तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की सभी 42 लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. इस बार सबकी निगाहें बशीरहाट लोकसभा सीट पर थीं क्योंकि जिस संदेशखाली इलाके में हंगामा मचा हुआ था, वो इलाका इसी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. इस सीट पर एक्ट्रेस नुसरत जहां सांसद थीं, टीएमसी ने उनका टिकट काटकर हाजी नुरुल इस्लाम को दिया है.
टीएमसी ने कूचबिहार लोकसभा सीट से जगदीश चंद्र बसुनिया को उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं बहरामपुर से क्रिकेट के दिग्गज यूसुफ पठान को टिकट दिया गया है, जो अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ चुनावी मैदान में होंगे.
इसके अलावा अलीपुरद्वार से प्रकाश बारिक, जलपाईगुड़ी से निर्मल राय, दार्जिलिंग से गोपाल लामा, आसनसोल से शत्रुघ्न सिन्हा, रायगंज से कृष्णा कल्यानी, कृष्णा नगर से महुआ मोइत्रा, बालुरघाट से बिप्लव मित्र, मालदा नॉर्थ से प्रसून बनर्जी, मालदा दक्षिण से शहनाज अली रैहान, रानाघाट से मुकुट मणि अधिकारी, बैरकपुर से अर्जुन सिंह की जगह पार्था भौमिक और दमदम से सौगत रॉय, जाधवपुर से सयोनी घोष और डायमंड हार्बर सीट से अभिषेक बनर्जी को टिकट दिया गया है.
संदेखशाली कब सुर्खियों में आया?
संदेशखाली उस समय सुर्खियों में आया, जब वहां की महिलाओं ने टीएमसी नेता शाहजहां शेख पर जमीन हड़पने और उसके गुर्गों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. इस मामले को लेकर लेफ्ट और बीजेपी पार्टियों ने ममता सरकार के खिलाफ जमकर विरोध किया. संदेशखाली में धारा 144 लगाकर विपक्ष के नेताओं को वहां जाने से रोका गया, हालांकि बीजेपी के नेताओं ने बंगाल से लेकर दिल्ली तक इस मामले को उठाया और ममता सरकार पर दबाव बनाया कि संदेशखाली के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो.
बंगाल पुलिस ने इसके गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन शाहजहां शेख पर हाथ डालने से पुलिस डर रही थी. कोलकाता हाई कोर्ट ने जब शाहजहां की गिरफ्तारी का आदेश दिया तो पुलिस ने एक्शन लेते हुए देर रात गिरफ्तार किया गया. उसके बाद उसे सीबीआई को सौंप दिया गया है.