Raju Bista
BJP
Gopal Lama
AITC
Munish Tamang
INC
Bandana Rai
IND
Bishnu Prasad Sharma
IND
Bhupendra Lepcha
IND
Atasi Biswas
KMSP
Pradhan Mardi
APOI
Khushi Ranjan Mandal
IND
Kalicharan Barman
IND
Nota
NOTA
Budharu Roy
KPP(U)
Shahriar Alam
SUCI
Subodh Pakhrin
GRC
Qamrul Haque
NBENPP
Darjeeling Lok Sabha Result Declared: BJP उम्मीदवार Raju Bista बने विजेता, मिले 679331 वोट
BJP प्रत्याशी Raju Bista विशाल अंतर से जीत की ओर! अभी तक मिले 409020 वोट्स
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Darjeeling सीट पर BJP उम्मीदवार Raju Bista आगे, दूसरे स्थान पर AITC कैंडिडेट
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दार्जिलिंग संसदीय क्षेत्र उत्तर दीनाजपुर और दार्जिलिंग जिले के कुछ हिस्से को मिलाकर बना है. जनगणना 2011 के मुताबिक इस संसदीय क्षेत्र की आबादी 2201799 है जिनमें 66.68% लोग गांवों में रहते हैं जबकि 33.32% आबादी शहरी है. इनमें अनुसूचित जाति और अनुसूचिज जनजाति की हिस्सेदारी क्रमशः 17 और 18.99 फीसदी है. मतदाता सूची 2017 के मुताबिक दार्जिलिंग संसदीय क्षेत्र में 1545389 मतदाता हैं जो 1833 मतदान केंद्रों पर वोटिंग करते हैं. 2014 के आम चुनावों में 79.51% मतदान हुआ था जबकि 2009 के चुनावों में यह आंकड़ा 79.51% था. परिसीमन आयोग की 2009 की रिपोर्ट में दार्जिलिंग संसदीय क्षेत्र को सात विधानसभा क्षेत्रों में विभाजित किया गया था. इनमें मतिगारा-नक्सलबाड़ी सीट अनुसूचित जाति जबकि फंसीदेवा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित है. कलिम्पोंग, दार्जिलिंग, कुर्सियांग, सिलीगुड़ी और चोपरा सीट सामान्य है.
पर्यटकों की पसंद और चाय के बगानों के लिए जाना जाने वाला दार्जिलिंग संसदीय क्षेत्र 1957 में अस्तित्व में आया है और उस साल हुए चुनावों में यहां कांग्रेस के थिओडोर मानेन जनप्रतिनिधि चुनकर संसद पहुंचे थे. इसके बाद 1962 में हुए अगले लोकसभा चुनावों में थिओडोर मानेन ही कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते. आम तौर पर इस सीट पर कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बीच ही मुकाबला रहा है. लेकिन 1967 में हुए चुनावों में स्वतंत्र उम्मीदवार एम. बसु ने जीत हासिल की थी. पांचवीं लोकसभा के लिए 1971 में चुनाव में माकपा के उम्मीदवार रतनलाल ब्राह्मण ने जीत हासिल की. 1977 के चुनावों में माकपा के कृष्ण बहादुर छेत्री सांसद चुने गए जबकि 1980, 1984 के चुनावों में माकपा के ही आनंद पाठक चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. नौवीं लोकसभा के लिए 1989 में चुनावों में गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट के इंद्रजीत चुनाव जीतने में कामयाब रहे है.
2019 का जनादेश
2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी के राजू बिस्ता ने 7,50,067 वोटों के साथ जीत हासिल की. जबकि तृणमूल कांग्रेस के अमर सिंह राय 3,36,624 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे और कांग्रेस के शंकर मालाकार 65,186 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.    
2014 का जनादेश
2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी उम्मीदवार अहलुवालिया 4,88,257 मतों यानी 42.73 फीसदी वोट के साथ जीत हासिल की थी. जबकि तृणमूल कांग्रेस के बाइचूंग भूटिया को 2,91,018 वोट मिले जो कि कुल मतदान का 25.47 फीसदी है. सबसे दिलचस्प यह है कि 2009 के चुनावों में इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस कहीं सीन में नहीं थी, लेकिन 2014 के चुनावों में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी दूसरे स्थान पर रही जबकि माकपा खिसक कर तीसरे पायदान पर चली गई. 
Amar Singh Rai
AITC
Sankar Malakar
INC
Saman Pathak
CPIM
Rajesh Singh
IND
Nirode Chandra Adhikary
IND
Nota
NOTA
Harka Bahadur Chhetri
AIJAP
Digbijay Mandal
IND
Reseeka Chettri
IND
Bharat Dong
GRAC
Sudip Mandal
BSP
Ajay Dahal
IND
Christopher Gahatraj
IDRP
Dipak Kumar Roy
KPPU
Sunil Pandit
RJNP
Tanmay Dutta
SUCI(C)
West Bengal Election Results 2024 Live Updates: TMC सूबे की सबसे बड़ी पार्टी है, जो पिछले 13 सालों से सूबे की सत्ता में है और इस चुनाव में सभी 42 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ी. इसके बाद बीजेपी बंगाल में विपक्षी पार्टी के रूप में दूसरे नंबर पर है और सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ी. कांग्रेस और लेफ्ट INDIA ब्लॉक के तहत मिलकर चुनावी मैदान में रही.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, वायकर को मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से 4,52,644 लाख वोट मिले हैं जबकि इस सीट पर उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर को 4,52,596 वोट मिले हैं.
लोकसभा चुनाव के नतीजों में NDA को बहुमत मिला है तो वहीं INDIA गठबंधन भी बेहतर स्थिति में आया है. ऐसे में पश्चिम बंगाल में भी बड़ा खेला देखने को मिला. जहां एक ओर भाजपा को उम्मीद थी कि वो ममता बनर्जी के गढ़ में सेंधमारी कर लेगी. भाजपा की कोशिशें विफल रहीं और पार्टी को इस राज्य में करारा नुकसान झेलने को मिला है.
Basirhat Result: बशीरहाट सीट से टीएमसी के सांसद हाजी नुरुल इस्लाम ने बड़े अंतर से जीत हासिल की है. उन्हें 3 लाख 33 हजार से अधिक वोट मिले हैं. बीजेपी के लिए ये सीट प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई थी. जिसका सबसे बड़ा कारण संदेशखाली था.