Madhya Pradesh Panchayat Aaj Tak: मध्य प्रदेश में चुनावी तैयारियों के बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पंचायत आजतक के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. सिंधिया ने राहुल गांधी को लेकर किए गए सवाल को टाल दिया और खुद को विराट कोहली, वीरेंद्र सहवाग की तरह खेलने वाला बताकर कांग्रेस पर तंज भी कसा.
सिंधिया से पूछा गया कि राहुल गांधी ने कहा था कि आपको बीजेपी में इज्जत नहीं मिलेगी और महत्वाकाक्षाएं ज्यादा थीं... सब्र करना चाहिए था? इस पर ज्योतिरादित्य ने कहा, उनकी राय के लिए उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद. सिंधिया ने कहा कि मैंने पहले भी काफी कुछ बोला है. लेकिन, उनकी राय उन्हें सलामत. मेरी राय है शायद उनको सब्र करना चाहिए. आगे जनता निर्णय लेगी.
'मैं वर्तमान और भविष्य पर ध्यान देता हूं'
सिंधिया ने कहा, मैं विराट कोहली और वीरेंद्र सहवाग की तरह खेलता हूं. देख लेना आप अगर मैं विराट और सहवाग की तरह नहीं खेलता तो 20-20 (कांग्रेस का सत्ता से बाहर होना) नहीं होता. आप लोग एक्शन पर विश्वास रखिए. मैं अपने अतीत पर ध्यान नहीं देना चाहता हूं. मैं अपने वर्तमान और भविष्य पर ध्यान देता हूं. वो ही व्यक्ति अपने अतीत पर ध्यान देता है, जो अपने अतीत में गुम हो जाना चाहता है.
'एक अच्छा जनसेवक बनना ही मेरा लक्ष्य'
सिंधिया ने कहा, मैं अपने आपको वहीं देखना चाहता हूं, जहां मैं 2002 में था. जहां मैं आज हूं. मैं जीवन के अंतिम क्षण तक रहूंगा. वो है- एक कुशल राजनीतिज्ञ नहीं, लेकिन एक अच्छा जनसेवक बनना.
'मुझे कुर्सी पाने की चाह नहीं'
सिंधिया ने कहा, मेरी मंशा कुर्सी पर आने की नहीं थी. हां, ये सही है कि 2018 के चुनाव में मेरा योगदान रहा है. मुझे चुनाव बाद कांग्रेस हाईकमान ने कहा कि कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया है. मैंने भी कहा कि बनाईए. हम साथ थे. मैं पहले भी सीएम पद का उम्मीदवार नहीं था. आज भी सीएम पद का उम्मीदवार नहीं हूं. मैं विकास की मंशा के साथ काम करता हूं. सिंधिया ने कहा, आज बीजेपी पूर्ण बहुमत की सरकार के साथ आ रही है. उन्होंने कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा.
'कांग्रेस सरकार ने वादाखिलाफी की और मुझे चुनौती दी'
सिंधिया ने कहा, पांच साल पहले मेरा वक्तव्य अलग था. क्योंकि मेरे दिल के अंदर एक ज्वालामुखी थी. अगर जनता मौका देगी तो बेहतर करके दिखाएंगे. लेकिन, 15 महीने में ही झूठ, लूट और फूट की सरकार स्थापति हो गई. आशाओं और अभिलाषाओं पर पानी फेर दिया गया. वादाखिलाफी की गई. और मुझे ललकारा गया कि सड़क पर आ जाओ. तब आप क्या करोगे? ये तय नहीं करोगे कि सड़क पर आ जाओ.