पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा में खरड़ विधानसभा सीट की क्रम संख्या 52 है और यह मोहाली जिसे आधिकारिक रूप से साहिबजादा अजीत सिंह नगर जिले (SAS Nagar district) के रूप में जाना जाता है, के तहत आता है. साहिबजादा अजीत सिंह गुरु गोविंद सिंह के बड़े बेटे हैं. इस पर सीट पर आम आदमी पार्टी का कब्जा है.
सामाजिक तानाबाना
खरड़ में ज्यादातर लोग पंजाबी तबके से ताल्लुक रखने वाले लोग रहते हैं लेकिन जब से इस विधानसभा क्षेत्र में हाउसिंग सोसायटीज के निर्माण ने जोर पकड़ा है तब से देश के अन्य राज्यों से संबंध रखने वाले लोग भी यहां आकर बसने लगे हैं. इनमें से ज्यादातर लोग कामकाजी हैं और चंडीगढ़ की तुलना में सस्ते फ्लैट मिलने के कारण यहां शिफ्ट हो रहे हैं.
ज्यादातर मतदाताओं और निवासियों का सिख धर्म में विश्वास है लेकिन हिंदू भी यहां काफी संख्या में रहते हैं.
खरड़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली जिला) और आनंदपुर साहिब लोक सभा चुनाव क्षेत्र के अंतर्गत आता है. 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में इस चुनाव क्षेत्र में कुल 1,73,915 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 93,666 पुरुष और 80,249 महिलाएं शामिल थीं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
खरड़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र में पंजाब की कोई भी राजनीतिक पार्टी अपना दबदबा कायम नहीं रख सकी. शुरुआत में इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा है, लेकिन बाद में शिरोमणि अकाली दल ने भी मतदाताओं के बीच अपनी जगह बना ली, लेकिन 2017 में राज्य में आम आदमी पार्टी ने पहली बार इस चुनाव क्षेत्र से विजय प्राप्त की.
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खरड़ सीट से कांग्रेस और अकाली दल ने चार-चार बार जीत हासिल की जबकि सीपीआईएम भी एक बार चुनाव जीत चुकी है. आखिरी बार हुए चुनाव में आम आदमी पार्टी को जीत मिली है.
लेकिन 2017 के बाद हुए स्थानीय निकाय और लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र से आम आदमी पार्टी का जनाधार कम हुआ. कांग्रेस और अकाली दल ने वापस मतदाताओं पर पकड़ मजबूत की है.
खरड़ नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस ने 27 में से 10 वार्ड्स में चुनाव जीता जबकि अकाली दल ने आठ वार्ड अपने नाम किए. बाकी वार्डों से आजाद उम्मीदवार चुनाव जीते थे जिन्होंने बाद में अकाली दल को अपना समर्थन दिया. माना जाता है कि कांग्रेस की आपसी फूट के कारण खरड़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र की खरड़ और नयागांव नगर परिषदों में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा.
2017 का जनादेश
2017 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पहली बार खरड़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र से कांटेदार मुकाबले में जीत दर्ज की. वरिष्ठ पत्रकार कंवर संधू ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और 54,171 वोट हासिल किए थे जबकि कांग्रेस के जगमोहन कंग कुछ ही मतों से चुनाव हार गए थे. उनको कुल 52,159 वोट पड़े थे.
अकाली दल के उम्मीदवार रंजीत सिंह गिल 46,807 मत हासिल करके तीसरे स्थान पर रहे थे.
रिपोर्ट कार्ड
पेशे से पत्रकार रहे मौजूदा विधायक कंवर संधू ने साल 2017 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता था.
कंवर संधू एक जुझारू नेता के तौर पर उभरे हैं और मतदाताओं के लगातार संपर्क में रहते हैं. लेकिन विपक्ष में रहने के कारण वे अपने चुनाव क्षेत्र के लिए कुछ ज्यादा संसाधन नहीं जुटा पाए.
उनके कार्यकाल में खरड़ फ्लाईओवर बनने से एक तरफ जहां राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले वाहनों को सुविधा मिली है तो वहीं कई गांव के रास्ते ही बंद हो गए. दर्जनभर गांवों और सोसाइटीज में रहने वाले लोग काफी अरसे से संघर्ष कर रहे हैं.
खरड़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है. इन समस्याओं में खराब संपर्क सड़कें, पीने के पानी की किल्लत, गर्मियों के मौसम में घंटों लगने वाले बिजली के कट, बिल्डरों की दादागिरी, सफाई व्यवस्था आदि खास है. ना प्रशासन और ना ही विधायक इन समस्याओं पर काबू पा सके.