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त्रिपुरा में 600 आदिवासी वोटर्स ने किया मतदान का बहिष्कार, जानें- क्या है वजह

त्रिपुरा ईस्ट लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले धलाई जिले के एक दूरदराज आदिवासी गांव के 600 से अधिक मतदाताओं ने 7 किलोमीटर लंबी गांव की सड़क की मरम्मत न होने के कारण मतदान का बहिष्कार किया.

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त्रिपुरा में 600 आदिवासी वोटर्स ने मतदान का बहिष्कार किया
त्रिपुरा में 600 आदिवासी वोटर्स ने मतदान का बहिष्कार किया

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत आज 13 राज्यों की 88 सीटों पर वोटिंग हुई. इसमें त्रिपुरा भी शामिल है. यहां एक सीट त्रिपुरा ईस्ट पर वोटिंग हुई. लेकिन यहां खराब सड़क को लेकर 600 से अधिक आदिवासी मतदाताओं ने वोटिंग का बहिष्कार कर दिया.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि त्रिपुरा ईस्ट लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले धलाई जिले के एक दूरदराज आदिवासी गांव के 600 से अधिक मतदाताओं ने 7 किलोमीटर लंबी गांव की सड़क की मरम्मत न होने के कारण मतदान का बहिष्कार किया. अधिकारी ने कहा कि करीब 900 लोगों की आबादी वाला ये समुदाय कई महीनों से लगातार सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे है.

गंडाचेरा (राइमा घाटी) के एसडीएम अरिंदम दास ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान दल त्रिपुरा पूर्वी लोकसभा सीट के अंतर्गत राइमा घाटी विधानसभा क्षेत्र के सदाई मोहन पारा मतदान केंद्र पर पहुंचा. अरिंदम दास ने बताया कि ग्रामीण मतदान केंद्र के बाहर खड़े हैं, लेकिन वोट डालने के लिए उसमें एंट्री नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे सरकारी उदासीनता के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि ग्रामीण लोकतंत्र के उत्सव में शामिल होंगे और प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा.

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एसडीएम ने कहा कि ग्रामीणों ने पीने के पानी की समस्या के बारे में भी शिकायत की है, रिपोर्ट मिलने के बाद अधिकारियों की एक टीम वोटर्स को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए मनाने के लिए सदाई मोहन पारा पहुंची. उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि 2 मतदान केंद्रों के मतदाता एक धलाई जिले के मालदापारा (सदाई मोहा पारा) में और दूसरा गुमटी जिले के अम्पी में, वोट नहीं डालने जा रहे हैं, क्योंकि सड़क और पानी की आपूर्ति की उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया है. 

हालांकि राज्य के संसदीय कार्य मंत्री रतन लाल नाथ ने बताया कि मैं वहां ग्रामीणों को चुनाव में वोट डालने के लिए मनाने के लिए गया था. उन्होंने कहा कि इन दो घटनाओं को छोड़कर अब तक सभी बूथों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि सीपीआई (एम) बूथों पर पोलिंग एजेंटों को भेजने में विफल रही है, ऐसा लगता है कि वह युद्ध के मैदान से भाग रही है.

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