नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष का पद संभालेंगे. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे. अभी दो दिन पहले ही अमरिंदर सिंह की ओर से मांग की गई थी कि नवजोत सिंह सिद्धू उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें, लेकिन अब ऐसा अचानक क्या हुआ कि कैप्टन उनके कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं.
क्यों अचानक बदल गया कैप्टन का रुख?
कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) का अध्यक्ष बनाया गया. सिद्धू के नाम के ऐलान के बाद करीब 60 विधायक उनके आवास पर पहुंचे, ऐसे में इन सभी नेताओं का मानना था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह इस तरह की मांग करके पार्टी हाईकमान की बात नहीं मान रहे हैं.
एक ओर नवजोत सिंह सिद्धू पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर खुद पार्टी हाईकमान का निर्देश ना मानना कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ जा रहा था. साथ ही पार्टी के कैडर में इससे गलत संदेश और कन्फ्यूज़न पैदा हो रहा था.
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दबाव में थे कैप्टन अमरिंदर सिंह?
सूत्रों की मानें, तो कैप्टन अमरिंदर सिंह पर पार्टी हाईकमान की ओर से दबाव बनाया गया था कि वो नवजोत सिंह सिद्धू के अध्यक्ष पद पर ताजपोशी के कार्यक्रम में शामिल हों. प्रियंका गांधी वाड्रा, हरीश रावत उन चेहरों में शामिल रहे, जिन्होंने कैप्टन अमरिंदर से ऐसा करने की अपील की.
इसके साथ ही 58 विधायकों ने संयुक्त रूप से कैप्टन अमरिंदर सिंह को न्योता भेजा, जिसमें नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल रहे. इनमें कई कैबिनेट मंत्री भी शामिल रहे, जो कि नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात भी कर चुके थे. साथ ही नए बनाए गए वर्किंग प्रेसिडेंट खुद कैप्टन अमरिंदर सिंह को न्योता देने पहुंचे.
सिद्धू के न्योते के बाद पिघला कैप्टन का दिल?
कैप्टन अमरिंदर सिंह को जो न्योता भेजा गया, उसमें करीब 58 विधायकों के साइन थे. इनमें नवजोत सिंह सिद्धू के भी हस्ताक्षर थे, साथ ही चारों वर्किंग प्रेसिडेंट द्वारा अपील भी की गई थी. न्योते में लिखा गया था कि आप पार्टी में हमसे बड़े हैं, ऐसे में आप हमें आशीर्वाद देने के लिए आएं. इसी के बाद कैप्टन ने न्योता स्वीकार किया, साथ ही सभी विधायकों को अपने यहां चाय पर भी बुलाया.
क्या पूरी तरह खत्म हुआ विवाद?
भले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हो, लेकिन सूत्रों की मानें तो नवजोत सिंह सिद्धू के साथ उनका ये विवाद पूरा खत्म नहीं हुआ है. ये सिर्फ पब्लिक में संदेश देने के लिए है कि पार्टी में सबकुछ ठीक है. ऐसे में ये समझौता सिर्फ कुछ वक्त का हो सकता है, क्योंकि ये मुलाकात पूरी नई टीम के साथ हो रही है. ऐसे में नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच ये समझौता कबतक चलता है, इसपर सबकी नज़रें हैं.