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पंजाब में नहीं कम हुआ कांग्रेस का संकट, सिद्धू से माफी मंगवाने पर अड़े CM अमरिंदर सिंह

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किल बढ़ती जा रही है. पंजाब में कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है.

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पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पंजाब में जारी है कांग्रेस का संकट
  • सिद्धू से माफी मंगवाना चाहते हैं कैप्टन

पंजाब में कांग्रेस (Punjab Congress) के नए प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को कमान मिल गई है, लेकिन कैप्टन ने अभी तक उनसे मुलाकात नहीं की है.

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अब एक बार फिर कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) की ओर से साफ कर दिया गया है कि जबतक नवजोत सिंह सिद्धू उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांग लेते हैं, तबतक वह उनसे मुलाकात नहीं करेंगे.

मंगलवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया एडवाइज़र ने उन खबरों का खंडन किया, जिसमें नवजोत सिंह सिद्धू के कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात के लिए वक्त लेने की बात सामने आई थी. अब जब कैप्टन ने सख्त रुख अपनाया है, तब पंजाब में कांग्रेस का संकट और बढ़ता दिख रहा है. 

दरअसल, पिछले दो महीने में नवजोत सिंह सिद्धू ने करीब 150 ट्वीट ऐसे किए हैं, जिसमें उन्होंने पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री पर तीखे वार किए हैं, साथ ही बादल परिवार के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है. इन्हीं मुद्दों को उठाकर नवजोत सिंह सिद्धू ने केंद्रीय आलाकमान का भरोसा जीता और खुद अब प्रदेश अध्यक्ष बन गए. 

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माफी मांगने को तैयार नहीं है सिद्धू कैंप!

लेकिन इन आरोपों के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह खफा हुए और उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू से सार्वजनिक माफी की मांग की. लेकिन अब सिद्धू के सामने संकट ये है कि अगर वह माफी मांगते हैं, तो उनके बयान गलत साबित होंगे. ऐसे में कैप्टन को बढ़ावा मिलेगा और उनकी खुद की छवि धूमिल हो सकती है. यही कारण है कि सिद्धू कैंप माफी मांगने के लिए तैयार नहीं है. 

अमृतसर के स्थानीय लोगों ने लगातार नवजोत सिंह सिद्धू के बयानों का समर्थन किया और कहा कि उन्होंने सही मुद्दे उठाकर मुख्यमंत्री को एक्सपोज़ किया है. 

कांग्रेसी लड़ाई पर विपक्षियों की नज़र

कांग्रेस के बीच जारी लड़ाई के बीच विपक्षी खेमे में भी हलचल है. सिद्धू को जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाने से रोका जा रहा था, तब उनके आम आदमी पार्टी में जाने की संभावना पैदा हुई. लेकिन अब जब कांग्रेस की जंग खत्म नहीं हुई है, तब आम आदमी पार्टी और अकाली दल दोनों ही इस मुद्दे को भुनाना चाहते हैं. 

गौरतलब है कि अभी तक कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चुप्पी साधी हुई है. कैप्टन का कैंप भी शांत है, सिर्फ मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने अभी तक सिद्धू के खिलाफ बयान दिया है. माना जा रहा है कि जल्द कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है और कैप्टन विरोधियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. 

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सिद्धू ने भले ही प्रदेश अध्यक्ष का तमगा हासिल कर लिया हो, लेकिन अब कांग्रेस को दोबारा जीत दिलवाना इतना आसान नहीं है. अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से समर्थन नहीं मिलता है, तो विपक्षी पार्टियां इसमें अपना फायदा खोज सकती हैं. 

 

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