पंजाब विधानसभा की 117 सीटों के लिए वोटों की गिनती की घड़ी अब आ गई है. वोटों की गिनती से पहले सूबे के सभी सियासी दल एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं. कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई है तो वहीं शिरोमणि अकाली दल भी आम आदमी पार्टी के संभावित जिताऊ उम्मीदवारों के संपर्क में है. सत्ताधारी कांग्रेस के नेताओं की चंडीगढ़ के एक होटल में बैठक हुई.
कांग्रेस की इस बैठक में पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश चौधरी, केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी मौजूद थे. पंजाब कांग्रेस की इस बैठक में नतीजों के ऐलान से पहले ही विधायक दल की बैठक का समय निर्धारित कर दिया गया.
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बैठक में ये तय हुआ है कि चुनाव नतीजे चाहे जो भी रहें, पार्टी के विधायक दल की बैठक शाम 5 बजे पंजाब कांग्रेस भवन में होगी. नतीजों के मुताबिक पार्टी की आगे की रणनीति पर विधायक दल की बैठक में नवनिर्वाचित विधायक और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता चर्चा करेंगे.
हारने पर सामूहिक जिम्मेदारी
वोटों की गिनती से ठीक एक दिन पहले हुई इस बैठक में हार के साथ ही हंग असेंबली की स्थिति में पार्टी के स्टैंड को लेकर भी मंथन हुआ. बैठक में ये भी तय हुआ कि पार्टी के सरकार न बना पाने या हार की स्थिति में कांग्रेस सामूहिक जिम्मेदारी लेगी. ब्लेम गेम नहीं होगा और तमाम बड़े नेता हार के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने से बचेंगे.
हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर भी हुआ मंथन
पंजाब विधानसभा चुनाव नतीजों में यदि हंग असेंबली की स्थिति बनती है तो ऐसे में विधायकों को जोड़-तोड़ से, हॉर्स ट्रेडिंग से बचाने को लेकर भी रणनीति पर चर्चा हुई. कांग्रेस के विधायकों को हंग असेंबली की स्थिति में राजस्थान भेजा जा सकता है. कांग्रेस के कुछ ऐसे उम्मीदवार जिनके जीतने की संभावनाएं अधिक हैं, उनमें से कई जैसलमेर, जोधपुर और जयपुर के रिजॉर्ट्स में अपने परिवार के साथ छुट्टियां मना रहे हैं. जोड़-तोड़ से बचाने के लिए कांग्रेस विधायकों को पंजाब से बाहर भेजा जा सकता है.
गजेंद्र सिंह शेखावत चंडीगढ़ में डाले रहेंगे डेरा
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पंजाब प्रभारी केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी चुनाव नतीजों का ऐलान होने पर चंडीगढ़ में डेरा डाले रहेंगे. गजेंद्र सिंह शेखावत चुनाव नतीजों के ऐलान के समय चंडीगढ़ स्थित पंजाब के पार्टी कार्यालय में डेरा डाले रहेंगे. सूत्रों के मुताबिक चुनाव नतीजों के आधार पर बीजेपी की अगली रणनीति तय करने के लिए गजेंद्र सिंह शेखावत चंडीगढ़ में ही मौजूद रहेंगे.
एएपी नेताओं के संपर्क में अकाली दल
शिरोमणि अकाली दल भी एक्टिव हो गई है. शिरोमणि अकाली दल के नेता भी एक्टिव हो गए हैं. अकाली दल के वरिष्ठ नेता आम आदमी पार्टी के उन नेताओं के संपर्क में हैं जिनके चुनाव जीतने की संभावना अधिक है. सूत्रों के मुताबिक हंग असेंबली की स्थिति में अगर जोड़-तोड़ की जरूरत पड़ी तो अकाली दल को AAP के विधायकों को साथ लेने में गुरेज नहीं है. निर्दलीय विधायकों को भी अपने पाले में करने के लिए अकाली दल ने वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी तय कर दी है.
विधायकों को लेकर एएपी भी एक्टिव
आम आदमी पार्टी भी खंडित जनादेश की स्थिति में अपने विधायकों को लेकर सजग हो गई है. एएपी भी खंडित जनादेश की स्थिति में अपने विधायकों को हॉर्स ट्रेडिंग से बचाने के लिए पंजाब के बाहर ले जा सकती है. विधायकों को सूबे से बाहर भेजे जाने की स्थिति में पार्टी के सीएम फेस भगवंत मान और पार्टी के सह पंजाब प्रभारी राघव चड्ढा आगे की रणनीति को लेकर मोर्चा संभालेंगे.
कैप्टन की पार्टी में पहुंचे थे कई नेता
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने से 48 घंटे पहले पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के गठबंधन कर चुनाव लड़ रही पंजाब लोक कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह के सिसवां स्थित फार्महाउस पर पार्टी में आम आदमी पार्टी के साथ ही कांग्रेस के भी कई नेता शामिल हुए थे. पीएसपी प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने ट्वीट कर कहा था कि एएपी और कांग्रेस के कितने विधायक कैप्टन के साथ होंगे, ये 11 मार्च को सामने आएगा. इसे लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पहले से ही एक्टिव मोड में आ गई है.