पश्चिम बंगाल सहित असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले इन चुनावों का एग्जिट पोल भी सामने आ चुका है. इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया ने एग्जिट पोल जारी कर दिया है.
एग्जिट पोल में बंगाल में आठवें चरण तक के मतदान वाली सीटों पर बीजेपी+ को बढ़त मिलती नजर आ रही है वहीं टीएमसी भी कड़ी टक्कर में है. इसके अलावा क्या कहते हैं अन्य राज्यों के एग्जिट पोल, आइए जानते हैं.
एग्जिट पोल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया के अनुसार पश्चिम बंगाल में आठ चरणों को मिलाकर बीजेपी+ के खाते में 134 से 160 और टीएमसी के खाते में 130 से 156 सीटें आने का अनुमान है. वहीं लेफ्ट के खाते में शून्य से दो और अन्य के खाते में शून्य से एक सीट आने का अनुमान है. ऐसे में एग्जिट पोल की मानें तो बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 30 मई 2021 को पूरा हो रहा है. ऐसे में 30 मई से पहले हर हाल में विधानसभा और नई सरकार के गठन की प्रकिया पूरी होनी है. पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं. पिछले 10 साल से ममता बनर्जी यहां मुख्यमंत्री हैं. बीजेपी ने यहां बहुत जोर लगाया है. अब देखना है कि ममता अपना किला बचा पाती है या नहीं.
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर इस बार सभी की निगाहें लगी हुई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे का मुकाबला माना जा रहा है जबकि कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन के सामने अपने सियासी वजूद बचाए रखने की चुनौती है. हालांकि, यह देखना है कि ममता इस पर सत्ता की हैट्रिक लगाएगी या फिर बंगाल में पहली बार बीजेपी कमल खिलाने में कामयाब रहेगा.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की कुल 294 में से 292 सीटों पर 8 अलग-अलग चरणों में चुनाव हुए हैं. कोरोना संक्रमण के चलते सातवें चरण की दो सीटों पर प्रत्याशी के निधन के चलते चुनाव रद्द हो गए हैं और अब इन दोनों सीटों पर 13 मई को चुनाव होंगे. ऐसे में 292 सीटों पर ही वोटिंग हुई है.
बंगाल के चुनावी रण में बीजेपी और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (एजेएसजू) मिलकर चुनावी मैदान में उतरी हैं. बीजेपी ने 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं जबकि एक सीट पर एजेएसयू ने प्रत्याशी उतारा है. वहीं, ममता बनर्जी की अगुवाई वाले गठबंधन में टीएमसी और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीओजेएएम) मिलकर चुनावी मैदान में उतरी है. टीएमसी 288 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि तीन सीटों पर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने उम्मीदवार उतारे हैं और एक सीट पर निर्दलीय को टीएमसी समर्थन कर रही है.
कांग्रेस-लेफ्ट मिलकर चुनावी मैदान में एक बार फिर किस्मत आजमा रही हैं. लेफ्ट के तहत सीपीआई (एम) 138, ऑल इंडिया फार्वर्ड ब्लाक 21, आरएसपी 10 और सीपीआई 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं जबकि कांग्रेस 91, इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) 32 सीटों पर चुनावी मैदान में है.
बंगाल की सत्ता पर पिछले एक दशक से ममता बनर्जी का कब्जा है. 2016 के विधानसभा चुनाव में राज्य की कुल 294 सीटों में से टीएमसी ने सबसे ज्यादा 211 सीटें जीतकर सत्ता पर काबिज हुई थी. कांग्रेस को 44 सीटें, लेफ्ट को 26 सीटें और बीजेपी को महज तीन सीटें हासिल हुई थी. वहीं अन्य ने 10 सीटों पर जीत हासिल की थी. 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है.
एग्जिट पोल: असम विधानसभा चुनाव: असम विधानसभा चुनाव से जुड़े एग्जिट पोल आना शुरु हो चुके हैं. ऐसे में इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया के अनुसार यहां बीजेपी+ को 75 से 85 सीटें मिलने का अनुमान है वहीं एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस+ के खाते में 40 से 50 सीटें आ सकती हैं. इसके अलावा अन्य के खाते में 1 से 4 सीट जाने का अनुमान है.
