पंजाब के फिरोजपुर जिले की एक विधानसभा सीट है गुरु हर सहाय. पंजाब की सबसे पुरानी विधानसभा सीटों में से एक गुरु हर सहाय विधानसभा सीट पर पहला चुनाव साल 1951 में हुआ था.
इस सीट पर 1951 से ही विधानसभा चुनाव लड़े जा रहे हैं. चुनावी अतीत पर नजर डालें और अगर मोटे तौर पर चुनाव नतीजों की बात करें तो ये सीट अधिकतर कांग्रेस के कब्जे में रही है.
पंजाब के फिरोजपुर जिले की ये सीट कृषि और किसान प्रधान सीट है. इस क्षेत्र की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है. यहां के सियासी अतीत की बात करें तो आजादी के बाद शुरुआती साल में गुरु हर सहाय सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा. इसके बाद के साल में कांग्रेस के अलावा अन्य दलों के उम्मीदवारों पर भी जनता ने भरोसा जताया और विधानसभा में अपना प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया.
साल 2017 का जनादेश
पिछले विधानसभा चुनाव यानी साल 2017 के विधानसभा चुनाव में गुरु हर सहाय विधानसभा सीट के जनादेश की बात करें तो ये कांग्रेस के पक्ष में रहा था. गुरु हर सहाय सीट से फिलहाल कांग्रेस के राणा गुरमीत सोढ़ी विधायक हैं. इस सीट पर साल 2002 से ही कांग्रेस के गुरमीत सिंह सोढ़ी काबिज हैं. साल 2017 के चुनाव में गुरमीत सिंह को कुल 62787 वोट मिले थे. अकाली दल के उम्मीदवार वरदेव सिंह मान 56991 वोट के साथ दूसरे और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मलकीत चंद वाला 42820 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
हलका गुरुसहाय विधानसभा सीट से विधायक 67 साल के गुरमीत सिंह ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. विधायक गुरमीत सिंह सोढ़ी के परिवार में पत्नी रीता सोढ़ी, दो पुत्र और एक पुत्री हैं. पंजाब सरकार में मंत्री होने के बावजूद इन्होंने कोई बड़ा विकास कार्य नहीं कराया है. इंटरनेशनल शूटर रहे गुरमीत सिंह सोढ़ी के पुत्र लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनका समाधान कराते हैं. साल 2002 से लगातार विधायक गुरमीत सिंह सोढ़ी ने अपने क्षेत्र में विकास के नाम पर नए पार्क बनवाए हैं और एलईडी स्क्रीन लगवाए हैं. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई कार्य नहीं हुआ है.
(इनपुट- अक्षय गलहोत्रा)