पंजाब में विधानसभा चुनाव होने से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू का अपनी ही सरकार पर निशाना साधना जारी है. पहले बिजली के मुद्दे पर नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार को निशाना बनाया और अब नशे के मुद्दे को लेकर उन्होंने सवाल खड़े किए हैं.
नवजोत सिंह सिद्धू का कहना है कि पिछले पांच साल में राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ जारी लड़ाई में कोई ठोस एक्शन नहीं लिया है.
नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा मंगलवार को एक बयान जारी किया गया. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा है कि पंजाब में नशे के कारण सैकड़ों बच्चों ने अपनी जिंदगी गवा दी है. राज्य के लोगों के स्पेशल टास्क फोर्स की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसमें 6000 करोड़ रुपये के ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश होना है.
'कोर्ट के आदेश को भी नहीं माना'
कांग्रेस नेता ने कहा कि अदालत के आदेशों के बावजूद सरकार द्वारा ड्रग्स माफियाओं को भारत वापस लाने और उन्हें सजा दिलाने के लिए कुछ भी नहीं किया गया. पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की शरण में ड्रग्स माफियाओं ने पंजाब में अपने काम को आगे बढ़ाया. नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि हर व्यक्ति ये अंदाजा लगा सकता है कि पिछले पांच साल में ड्रग्स माफियाओं को क्यों नहीं लाया गया है.
आपको बता दें कि पंजाब में ड्रग्स से जुड़ा मसला लंबे वक्त से सुर्खियों में रहा है. पंजाब के युवाओं में ड्रग्स की लत कई परिवारों को उजाड़ चुकी है. अब जब राज्य में फिर विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, तब एक बार फिर ये मसला जोर शोर से उठ रहा है.
अगर कांग्रेस की आपसी कलह की बात करें तो नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा लगातार कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार को निशाने पर लिया जा रहा है. कांग्रेस आलाकमान द्वारा लगातार दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है.