Uttar Pradesh Exit Poll Result 2024 Live Updates: लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर सात चरणों में मतदान हुआ. जहां बीजेपी इस बार प्रदेश की 80 की 80 सीटों पर जीत का दावा कर रही है, वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव 79 सीटों पर जीत का दावा कर रहे हैं और एक सीट पर टक्कर बता रहे हैं. अब देखना होगा कि किसका दावा किस हद तक सही होगा. चुनाव के नतीजे चार जून को देश के सामने आ जाएंगे, लेकिन आखिरी चरण के मतदान के तुरंत बाद आजतक पर सटीक एग्जिट पोल के नतीजे आने शुरू हो गए हैं. हम आपको aajtak.in पर एग्जिट पोल के नतीजे दे रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में इस बार मायावती को बड़ा झटका लग सकता है. आजतक के एग्जिट पोल में उनकी पार्टी बीएसपी को 0-1 सीट मिल सकती है. पिछले चुनाव में बीएसपी को 10 सीटों पर जीत मिली थी. दरअसल पिछले चुनाव में बीएसपी और समाजवादी पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा था.
उत्तर प्रदेश में इस बार एनडीए की सीटें बढ़ सकती हैं. वहीं वोट प्रतिशत की बात करें तो एनडीए को 49 फीसदी वोट मिल सकते हैं. वहीं इंडिया गठबंधन को 39 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. इसके अलावा सीट की बात करें तो एनडीए को 67 से 72 सीटें मिल सकती हैं, वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को आठ से 12 सीटें मिल सकती हैं. बता दें कि यूपी में एनडीए को पिछले चुनाव में 64 सीटें मिली थीं. इनमें 62 सीटें बीजेपी, जबकि दो सीटें अपना दल (एस) को मिली थीं. वहीं बहुजन समाज पार्टी को 10, सपा को पांच और कांग्रेस को एक सीट मिली थी.
देश की राजधानी और यूपी के पड़ोसी राज्य दिल्ली की बात करें तो यहां भी बीजेपी को 6-7 सीटें मिल सकती हैं, जबकि इंडिया गठबंधन को 0-1 सीट मिल सकती है. अगर वोट शेयर की बात करें तो दिल्ली में BJP को 54 फीसदी वोट शेयर मिलता दिख रहा है तो वहीं 44 फीसदी वोट INDIA ब्लॉक को मिल रहा है.
हम आपको उत्तर प्रदेश के एग्जिट पोल के बारे में बताएंगे, लेकिन इससे पहले यूपी के पड़ोसी राज्यों में एमपी और बिहार में किस पार्टी को बढ़त मिली है. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, मध्य प्रदेश में बीजेपी को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है. इस बार बीजेपी राज्य की सभी 29 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है. वहीं बिहार में एनडीए को झटका मिलता हुआ दिखाई दे रहा है. यहां INDIA गठबंधन को 10 सीटें मिलने का अनुमान जताया है. इससे पहले बिहार में कांग्रेस की सिर्फ एक सीट किशनगंज थी. जबकि आरजेडी का खाता भी नहीं खुला था.
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एग्जिट पोल में बीजेपी की बढ़त को देखते हुए कहा कि एग्जिट पोल में कमल का तूफान है. उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के दावे- खोदा पहाड़ निकली चुहिया. चार जून को नतीजे एग्जिट पोल से भी बेहतर होंगे. तीसरी बार मोदी सरकार, चार जून को 400 पार.
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपाई राजतंत्र के प्रतीक ‘सेंगोल’ को फिर से स्थापित करना चाहते हैं, उसके विपरीत इंडिया गठबंधन लोकतंत्र के प्रतीक ‘संविधान’ को फिर से स्थापित करना चाहता है. 'संविधान' लोकतंत्र की संजीवनी रहा है और हमेशा रहेगा.
इस बार के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने कई सीटों पर अपने प्रत्याशी कई बार बदले. सपा ने गौतमबुद्धनगर में दो बार उम्मीदवार बदला. पहले डॉ. महेंद्र नागर को उम्मीदवार बनाया. फिर राहुल अवाना को टिकट दे दिया. हालांकि बाद में फिर महेंद्र नागर को प्रत्याशी बना दिया. इसी तरह मुरादाबाद में एसटी हसन का टिकट काटकर रुचि वीरा को दिया गया. रामपुर में भी असमंजस की स्थिति दिखाई दी, हालांकि फाइनली सपा ने दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मुहिबुल्लाह नदवी को अपना प्रत्याशी घोषित बनाया. सपा ने मेरठ में दो बार उम्मीदवार बदाल. बदायूं में पहले शिवपाल को टिकट दिया गया और बाद में आदित्य यादव को उतार दिया. मिश्रिख सीट पर तीन बार प्रत्याशी बदला गया. इसी तरह बागपत, बिजनौर, सुल्तानपुर और संभल में उम्मीदवार बदला गया.
इस बार के लोकसभा चुनावों में सैफई परिवार के पांच सदस्य चुनावी मैदान में हैं. इनमें सपा मुखिया अखिलेश यादव कन्नौज से, डिंपल यादव मैनपुरी से, अक्षय यादव फिरोजाबाद से, बदायूं से आदित्य यादव और आजमगढ़ से धर्मेंद्र यादव हैं. इनमें से केवल मैनपुरी सीट पर इस समय सपा का कब्जा है.
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दावा किया है कि INDIA की टीम और PDA की रणनीति जीतने जा रही है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "4 जून को मंगल के दिन मंगल होगा…"
इंडिया टुडे और एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के लिए 43 दिनों में पांच लाख 80 हजार लोगों से बात की गई. इस दौरान 542 संसदीय क्षेत्रों के 22 हजार 288 गांव-शहरों का दौरा किया गया. इस दौरान सर्वे के लिए 912 लोगों की टीम जुटी हुई थी.
