एनसीपी (SP) अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'उंगली पकड़कर' राजनीति में आने वाले बयान पर तंज कसा है और पीएम पर 'अलग रुख' अपनाने का आरोप लगाया है. पवार ने 'निजी हमलों' और अलग विचारधारा रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर भी हमला बोला है.
शरद पवार सोमवार को पुणे जिले के बारामती में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, जब मैं केंद्रीय कृषि मंत्री था, तब मैंने गुजरात की जबरदस्त मदद की थी. उस समय मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे. मैंने यह नहीं देखा कि वो किस पार्टी से हैं. मैंने देखा कि उनके राज्य में किसानों को खुश करने की जरूरत है और इसलिए मैंने उनकी मदद की.
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'आज अलग नजरिया देखने को मिल रहा'
शरद पवार ने आगे कहा, एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि वो बारामती आना चाहते हैं. यहां उन्होंने अपने भाषण में कहा, वे शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति में आगे बढ़े थे और मैंने अब तक जो भी (विकासात्मक) कार्य किए हैं, उसे पवार साहब ने मेरी उंगली पकड़कर करना सिखाया था. लेकिन आज वो (मोदी) बदल गए हैं और अलग दृष्टिकोण अपना रहे हैं.
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'केजरीवाल और हेमंत की गिरफ्तारी पर बरसे पवार'
शरद पवार ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के मामलों का हवाला दिया और कहा, अगर कोई व्यक्तिगत आलोचना करता है या अलग रुख अपनाता है तो उसे जेल में डाल दिया जाता है. उन्होंने पूछा- क्या यह लोकतंत्र है? नहीं, यह तानाशाही है.
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'वो उंगली बहुत भारी पड़ी'
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में एक कार्यक्रम में शरद पवार की मौजूदगी में कहा था कि वो राजनीति में पवार की उंगली पकड़कर आए हैं. साल 2022 में जब पवार से पूछा गया कि मोदीजी कहते हैं कि वे पवार की उंगली पकड़ राजनीति में आए हैं? इस पर शरद पवार ने सिर्फ इतना कहा था कि मुझे पता नहीं था कि मेरी उंगली इतनी भारी पड़ेगी. आज पता चलता है कि वो उंगली काफी भारी पड़ी है. इससे पहले भी उनकी तरफ से सियासी हमले हुए हैं, लेकिन इशारों में वार करने का चलन रहा है. इस बार एनसीपी प्रमुख ने सीधे पीएम मोदी पर अपना निशाना रखा है.