राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी 6वीं और अंतिम लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में तीन प्रत्याशियों के टिकट फाइनल किए गए हैं. बीजेपी ने बाड़मेर से दीपक कड़वासरा, बाड़ी से गिर्राज सिंह मलिंगा और पचपदरा से अरुण मराराम चौधरी को टिकट दिया है. बीजेपी की यह लिस्ट इसलिए खास है, क्योंकि इसमें कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को भी टिकट दिया गया है. बीजेपी ने उन्हें बाड़ी से ही मैदान में उतारा है.
बीजेपी की 6वीं लिस्ट जारी होने के बाद अब राजस्थान की पूरी 200 सीटों पर पार्टी ने कैंडिडेट जारी कर दिए हैं. बता दें कि राजस्थान में विधानसभा की कुल 200 सीटें हैं. इससे पहले रविवार को ही पार्टी ने 15 उम्मीदवारों के नामों के साथ अपनी पांचवी लिस्ट जारी की थी. इस लिस्ट में बीजेपी ने कोलायत से टिकट बदल दिया था. यहां पहले पार्टी के दिग्गज नेता देवी सिंह भाटी की पुत्रवधू पूनम कंवर को टिकट दिया गया था, लेकिन बाद में उनकी जगह देवी सिंह भाटी के पौत्र अंशुमान सिंह भाटी को प्रत्याशी बनाया गया.
वसुंधरा के करीबी अरुण चतुर्वेदी का टिकट कटा
पांचवी लिस्ट में बीजेपी ने सिविल लाइन सीट से दावेदार पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी का टिकट काट दिया था. चतुर्वेदी को वसुंधरा राजे का करीबी बताया जाता है. सिविल लाइंस से बीजेपी ने नए चेहरे पर दांव लगाते हुए पत्रकार गोपाल शर्मा को टिकट दिया है, जिनका मुकाबला राजस्थान सरकार के दिग्गज मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से है.
बेरोजगार संघ के अध्यक्ष उपेन को मिला टिकट
बड़े उलटफेर करते हुए बीजेपी ने पांचवी लिस्ट में अशोक परनामी का टिकट काट दिया था. परनामी को भी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का वफादार माना जाता है. इस लिस्ट में बेरोजगार युवक संघ के अध्यक्ष उपेन यादव को शाहपुरा से टिकट दिया गया था. वहीं, कोटा उत्तर से वसुंधरा के वफादार प्रह्लाद गुंजल को टिकट मिला था.
हजारों बेरोजगारों की आवाज हैं उपेन यादव
बता दें कि बेरोजगार युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरने वाले उपेन यादव ने अक्टूबर में ऐलान किया था कि वह अब विधानसभा चुनाव लड़ेंगे.उपेन की पहचान ऐसे गैर राजनैतिक नेता की रही है जिसकी एक आवाज पर प्रदेश के हजारों बेरोजगार एकत्रित हो जाते हैं. उपेन ने कुछ समय पहले कहा था कि पिछले 11 साल 8 महीने से युवा बेरोजगारों के भविष्य के लिए दोनों सरकारों में संघर्ष किया है.संघर्ष के बाद यही निष्कर्ष निकला है कि सरकारो में युवाओं की भागीदारी होनी चाहिए.
23 नवंबर को चुनाव, 3 दिसंबर को रिजल्ट
बता दें कि राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख बदल दी गई है. पहले 23 नवंबर को एक चरण में चुनाव होना तय किया गया था. अब इसे बदलकर 25 नवंबर कर दिया गया है. हालांकि, मतदान एक ही चरण में होगा. चुनाव के नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे.