रविवार को चार राज्यों के नतीजे घोषित किए गए जिनमें से राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की. मध्य प्रदेश में जहां बीजेपी को 163 सीटें मिली हैं तो वहीं राजस्थान में 115 और छत्तीसगढ़ में 54 सीटें हासिल हुई हैं. इन नतीजों ने कई समीकरण भी ध्वस्त कर दिए. तीनों राज्यों में बीजेपी को कुल 519 सीटों में से 332 सीटें मिली हैं. गौर करने वाली बात ये है कि बीजेपी ने इन चुनावों में एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया था.
तीनों राज्यों की 519 सीटों में से केवल 6 मुस्लिम ही चुनाव जीतकर विधानसभा तक पहुंचे हैं, जिनमें बीजेपी के बागी युनूस खान भी शामिल हैं. राजस्थान में कांग्रेस ने कुल 14 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था जिनमें से पांच ने चुनाव में जीत हासिल की. पिछली विधानसभा में यहां 9 मुस्लिम विधायक बनकर पहुंचे थे.
वहीं मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां कांग्रेस ने 230 प्रत्याशियों में से सिर्फ दो सीटों पर मुस्लिम कैंडिडेट को उतारा था और दोनों ने ही जीत हासिल की. वहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने 1 मुस्लिम उम्मीदवार (कवर्धा से मोहम्मद अकबर) को टिकट दिया था जो चुनाव नहीं जीत सके.
जो आइए जानते हैं इन तीन राज्यों के उन मुस्लिम उम्मीदवारों के बारे में जो चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे हैं-
राजस्थान
1.हाकम अली: फतेहपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार हाकम अली ने बीजेपी के सरवन चौधरी को 25993 वोटों से शिकस्त दी. इस सीट पर जननायक पार्टी के उम्मीदवार नंदकिशोर महारिया तीसरे नंबर पर रहे और उन्हें 23851 वोट मिले. 2018 के विधानसभा चुनाव में भी हाकम अली खान कांग्रेस से ही विधायक बने थे तब उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सुनीता कुमारी को 860 वोट से हराया था.
2.रफीक खान -आदर्श नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रफीक खान को 103421 वोट मिले जबकि दूसरे नंबर पर रहने वाले बीजेपी उम्मीदवार रवि कुमार नैय्यर 89348 वोट मिले. इस तरह रफीक खान ने 14073 वोटों से जीत हासिल की. वह 2018 में भी इस सीट से विधायक रह चुके हैं.
3.अमीन कागजी- किशनपोल से कांग्रेस उम्मीदवार अमीन कागजी को 76611 वोट मिले जबकि दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के चंद्र मनोहर को 69555 वोट मिल सके. इस तरह चंद्र मोहन को 7056 वोटों से हार का सामना करना पड़ा. अमीन भी कांग्रेस के सीटिंग विधायक थे और अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे.
4.जुबैर खान- रामगढ़ विधानसभा सीट भी कांग्रेस के पक्ष में आई. यहां कांग्रेस उम्मीदवार जुबैर खान को 93765 वोट मिले जबकि बीजेपी के सुखवंत सिंह, जो दूसरे नंबर पर रहे उन्हें 74069 वोट मिल सके और उन्हें 19696 वोटों से हार का सामना करना पड़ा.
5.ज़ाकिर हुसैन- मकराना सीट से कांग्रेस के जाकिर हुसैन पूर्व में एक बार विधायक रह चुके हैं. जाकिर हुसैन को जहां 96544 वोट मिले तो वहीं बीजेपी की सुमित भिंचर को 67230 वोट मिले. जाकिर हुसैन इस सीट को 29314 वोटों से जीतने में सफल रहे.वह चौथी बार इस सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में लड़े हालांकि दो बार (2013 और 2018) उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
6.युनूस खान- डीडवाना सीट पर सबकी नजर थी, क्योंकि इस सीट पर बीजेपी से बगावत कर युनूस खान चुनावी मैदान में थे. 2018 में सचिन पायलट से हारने के बाद युनूस खान को इस बार उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें टिकट देगी, लेकिन बीजेपी ने टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतर गए और 2392 मतों के अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार को हरा दिया और बीजेपी उम्मीदवार को तीसरे नंबर पर खिसका दिया.
मध्य प्रदेश
आरिफ मसूद- मध्य प्रदेश में भोपाल मध्य से कांग्रेस उम्मीदवार आरिफ मसूद ने शानदार जीत हासिल की.आरिफ मसूद को जहां 82371 वोट मिले तो प्रतिद्वंदी बीजेपी नेता ध्रुव नारायण सिंह को 66480 वोट मिले और उन्हें 15891 वोटों से हार का सामना करना पड़ा.
आतिफ आरिफ अकील- आतिफ आरिफ अकील को कांग्रेस ने भोपाल उत्तर से चुनावी मैदान में उतारा था और उन्होंने 26987 वोटों से जीत हासिल की. यहां आरिफ को जहां 96125 वोट मिले तो वहीं बीजेपी के आलोक शर्मा को 69138 वोट मिले.पूर्व मंत्री आरिफ अकील को बीमारी की वजह से पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया था और उनकी जगह पर उनके बेटे आतिफ अकील को मैदान में उतारा था.