भारतीय जनता पार्टी ने इस बार जहां पूर्वांचल में ओम प्रकाश राजभर को अपने साथ जोड़ा, वहीं पश्चिमी यूपी में जयंत चौधरी की राष्ट्रीय लोकदल को भी एनडीए में शामिल किया. बीजेपी ने सुभासपा के लिए घोसी सीट छोड़ी, जिस पर राजभर के बेटे अरविंद राजभर चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं जयंत चौधरी की पार्टी के लिए दो सीटें बिजनौर और बागपत छोड़ी थीं. इसके अलावा संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद को संत कबीर नगर से अपने सिंबल से चुनाव में उतारा.
लोकसभा चुनाव में यूपी में इस बार समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस का गठबंधन था. जहां कांग्रेस ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा, वहीं टीएमसी का सिर्फ भदोही से ही प्रत्याशी था. इसके अलावा बची हुई 62 सीटों पर समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी उतारे थे.
सपा मुखिया अखिलेश यादव पहले से ही दावा करते आ रहे हैं कि इंडिया गठबंधन 80 में से 79 सीटों पर चुनाव जीत रहा है. अब उन्होंने मीडिया से बात करते हुए दावा किया है कि वाराणसी में चुनाव फंस गया है. अखिलेश ने कहा, "अब क्योटो में भी चुनाव फंस गया है." बता दें कि वह वाराणसी को क्योटो बुलाते हैं.
यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो पिछले चुनाव में बुंदेलखंड की चारों सीटों हमीरपुर, बांदा, झांसी, जालौन पर बीजेपी ने चुनाव जीता था. इसके अलावा मध्य यूपी की 17 सीटों में से 16 बीजेपी और एक रायबरेली सीट कांग्रेस ने जीती थी. इसके अलावा वेस्ट यूपी की 27 सीटों में से बीजेपी ने 19 सीटें जीती थीं. इसके अलावा सपा और बसपा ने चार-चार सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं अगर पूर्वांचल की बात करें तो 32 में से 26 बीजेपी, एक सपा और पांच बसपा ने जीती थीं.
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एग्जिट पोल पर कहा कि हमारी सरकार बनने जा रही है. वो (पीएम मोदी) तो समुद्र की तरफ मुंह करके बैठे हैं. उन्होंने पीठ कर ली है जनता से, इस बार जनता भी उनके खिलाफ खड़ी हो गई है.
यूपी की वीआईपी सीटों की बात करें तो इनमें वाराणसी (पीएम मोदी), रायबरेली (राहुल गांधी), अमेठी (स्मृति ईरानी), कन्नौज (अखिलेश यादव), लखनऊ (राजनाथ सिंह), गोरखपुर (रवि किशन), आजमगढ़ (धर्मेंद्र यादव), मेरठ (अरुण गोविल) शामिल हैं. इसके अलावा पीलीभीत (जहां वरुण गांधी का टिकट कटा), सुल्तानपुर (मेनका गांधी), मुजफ्फरनगर (संजीव बालियान), बलिया (नीरज शेखर) और नगीना (चंद्रशेखर) पर भी नजरें बनी रहेंगी.
यूपी में सातवें चरण की बात करें तो इसमें एक जून को महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज में वोटिंग हुई थी. इस चरण का फाइनल आंकड़ा सामने नहीं आया है.
छठे चरण में 25 मई को सुल्तानपुर, फूलपुर, इलाहाबाद, अंबेडकर नगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संत कबीर नगर, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, मछलीशहर, भदोही और प्रतापगढ़ में वोटिंग हुई. इन सीटों पर 54 फीसदी वोटिंग हुई थी.
पांचवे चरण की बात करें तो इसमें 14 सीटों पर करीब 58 फीसदी मतदान हुआ था. इस चरण में 20 मई को वोटिंग हुई थी. जिन सीटों पर वोटिंग हुई उनमें मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज और गोंडा शामिल हैं.
यूपी में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 13 मई को 13 सीटों पर मतदान हुआ था. यहां करीब 57.88 फीसदी वोटिंग हुई थी. चौथे चरण में शाहजहांपुर, खीरी, धौरहरा, सीतापुर, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर और बहराइच में वोटिंग हुई थी.
यूपी में तीसरे चरण में 7 मई को 10 सीटों पर मतदान हुआ. इनमें संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला और बरेली सीटें शामिल हैं. इन 10 सीटों पर करीब 58 फीसदी मतदान हुआ था.
यूपी में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में आठ सीटों पर 26 अप्रैल को मतदान हुआ. इनमें अमरोहा, मेरठ, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और गाजियाबाद शामिल हैं. इन सीटों पर 54.83 फीसदी मतदान हुआ था.
यूपी की 80 लोकसभा सीटों पर सातों चरणों में मतदान संपन्न हुआ. पहले चरण में 19 अप्रैल को सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत में मतदान हुआ था. इसमें करीब 58.49 फीसदी वोटिंग हुई थी.
अगर 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो उस चुनाव में जहां भारतीय जनता पार्टी ने 62 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) दूसरे नंबर पर रही. बीएसपी ने 10 सीटों पर परचम लहराया और समाजवादी पार्टी ने पांच सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं कांग्रेस की बात करें तो सोनिया गांधी ही रायबरेली सीट से जीत हासिल करने में कामयाब हो पाई थीं, जबकि राहुल गांधी अपनी अमेठी सीट से चुनाव हार गए थे. बता दें कि इस चुनाव में बीएसपी-सपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था.