
पंजाब के 117 सदस्यीय विधानसभा में फिरोजपुर ग्रामीण सीट की क्रम संख्या 77 है. इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है. लेकिन इस बार यहां पर मुकाबला कड़ा हो सकता है. अकाली दल और आम आदमी पार्टी भी अपनी चुनौती पेश कर सकते हैं, ऐसे में कांग्रेस के लिए यह सीट बचाना चुनौतीपूर्ण होगी.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
फिरोजपुर ग्रामीण सीट पर 1951 से ही विधानसभा चुनाव लड़े जा रहे हैं और अगर मोटे तौर पर नतीजों की बात करें तो वैसे तो यहां मिला-जुला रुझान ही रहा है. लेकिन फिर भी कांग्रेस की पकड़ ज्यादा समय तक रही है. जहां तक मतदान के वोटिंग पैटर्न का सवाल है, तो ज्यादातर लोग राय सिख अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग जाति से है.
सामाजिक तानाबाना
अगर हम फिरोजपुर ग्रामीण सीट की बात करें, तो फिरोजपुर एक सरहदी जिला है. इस सीट का ऐतिहासिक तौर धार्मिक समीकरण नहीं है और ना ही इस सीट का आर्थिक या पर कोई महत्व है. इस विधानसभा हलके में साल 2017 में कुल 185748 वोटर्स हैं. जबकि कुल 155792 वोट पड़े थे.
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2017 का जनादेश
अगर हम फिरोजपुर ग्रामीण सीट के 2017 के जनादेश की बात करें तो फिलहाल इस सीट पर कांग्रेस की सत्कार कौर (Satkar Kaur) विधायक हैं. उन्होंने तब चुनाव में 21380 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी.
सत्कार कौर को 2017 के चुनाव में 71037 मत पड़े थे. और पहली बार विधायक बनीं जबकि इस सीट पर अकाली दल के प्रत्याशी जोगिंदर सिंह जिंदू को 49657 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे थे. और तीसरे नंबर पर 32011वोट लेकर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी मोहन सिंह फलियां वाला रहे थे.
रिपोर्ट कार्ड
41 साल की विधायक सत्कार कौर की शिक्षा 12वीं तक हुई है. विधायक के परिवार में पति जसमेल सिंह के अलावा दो पुत्र और एक पुत्री हैं.
(इनपुट - अक्षय गलहोत्रा)