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36 केंद्र, 2552 टेबल और 4180 राउंड में गणना... राजस्थान में कुछ ऐसी है वोट काउंटिंग की तैयारी

राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के 199 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना 33 जिला मुख्यालयों के 36 केन्द्रों पर 3 दिसंबर को सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगी. जयपुर, जोधपुर एवं नागौर में दो-दो केंद्रों पर और शेष 30 निर्वाचन जिलों में एक-एक केंद्र पर वोटों की गिनती की जाएगी.

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राजस्थान में काउंटिंग की तैयारी पूरी हो चुकी है (फाइल फोटो)
राजस्थान में काउंटिंग की तैयारी पूरी हो चुकी है (फाइल फोटो)

राजस्थान में भी विधानसभा चुनाव की मतगणना के लिए सभी तैयारियां हो चुकी हैं. त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच 2552 टेबल पर कुल 4180 राउंड में गणना होगी. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी और सीसीटीवी की पैनी निगरानी रहेगी. राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता के मुताबिक 199 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 36 मतगणना केंद्रों पर 1121 एआरओ की ड्यूटी लगाई गई है. मतगणना स्थल पर चरणबद्ध ट्रेंड और रुझान टीवी स्क्रीन पर भी जारी होंगे. 

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राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के 199 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना 33 जिला मुख्यालयों के 36 केन्द्रों पर 3 दिसंबर को सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगी. जयपुर, जोधपुर एवं नागौर में दो-दो केंद्रों पर और शेष 30 निर्वाचन जिलों में एक-एक केंद्र पर वोटों की गिनती की जाएगी. मतगणना की सभी तैयारियां की जा चुकी हैं. सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों को मतगणना केन्द्र में सुरक्षा मापदण्डों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गये हैं. मतगणना का दिन शुष्क दिवस घोषित किया गया है.

मतगणना स्थल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में केवल अधिकृत पास-धारक व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे. मतगणना सेंटर पर प्रत्येक विधानसभा के लिए अलग-अलग मतगणना हॉल बनाए गए हैं, जहां आयोग के निर्देशानुसार टेबलों की व्यवस्था पोस्टल बैलेट एवं ईवीएम की मतगणना के लिए की गई है. आयोग द्वारा सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए प्रेक्षक नियुक्त किए गए है, जो जिलों में पहुंच चुके हैं. द्वितीय एवं तृतीय रेण्डमाईजेशन प्रेक्षक की उपस्थिति में किया जाएगा.

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ईवीएम मतगणना के होंगे 4180 राउंड

ईवीएम की मतगणना टेबल पर काउंटिंग सुपरवाईजर, काउंटिंग असिस्टेंट, काउंटिंग स्टाफ तथा एक माइक्रो ऑब्जर्वर रहेगा. इसी प्रकार, पोस्टल बैलेट की गणना टेबल पर एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी, एक काउंटिंग सुपरवाईजर, दो काउंटिंग असिस्टेंट तथा एक माइक्रो ऑब्जर्वर रहेगा. माइक्रो ऑब्जर्वर केन्द्र सरकार के विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी होंगे. प्रदेश में गणना के लिये 2552 टेबल लगाए गए हैं. ईवीएम मतगणना हेतु कुल 4180 राउंड होंगे. सबसे अधिक 34 राउंड शिव विधानसभा क्षेत्र में तथा सबसे कम 14 राउंड अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में होगें.

ईवीएम/पोस्टल बैलेट की टेबल पर अभ्यर्थी के काउंटिंग एजेंट रहेंगे, जिनके बैठने का क्रम (1) मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दल, (2) ऐसे मान्यता प्राप्त अन्य राज्यों के राज्यीय दल, जिन्हें उस विधानसभा क्षेत्र के लिए चुनाव चिन्ह नियत किया गया है, (3) अमान्यता प्राप्त रजिस्ट्रीकृत दल (4) निर्दलीय रहेंगे.

मतगणना हॉल तक ऐसे पहुंचेंगी मशीनें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि स्ट्रॉन्ग रूम से मतगणना हॉल तक मशीनें पहुंचने के लिए विधानसभा क्षेत्र वार अलग-अलग मार्ग/ रास्ता/ व्यवस्था निर्धारित की गई है, जिसका सीसीटीवी कवरेज होगा. इलेक्शन ऑब्जर्वर के अतिरिक्त किसी को भी मतगणना हॉल में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं है. केवल रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी और काउंटिंग सुपरवाईजर जो ईटीपीबीएमएस से जुड़े हैं, वह केवल ईटीपीबीएमएस सिस्टम ओपन करने के लिए ओटीपी हेतु मोबाइल ले जा सकेंगे तथा इसके पश्चात मोबाइल बंद कर प्रेक्षक, रिटर्निंग अधिकारी एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा कराएंगे.

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सुबह 8 बजे शुरू होगी काउंटिंग

मतगणना जिला मुख्यालय पर सुबह 8 बजे विधानसभा क्षेत्र वार प्रारम्भ होगी. सबसे पहले पोस्टल बैलेट की मतगणना शुरू होगी. पोस्टल बैलेट की मतगणना के आधे घण्टे पश्चात् प्रात: 8:30 बजे ईवीएम से मतगणना प्रारंभ होगी. विधानसभा के पोस्टल बैलेट की मतणना समाप्त होते ही अभ्यर्थी वार डाक मतपत्रों के परिणाम की घोषणा की जायेगी. उन्होंने कहा कि प्रत्येक राउंड पूरा होने पर नियमानुसार उस राउंड के परिणाम की घोषणा की जायेगी तथा दूसरे राउंड की गिनती प्रारंभ होगी. मीडिया को भी इसकी जानकारी मीडिया सेन्टर में दी जायेगी. इस हेतु जिला जनसम्पर्क अधिकारी समन्वय बनायेंगे.

पहली बार होम वोटिंग की सुविधा दी गई

प्रवीण गुप्ता ने बताया कि 80 वर्ष एवं अधिक आयु के वृद्धजन और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं के लिए इस चुनाव में पहली बार आयोग की ओर से होम वोटिंग की सुविधा प्रदान की गई थी. प्रदेश भर में, 80 वर्ष से अधिक आयु के 50,730 एवं 11,798 दिव्यांग मतदाताओं ने कुल 62,528 फॉर्म 12-डी भर कर घर से ही मतदान की सुविधा का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था. इनमें से 61,618 जीवित मतदाताओं में से कुल 49,366 वृद्ध (80 वर्ष से अधिक) एवं 11,656 दिव्यांग मतदाताओं ने घर से ही मतदान किया. इस तरह करीब 99 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने इस सुविधा का लाभ लिया. आवश्यक सेवाओं से जुड़े 6,694 मतदाताओं ने फॉर्म 12-डी भरा, इनमें से 4,427 मतदाताओं ने पोस्टल बैलट सुविधा के माध्यम से वोट डाला. 3,71,235  मतदान कार्मिकों ने फेसिलिटेशन सेंटर्स पर पोस्टल बैलट से मतदान किया. सर्विस वोटर्स की कुल संख्या 1,42,219 हैं, एक दिसम्बर तक 27,298 सर्विस वोटर्स के पोस्टल बैलट प्राप्त हो चुके हैं.

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