सीट पर लालू परिवार का बेहद प्रभाव माना जाता है. इसी सीट (तब छपरा) से साल 1977 में लालू यादव पहली बार जीतकर संसद पहुंचे थे.
लालू यादव को इस सीट पर हरा चुके हैं रुडी
इस सीट पर 2004 में लालू यादव ने रूडी को हरा दिया था और सारण से तीसरी बार संसद बने थे. 2009 में भी लालू यादव इस सीट से चुनाव जीत गए थे. इसके बाद 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में राजीव प्रताप रुडी ने इस सीट पर अपना बादशाहत कायम रखी है.
वहीं बात अगर रोहिणी आचार्य की करें तो वो सिंगापुर में रहती हैं और मीसा भारती के बाद लालू यादव की दूसरी बेटी हैं जो राजनीति के मैदान में उतरी हैं. बता दें कि रोहिणी आचार्य को चुनाव मैदान में उतारे जाने पर बिहारी के डिप्टी सीएम और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने लालू यादव को लेकर विवादित बयान दिया था.
बीजेपी ने साधा था निशाना
उन्होंने पूर्व सीएम लालू पर निशाना साधते हुए कहा कि, टिकट बेचने में लालू यादव ने अपनी बेटी को भी नहीं छोड़ा. पहले अपनी बेटी की किडनी ली और उसके बाद लोकसभा चुनाव का टिकट दे दिया.
सम्राट के बयान पर लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने पलटवार किया था. उन्होंने कहा था कि ओछी सोच और ओछे चरित्रवालों की हर ओछी बात का जवाब जनता के बीच, जनता जनार्दन की अदालत में दूंगी. सही-गलत का फैसला जनता करेगी.