समाजवादी पार्टी में किस प्रत्याशी का टिकट कब कट जाए और उसके बाद फिर मिल जाए, इसकी गारंटी कोई नहीं ले सकता है. मुरादाबाद, रामपुर और मेरठ में सबने देखा कि प्रत्याशी को लेकर सपा के अंदर कितनी कंफ्यूजन है. इसी तरह बदायूं में भी देखा गया कि किस तरह सैफई परिवार के ही दो प्रत्याशियों को बदला गया. अब चर्चा है कि समाजवादी पार्टी ने जिस सीट पर दो दिन पहले ही प्रत्याशी की घोषणा की थी, उसका भी टिकट कट सकता है.
सपा ने हाल ही में कन्नौज से सैफई परिवार के सदस्य और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के दामाद तेज प्रताप यादव को टिकट दिया था. तेज प्रताप पहले मैनपुरी सीट से सांसद रह चुके हैं. ऐसी चर्चा है कि अब कन्नौज से उनका टिकट कट सकता है. कहा जा रहा है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. ये भी कहा जा रहा है कि सपा इसलिए इतने उम्मीदवार बदल रही है क्योंकि अखिलेश किसी भी सीट पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. जिस प्रत्याशी को लेकर स्थानीय संगठन में जरा भी विरोध होता है तो वो प्रत्याशी बदल देते हैं या फिर अगर उन्हें लगता कि प्रत्याशी जातीय समीकरण में फिट नहीं बैठ रहा है तो भी उसका टिकट काट दिया जा रहा है. पढ़िए इससे पहले सपा ने किन-किन सीटों पर अपने प्रत्याशी बदले हैं.
कन्नौज से भी उम्मीदवार बदल सकती है सपा, भतीजे तेज प्रताप की जगह खुद चुनाव लड़ सकते हैं अखिलेश यादव
गौतमबुद्ध नगर में दो बार बदला उम्मीदवार
सपा ने गौतमबुद्ध नगर में डॉ. महेंद्र नागर को अपना उम्मीदवार घोषित किया, लेकिन बाद में उनकी जगह राहुल अवाना को टिकट दे दिया. इसके बाद फिर उलटफेर करते हुए डॉ. महेंद्र नागर को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया, जिसके बाद गौतमबुद्ध नगर की लड़ाई डॉक्टर बनाम डॉक्टर हो गई क्योंकि यहां से बीजेपी प्रत्याशी के रूप में वर्तमान सांसद डॉ. महेश शर्मा को उतारा है.
मुरादाबाद में टिकट को लेकर हुई थी खींचतान
सपा को अपने प्रत्याशी का चयन करने में सबसे ज्यादा दिक्कत मुरादाबाद में हुई. दरअसल यहां सपा ने वर्तमान सांसद एसटी हसन को ही उतार दिया था, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि जेल में बंद आजम खान ने इस पर वीटो कर दिया और उन्होंने रुचि वीरा को टिकट दिलवाया. नामांकन के आखिरी दिन सपा मुरादाबाद में अपना प्रत्याशी तय कर पाई.
रामपुर में भी असमंजस की स्थिति
मुरादाबाद की तरह ही प्रत्याशी को लेकर सपा की स्थिति रामपुर में थी. फाइनली अखिलेश ने यहां से दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मुहिबुल्लाह नदवी को अपना प्रत्याशी घोषित किया. इससे पहले आजम खान के करीबी और लोकसभा उपचुनाव में प्रत्याशी रहे आसिम रजा ने भी अपना नामांकन दाखिल कर दिया था.
मेरठ में दो बार बदला उम्मीदवार
मेरठ में समाजवादी पार्टी ने दो बार अपना उम्मीदवार बदला है. सपा ने इस सामान्य सीट से पहले दलित प्रत्याशी भानु प्रताप को उतार दिया. हालांकि बाद में उन्होंने सरधना से विधायक अतुल प्रधान को टिकट दे दिया, लेकिन बाद में पार्टी ने पूर्व विधायक योगेश वर्मा की पत्नी और सुनीता वर्मा को अपना उम्मीदवार घोषित किया.
बदायूं में पहले धर्मेंद्र फिर शिवपाल और अब आदित्य
यही नहीं गढ़ माने जानी वाली बदायूं सीट पर समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवार बदले हैं. दरअसल सपा ने पहले यहां से पूर्व सांसद और सैफई परिवार के सदस्य धर्मेंद्र यादव को टिकट दिया. उसके बाद उनकी जगह शिवपाल यादव को मैदान में उतारा. हालांकि बाद में शिवपाल ने अपने बेटे आदित्य यादव को यहां से प्रत्याशी बनवा दिया.
मिश्रिख सीट पर तीन बार बदला प्रत्याशी
मिश्रिख सीट पर समाजवादी पार्टी ने पहले रामपाल राजवंशी को टिकट दिया था. उसके बाद उनके बेटे मनोज राजवंशी और फिर मनोज की पत्नी संगीता राजवंशी को प्रत्याशी बनाया था. हालांकि पार्टी ने बाद में पूर्व सांसद राम शंकर भार्गव को मैदान में उतार दिया.
बागपत और बिजनौर में भी बदले उम्मीदवार
समाजवादी पार्टी ने जयंत चौधरी के गढ़ बागपत और बिजनौर में भी अपने उम्मीदवार बदले हैं. अखिलेश ने बागपत में पहले मनोज चौधरी को उतारा था, लेकिन बाद में उनका टिकट काटकर अमरपाल शर्मा को प्रत्याशी बना दिया. इस सीट पर उनका मुकाबला राष्ट्रीय लोक दल के प्रत्याशी राजकुमार सांगवान से है.
वहीं अगर बिजनौर की बात करें तो सपा ने पहले पूर्व सांसद यशवीर सिंह पर दांव खेला था, लेकिन बाद में उनका टिकट काटकर नूरपुर से सपा विधायक रामअवतार सैनी के बेटे दीपक सैनी को टिकट दिया है. दीपक का मुकाबला आरएलडी प्रत्याशी चंदन चौहान से होगा. चंदन अभी मीरापुर से विधायक हैं और उन्हें गुर्जर समाज का युवा नेता माना जाता है.
सुल्तानपुर में भी बदला उम्मीदवार
सुल्तानपुर में भी सपा ने अपना उम्मीदवार बदला है. यहां पहले भीम निषाद को टिकट दिया गया था, लेकिन उनका पत्ता काटकर बाद में रामभुआल निषाद को प्रत्याशी बनाया गया है. इस सीट पर उनका मुकाबला बीजेपी प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से होगा.
संभल में भी बदला गया उम्मीदवार
समाजवादी पार्टी ने संभल में अपने सांसद शफीकुर्रहमान बर्क को फिर से मैदान में उतारा था, लेकिन उनका निधन हो गया. उसके बाद सपा ने शफीकुर्रहमान के पोते और कुंदरकी से वर्तमान विधायक जियाउर्रहमान बर्क को टिकट दिया है.