ईसाई समुदाय बहुल राज्य मिजोरम में मतगणना की तारीख बदलने की मांग शुरू हो गई है. इस मांग पर बीजेपी, कांग्रेस और सत्ताधारी एमएनएफ सहित सभी राजनीतिक दल राजी हैं. पार्टियों का कहना है कि 3 दिसंबर को जिस दिन मतगणना तय है, उस दिन रविवार है. क्योंकि रविवार ईसाइयों का पवित्र दिन है, इसलिए काउंटिंग की तारीख बदली जानी चाहिए.
अपनी इस मांग को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा है. पत्र में कहा गया है कि मिजो लोग रविवार के दिन पूरी तरह से पूजा में समर्पित रहते हैं. इस पत्र में सभी राजनीतिक दलों और गैर सरकारी संगठनों के अध्यक्षों के हस्ताक्षर भी हैं. पत्र में कहा गया है कि मिजोरम में रविवार को कोई भी आधिकारिक कार्यक्रम नहीं रखा जाता है.
राजनैतिक दलों के साथ चर्च की भी मांग
पत्र भेजने वाले दलों में सत्तारूढ़ एमएनएफ, भाजपा, कांग्रेस, जोरम पीपुल्स मूवमेंट और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस शामिल हैं. पत्र पहले ही चुनाव आयोग को भेजा जा चुका है. राज्य के प्रमुख चर्चों के समूह, मिजोरम कोहरान ह्रुएटुटे कमेटी (एमकेएचसी) ने भी चुनाव आयोग को एक पत्र भेजकर मतगणना की तारीख बदलने का आग्रह किया है.
मिजोरम में एक ही चरण में होगा मतदान
दरअसल, 40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा के लिए मतदान 7 नवंबर को एक ही चरण में होना है. जबकि पांच राज्यों के लिए वोटों की गिनती 3 दिसंबर को तय की गई है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को संबोधित अपने पत्र में, एमकेएचसी ने कहा है कि रविवार ईसाइयों के लिए पवित्र दिन है और उस दिन सभी कस्बों और गांवों में धार्मिक गतिविधियां होती हैं. इसलिए वोटों की गिनती की तारीख आगे बढ़ा दी जाए.
राजस्थान में भी बदली थी चुनावों की तारीख
बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख बदल चुका है. वहां, पहले 23 नवंबर को एक चरण में चुनाव होना तय किया गया था. लेकिन इसे बदलकर 25 नवंबर कर दिया गया है. हालांकि, मतदान एक ही चरण में होगा. राजस्थान में चुनाव का नतीजा 03 दिसंबर को ही आएगा.