126 सीटों वाली असम विधानसभा का कार्यकाल 31 मई को समाप्त हो रहा है. 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में BJP ने राज्य में 15 साल से सत्तासीन कांग्रेस के शासन को उखाड़ फेंका था. 2016 के चुनाव में बीजेपी को 86 सीटें मिलीं और सर्वानंद सोनोवाल राज्य के मुख्यमंत्री बने.
एग्जिट पोल: केरल विधानसभा चुनाव: इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया के अनुसार केरल में LDF के खाते में वोट प्रतिशत 47 प्रतिशत रहा, वहीं UDF के खाते में 38 प्रतिशत और बीजेपी के खाते में 12 प्रतिशत वोट प्रतिशत रहा. वहीं सीटों की अगर बात करें तो केरल की 140 सीटों पर एलडीएफ के खाते में 104 से 120 सीटें मिलने का अनुमान है. इसके अलावा यूडीएफ के खाते में 20 से 36 वहीं बीजेपी को शून्य से 2 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं अन्य के खाते में भी शून्य से दो सीटों का अनुमान लगाया जा रहा है.
140 सीटों वाली केरल विधानसभा का कार्यकाल एक जून को खत्म हो रहा है. राज्य में 2016 में हुए विधानसभा चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 91 सीटों पर जीत हासिल की थी. पिनाराई विजयन राज्य के 12वें मुख्यमंत्री बने. कांग्रेस की अगुवाई वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट दूसरे नंबर पर रहा था.
एग्जिट पोल: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया के अनुसार तमिलनाडु में AIADMK+ के खाते में 38 से 54 सीटें आने का अनुमान है. वहीं डीएमके+ के खाते में 175 से 195 सीटें मिलने का अनुमान है. एग्जिट पोल के अनुसार एएमएमके+ के खाते में 1 से 2 और एमएनएम+ के खाते में शून्य से 2 सीटें जाने का अनुमान है.
तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 24 मई को खत्म हो रहा है. 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा के लिए 2016 में हुए चुनाव में जयललिता की अगुवाई में एआईएडीएमके ने जीत हासिल की थी. जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके मैदान में है.
एग्जिट पोल: पुडुचेरी विधानसभा चुनाव: इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया के अनुसार NDA के खाते में 20 से 36 सीटें आने का अनुमान है. वहीं कांग्रेस+ के खाते में 6 से 10 सीटों और अन्य को शून्य से एक सीट मिलने का अनुमान है.
बता दें कि केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी में विधानसभा का कार्यकाल आठ जून को खत्म हो रहा है. 30 सीटों वाली पुदुचेरी विधानसभा के लिए 2016 में हुए चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए गठबंधन को जीत हासिल हुई थी. यूपीए को कुल 17 सीटों पर जीत मिली जिनमें कांग्रेस को अकेले 15 सीटें हासिल हुई थीं. हालांकि, चुनाव से पहली ही वहां सरकार गिर गई थी.
सबसे निश्चित और सटीक अनुमान इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया का पिछला रिकॉर्ड अपने आप में ही सब कुछ कहता है. इसकी बानगी देखिए. 2013 से 2020 के बीच भारत में आज तक हुए सभी चुनावों में इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के चुनाव उपरांत सर्वेक्षणों ने 91 प्रतिशत मामलों में नतीजों को लेकर सबसे निश्चित और सटीक अनुमान लगाए.
2013 के बाद से एक्सिस माय इंडिया ने 47 से अधिक पोस्ट-पोल सर्वेक्षण किए हैं, जिनमें से 43 सटीक साबित हुए. 2019 के लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल में भी एक्सिस माय इंडिया ने बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए को 339-365 सीटों और यूपीए को 77-108 सीटों की भविष्यवाणी की थी, जो सच साबित हुई थी.