मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत चार राज्यों के चुनाव नतीजे आने लगे हैं. मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है. बीजेपी की इस बंपर जीत के सियासी मायने भी निकाले जाने लगे हैं. लेकिन, GGP के साथ अलायंस कर चुनावी मैदान में उतरी बहुजन समाज पार्टी के रुझानों ने चौंका दिया है. 2018 की तरह एक बार फिर बसपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में खाता खोलते दिख रही है. इन तीनों राज्यों में बसपा के कैंडिडेड आगे चल रहे हैं.
बता दें कि मध्य प्रदेश में 230 सीटों के नतीजे आ रहे हैं. यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा था. बीजेपी 18 साल से सत्ता पर काबिज है. चुनाव नतीजे में बीजेपी ने जबरदस्त जीत हासिल की है. बीजेपी को 167 सीटों पर आगे चल रही है. कांग्रेस 61 सीटों पर बढ़त बनाए है. यहां बसपा तीसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरती आई है. माना जा रहा है कि बसपा ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के वोटबैंक में भी सेंध लगाई है.
छत्तीसगढ़ में एक सीट पर आगे
2023 के चुनाव नतीजे में बसपा छत्तीसगढ़ में एक सीट बिलाईगढ़ में आगे चल रही है. यहां श्याम टंडन 5200 से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं. अब तक कुल 46869 वोट मिले हैं. छत्तीसगढ़ में बसपा को अब तक 2.15 प्रतिशत वोट शेयर मिला है.
मध्य प्रदेश की सुमावली सीट पर बढ़त
इसी तरह, मध्य प्रदेश में बसपा एक सीट मुरैना जिले की सुमावली में आगे चल रही है. वहां कुलदीप सिंह सिकरवार 399 वोटों से आगे चल रहे हैं. कुलदीप को अब तक कुल 47721 वोट मिले हैं. मध्य प्रदेश में बसपा को अब तक 2.14 प्रतिशत वोट शेयर मिला है.
राजस्थान में एक सीट जीती, दूसरी पर आगे
वहीं, राजस्थान में बसपा ने एक सीट बारी पर जीत हासिल की है. वहां जसवंत सिंह गुर्जर ने 27424 वोटों से चुनाव जीता है. जसवंत को कुल 106060 वोट मिले. एक सीट सादुलपुर में बसपा आगे है. यहां मनोज कुमार 3436 वोट से आगे हैं. मनोज को अब तक कुल 60308 वोट मिल चुके हैं. राजस्थान में बसपा को अब तक 1.85 प्रतिशत वोट शेयर मिला है.
बसपा ने एमपी में GGP के साथ अलांयस ने किया है
बतात चलें कि मध्य प्रदेश-राजस्थान और छत्तीसगढ़ चुनाव में बसपा ने कांग्रेस और बीजेपी से दूरी बनाई है. मध्य प्रदेश में बसपा ने आदिवासी समाज में पैठ बनाने वाली गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से गठबंधन किया था. राज्य में 22 प्रतिशत आदिवासी वोट हैं. बसपा ने 174 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. आदिवासी इलाकों में सक्रिय जीजीपी ने भी 52 सीटों पर कैंडिडेट खड़े किए. बसपा गठबंधन को छह फीसदी वोट शेयर मिलते दिख रहा है. हालांकि, सीटों की बात की जाए तो बसपा गठबंधन के दो उम्मीदवारों के जीतने की संभावना है. आगे चल रहे हैं.
पिछले चुनाव में भी बसपा के दो उम्मीदवार जीते थे. बसपा और जीजीपी गठबंधन मध्य प्रदेश में तीसरी ताकत के रूप में उभरा है. बसपा-जीजीपी गठबंधन के वोट शेयर को जोड़ा जाए तो यह कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेरता नजर आ रहा है.
2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने मध्य प्रदेश में बसपा ने 72 उम्मीदवार उतारे थे और दो सीटों पर चुनाव जीती था. करीब 5.1 प्रतिशत वोट हासिल किए थे. दमोह जिले की पथरिया और भिंड सीट सीट से चुनाव में सफलता मिली थी.
छत्तीसगढ़ में बसपा ने 32 उम्मीदवार उतारे थे और दो सीटों पर चुनाव जीता था. 3.9% वोट शेयर हासिल किया था. इसी तरह, 2018 में राजस्थान में बसपा के 6 उम्मीदवार चुनाव जीते थे.