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भदोही लोकसभा चुनाव परिणाम 2024 (Bhadohi Lok Sabha Election 2024)

चुनाव 2024 के उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • WON

    Dr. Vinod Kumar Bind

    BJP

    459982
  • LOST

    Laliteshpati Tripathi

    AITC

    415910
  • LOST

    Harishankar

    BSP

    155053
  • LOST

    Premchand Bind

    PMSP

    13689
  • LOST

    Nota

    NOTA

    11229
  • LOST

    Raj Narayan Patel

    SARPSP

    6206
  • LOST

    Ram Prakash Mishra

    RSJP

    5270
  • LOST

    Sushil

    AIFB

    5261
  • LOST

    Dr. Shyamdhar Tiwari

    IND

    4848
  • LOST

    Krishna Dev

    RAUDP

    4597
  • LOST

    Dhirendra Kumar Tiwari

    IND

    2948
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भदोही को कालीन शहर के नाम से जाना जाता है. क्षेत्रफल के लिहाज से यह उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा जिला है और ज्ञानपुर शहर जिला मुख्यालय है. भदोही जिला गंगा नदी के मैदानी इलाकों में स्थित है, जो जिले की दक्षिण-पश्चिम सीमा का निर्माण करता है. गंगा के अलावा वरुण और मोर्वा यहां की प्रमुख नदियां हैं. भदोही जिला उत्तर में जौनपुर से, पूर्व में वाराणसी से, दक्षिण में मिर्जापुर से और पश्चिम में प्रयागराज से घिरा है.

15वीं शताब्दी तक भार को सागर राय के साथ मोनास राजपूतों द्वारा पराजित किया गया था, और इस जीत के बाद सागर राय के पोते, जोधराय ने इसे मुगल सम्राट शाहजहां से एक जमींदार सनद के रूप में प्राप्त किया था. हालांकि लगभग 1750 ईस्वी भूमि राजस्व बकाया भुगतान के कारण, प्रतापगढ़ के राजा प्रताप सिंह ने बकाया भुगतान के बदले में पूर्ण परगना को बनारस के बलवंत सिंह को सौंप दिया.

1911 में भदोही को महाराजा प्रभु नारायण सिंह ने अपने रियासत बनारस के अधीन शामिल कर लिया. भदोही ने 30 जून 1994 को उत्तर प्रदेश के 65वें जिले के रूप में राज्य के नक्शे पर अपनी नई पहचान बनाई. जिला बनने से पहले यह वाराणसी जिले का हिस्सा था.

इस जगह का नाम उस क्षेत्र के भार राज्य से पड़ा जिसने भदोही को अपनी राजधानी बनाया. भार राज्य के शासकों के नाम पर कई पुराने टैंक समेत ऐतिहासिक धरोहर हैं. अकबर के शासनकाल के दौरान, भदोही को एक दस्तुर बना दिया गया और इलाहाबाद के शासन में शामिल कर लिया गया.

भदोही में एशिया में अपनी तरह का एकमात्र इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपेट टेक्नॉलोजी (आईआईसीटी) स्थित है, जिसकी स्थापना 2001 में भारत सरकार ने किया था. कालीन उद्योग के अलावा बनारसी साड़ी और लकड़ी के टोकरी बनाना भी अहम उद्योग है.

2011 की जनगणना के मुताबिक जिले में 53 फीसदी पुरुषों की आबादी है जबकि महिलाओं की आबादी 47 फीसदी है. यहां पर हिंदुओं की 53 फीसदी और मुसलमानों की 45 फीसदी आबादी रहती है. स्त्री-पुरुष अनुपात के आधार पर एक हजार पुरुषों में 950 महिलाएं हैं. यहां पर साक्षरता दर काफी अच्छा है 90 फीसदी लोग साक्षर है जिसमें पुरुषों की 94 फीसदी और महिलाओं की 86 फीसदी आबादी शिक्षित है.

भदोही लोकसभा क्षेत्र में 5 विधानसभा क्षेत्र (भदोही, ज्ञानपुर, औराई, प्रतापपुर और हंडिया) आते हैं जिसमें एक सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व की गई है. इन 5 विधानसभा क्षेत्रों में से प्रतापपुर और हंडिया विधानसभा क्षेत्र पहले फूलपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आते थे अब भदोही संसदीय क्षेत्र में आ गए हैं. जबकि शेष 3 विधानसभा क्षेत्र पहले से ही मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र में पड़ते थे.

 भदोही राज्य के बेहद पिछड़े जिलों में आता है और यहां करीब 2 साल पहले हुए विधानसभा चुनाव के आधार पर देखा जाए तो किसी भी राजनीतिक दल की पकड़ मजबूत नहीं है.

भदोही संसदीय क्षेत्र में 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार गोरखनाथ ने जीत हासिल की थी. उन्होंने सपा के छोटेलाल भिंड को 12,963 मतों के अंतर से हराया था. उस समय कुल 13 लोग मैदान में थे. इस चुनाव में बीजेपी पांचवें स्थान पर रही थी.

2019 का जनादेश

2019 में बीजेपी ने यहां से तत्कालीन सांसद को टिकट न देकर पार्टी ने रमेश चंद को उम्मीदवार बनाया था, जबकि महागठबंधन की ओर से बीएसपी के रंगनाथ मिश्रा मैदान में थे. कांग्रेस ने रामाकांत को प्रत्याशी बनाया था. इस सीट से कुल 12 प्रत्याशी मैदान में थे.

इस चुनाव में बीजेपी के रमेशचंद बिंद ने जीत दर्ज की, उन्हें 5,10,029 वोट मिले थे. तो वहीं बसपा के रंगनाथ मिश्र 4,66,414 वोंटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे और कांग्रेस के रमाकांत यादव 25,604 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे.    

2014 का जनादेश

भदोही में बीजेपी को मोदी लहर का फायदा मिला और उसे 1,58,141 मतों के अंतर से बड़ी जीत मिली. इस चुनाव में भदोही से 14 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी, जिसमें वीरेंद्र सिंह ने बसपा के राकेश धर त्रिपाठी को हराकर संसद में पहुंचने में कामयाबी हासिल की. वीरेंद्र सिंह को चुनाव में 4,03,544 वोट (41.12%) मिले जबकि राकेश धर त्रिपाठी को 2,45,505 मत (25.01%) मिले. इस चुनाव में कांग्रेस पांचवें स्थान पर खिसक गई.

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2019
2014
WINNER

Ramesh Chand

img
BJP
वोट5,10,029
विजेता पार्टी का वोट %49.1 %
जीत अंतर %4.2 %

अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Rangnath Mishra

    BSP

    4,66,414
  • Ramakant

    INC

    25,604
  • Nota

    NOTA

    9,087
  • Saiyyad Mohammad Arif

    IND

    5,050
  • Dr Rajesh Kumar Verma

    PPID

    4,648
  • Akhilesh

    NCP

    4,570
  • Sushil

    IND

    4,052
  • Santlal

    IND

    2,764
  • Vinod

    HND

    1,943
  • Satish Bahadur

    IND

    1,819
  • Ram Sakha

    IND

    1,764
  • Kuldeep

    IND

    1,646
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