राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर को वोटिंग होगी. इसके लिए कुल 2365 कैंडिडेट्स में से 490 उम्मीदवारों ने अंतिम दिन नामांकन पत्र वापस ले लिए. अब 1875 प्रत्याशी मैदान में चुनावी ताल ठोकेंगे. मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि विधानसभा चुनाव-2023 में 200 विधानसभा क्षेत्रों के लिए नामंकन वापसी के बाद अब 1875 उम्मीदवार शेष है.
पिछले विधानसभा चुनावों में 200 विधानसभा सीटों पर 2294 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई थी, इसमें 2105 पुरुष उम्मीदवार और 189 महिला उम्मीदवार थीं.
बता दें कि विधानसभा चुनाव-2023 के लिए 30 अक्टूबर से नामांकन पत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो कि 6 नवंबर तक चली. 200 विधानसभा सीटों के लिए कुल 2365 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र भरे. 7 नवंबर को नामांकन पत्रों की समीक्षा की गई. इसमें 396 नामांकन पत्र निरस्त किए गए, पूरे राज्य में मतदान एक चरण में 25 नंवबर को होगा, जबकि 3 दिसंबर को मतगणना की जाएगी.
किसी ने वापस लिया नामांकन, तो किसी ने थामा बीजेपी का दामन
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी और जोधपुर के पूर्व महापौर रामेश्वर दाधीच ने सूरसागर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था, उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया. वह गुरुवार को भाजपा में शामिल हो गए. उधर, कांग्रेस के पूर्व दौसा जिला अध्यक्ष विनोद शर्मा भी बीजेपी में शामिल हो गए. वहीं, जयपुर में पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने बीजेपी नेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के खिलाफ झोटवाड़ा से नामांकन भरा था, उन्होंन भी पार्टी आलाकमान से बातचीत के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया.
बीजेपी में शामिल होने के बाद दाधीच ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निर्णय लेने की क्षमता के कारण भाजपा में शामिल हुआ हूं. मैं लंबे समय से उनके काम से प्रभावित हूं, अगर मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते तो राम मंदिर का निर्माण होता.
इन सीटों पर होगा त्रिकोणीय मुकाबला
चित्तौड़गढ़ से चंद्रभान सिंह आक्या, डीडवाना से यूनुस खान, शेओ से रवींद्र भाटी, खंडेला से बंशीधर बाजिया, कोटा के लाडपुरा से भवानी सिंह शेखावत, भीलवाड़ा के शाहपुरा से कैलाश मेघवाल और बाड़मेर से प्रियंका चौधरी सहित अन्य भाजपा बागियों ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है. लिहाजा इन सीटों पर वह निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में इन सीटों पर चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.
दूसरी ओर बड़ी सादड़ी से पूर्व कांग्रेस विधायक प्रकाश चौधरी, डूंगरपुर के चोरासी से महेंद्र बरजोड़, सरदारशहर से राजकरण चौधरी और मसूदा से ब्रह्मदेव कुमावत ने चुनावी दौड़ से नाम वापस नहीं लिया है और निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है.