पंजाब विधानसभा में खडूर साहिब सीट (Khadoor Sahib seat) क्रम संख्या 24 है. एक समय में खडूर साहिब सीट पर शिरोमणि अकाली दल का कब्जा हुआ करता था, लेकिन पिछले 2 चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल कर यह सीट अपने कब्जे में रखा हुआ है. हालांकि इन 2 चुनाव में एक उपचुनाव भी शामिल है.
सामाजिक तानाबाना
2017 के आंकड़ों के मुताबिक खडूर साहिब सीट पर कुल मतदाता 191855 थे जिनमें 90664 महिला तो 101185 पुरुष वोटर्स हैं. साथ ही क्षेत्र में कुल 4 थर्ड जेंडर भी थे.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
पंजाब के तरनतारन जिले के हल्का खडूर साहिब सीट शुरुआत में सामान्य वर्ग के लिए थी, लेकिन बाद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई, लेकिन 2012 के चुनाव से पहले इसे फिर सामान्य वर्ग के लिए कर दिया गया.
शुरुआत से लेकर 1972 तक यह सीट सामान्य वर्ग के लिए थी. लेकिन 1977 में आरक्षित कर दिया गया और 2007 तक के चुनाव में यह सीट एससी रिजर्व रखी गई थी. साल 2012 के विधानसभा चुनाव में खडूर साहिब सीट से पूर्व कैबिनेट मंत्री रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा को कांग्रेस के रमनजीत सिंह सिक्की ने हराया था.
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इसके बाद ब्रह्मपुरा को 2014 के लोकसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल ने प्रत्याशी बनाया और वह चुनाव जीत गए. बेअदबी के मामले में कांग्रेस के विधायक रमनजीत सिंह सिक्की ने विधानसभा की सदस्यता से जब त्यागपत्र दिया तो यहां 2016 में उपचुनाव हुआ.
उपचुनाव में अकाली दल ने ब्रह्मपुरा के बेटे रविदर सिंह ब्रह्मपुरा को प्रत्याशी बनाया और उसे जीत मिली. 2017 के विधानसभा चुनाव में रमनजीत सिंह सिक्की मैदान में उतरे और चुनाव जीत गए. 2017 के चुनाव में 76.18 फीसदी वोट डाले गए थे.
2017 का जनादेश
साल 2017 में कांग्रेस के रमनजीत सिंह सिक्की ने 64,666 वोट हासिल कर जीत हासिल की थी. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अकाली दल के रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा को हराया था. उन्हें 47,611 वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के भूपिंदर सिंह रहे थे जिन्हें 28,644 वोट हासिल हुए थे.
वर्तमान में अकाली दल का बसपा के साथ गठबंधन होने के बाद यह सीट अकाली दल के खाते में आई है मगर इस सीट को बसपा के साथ बदलने को लेकर पुनर्विचार भी चल रहा है.
रिपोर्ट कार्ड
साल 2017 के रिकार्ड के मुताबिक कांग्रेस के विधायक सिक्की करोड़पति हैं. उनकी कुल पूंजी 188,929,122 रुपये हैं और उन पर 11,231,355 रुपये का कर्ज भी है. साथ ही कृषि व अन्य स्रोत से उनकी कमाई 4,412,050 रुपये की है. सिक्की राजनीतिक रूप से लंबे समय से सक्रिय हैं.
सिक्की 2015 में उस समय पंजाब की सियासत का केंद्र बिंदु बन गए थे जब उन्होंने पंजाब में बेअदबी के मामलो में इंसाफ नहीं मिलने के रोष में पंजाब विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था. सिक्की ने उस समय विधायकी छोड़ी जब पंजाब में अकाली-भाजपा की सरकार थी. उसके बाद सिक्की का कद बढ़ गया था और सत्ता के गलियारे में भी उनके स्टैंड के चलते कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ भी उनकी नजदीकियां बढ़ती गई.
सिक्की की उम्र करीब 53 साल है और वो ग्रेजुएट हैं. पैतृक व्यवसाय कृषि है. सिक्की को साल 2017 में कांग्रेस ने खडूर साहिब के साथ-साथ भुलाथ हल्के का इंचार्ज भी लगाया था क्योकि उस समय कांग्रेसी नेता सुखपाल खेहरा कांग्रेस छोड़ गए थे. हालांकि सिक्की केवल खडूर साहिब से ही लड़े थे. सिक्की पंजाब के दिग्गज कांग्रेसी नेता राणा गुरजीत सिंह के करीबी माने जाते हैं और उनके साथ ही उन्होंने कांग्रेस में लंबे समय से अपना सियासी सफर जारी रखा है.