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जिस राजेंद्र गुढ़ा की 'लाल डायरी' को बीजेपी ने प्रचार में भुनाया, जानिए क्या हुआ चुनावी हश्र

राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी को स्पष्ट जनादेश मिला है. बीजेपी की इस जीत के बीच लोगों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी रही उदयपुरवाटी सीट (Udaipurwati Seat Result) के परिणाम जानने की, जहां से 'लाल डायरी' वाले राजेंद्र गुढ़ा चुनावी मैदान में थे. गुढ़ा को इस बार बुरी तरह से शिकस्त का सामना करना पड़ा और वो तीसरे नंबर पर रहे.

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राजेंद्र गुढ़ा को विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त
राजेंद्र गुढ़ा को विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त

राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं. बीजेपी ने 115 सीटों के साथ  स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. बीजेपी की इस जीत के बीच लोगों में सबसे ज्यादा दिलचस्पी उदयपुरवाटी सीट के नतीजों को लेकर रही जहां से 'लाल डायरी' वाले राजेंद्र गुढ़ा मैदान में थे. वहीं 'लाल डायरी', जिसने राजस्थान की सियासत में भूचाल ला दिया था और चुनावों में इसे बीजेपी ने ऐसा मुद्दा बनाया कि पीएम मोदी ने तक अपनी सभाओं में इसका जिक्र किया.

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तीसरे नंबर पर रहे गुढ़ा

जिस गुढ़ा ने 'लाल डायरी' को मुद्दा बनाकर अपनी ही (कांग्रेस) सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया था, वह विधानसभा चुनाव में अपनी सीट नहीं बचा सके. उदयपुरवाटी सीट कांग्रेस के भगवान राम सैनी ने नजदीकी मुकाबले में बीजेपी के शुभकरन चौधरी को 416 वोटों से हरा दिया. राजेंद्र गुढ़ा इस सीट पर तीसरे नंबर पर रहे. भगवान राम सैनी को जहां 68399 वोट मिले तो वहीं बीजेपी के शुभकरन चौधरी को 67983 वोट मिले जबकि तीसरे नंबर पर गुढ़ा को 57823 वोट मिले, यानि उनकी हार का अंतर 10576 का रहा.

शिवसेना ने उतारा था चुनावी मैदान में

पूर्व विधायक और मंत्री गुढ़ा जहां पिछली बार इस सीट से बसपा के टिकट से विधायक बने थे  तो इस बार उन्हें शिवसेना ने उम्मीदवार बनाया था. संकट के समय में उन्होंने गहलोत सरकार को बचाने में अहम भूमिका निभाई थी और बाद में वो मंत्री भी बने.

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देखें उदयपुरवाटी सीट के नतीजे

बाद में गहलोत से उनकी नाराजगी बढ़ती गई तो सार्वजनिक मंचों से वह अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावत करने लगे.गुढ़ा ने लाल डायरी का मुद्दा सरकार के सामने विधानसभा के अंदर उठाया था और अपनी ही (कांग्रेस) सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया था. जिसके बाद गहलोत सरकार की खूब किरकिरी हुई थी. 

पीएम मोदी ने बनाया था चुनावी मुद्दा

इसके बाद अशोक गहलोत ने गुढ़ा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था. राजेंद्र गुढ़ा ने आरोप लगाया था कि इस (लाल) डायरी में गहलोत और दूसरे नेताओं के 'अवैध लेनदेन' का ब्यौरा दर्ज है. डायरी के कुछ पन्नों की कथित तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल भी हुई थी. विधानसभा चुनाव के दौरान जब पीएम मोदी ने सीकर में इस लाल डायरी का जिक्र किया था. पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस ने सरकार चलाने के नाम पर लूट की दुकान चलाई है. लूट की इस दुकान का सबसे ताजा उदाहरण हैं राजस्थान की लाल डायरी. लाल डायरी में कांग्रेस सरकार के काले कारनामे बंद हैं. लोग कहते हैं कि अगर इसके पन्ने खुलेंगे तो कांग्रेस सरकार का डिब्बा गुल हो जाएगा. 

लाल डायरी में इन बातों का था जिक्र

गुढ़ा ने दावा किया था कि लाल डायरी में विधायकों के लेन-देन का हिसाब है. बीजेपी का हेलिकॉप्टर खाली क्यों गया था और बीजेपी के विधायक अपनी पार्टी के बाड़ेबंदी से क्यों भागे थे उसका भी जिक्र है. राजस्थान क्रिकेट एसोशिएसन के चुनाव का हिसाब-किताब भी लाल डायरी में है. लाल डायरी के पन्नों में जीआर खटाना की एक माइन से जुड़े मामले का भी जिक्र था, जिससे कुंजीलाल मीणा और गौरव गोयल इनकार करते रहे. गुढ़ा ने आरोप लगाया था कि जीआर खटाना को सचिन पायलट के खेमे से तोड़ने के लिए अवैध रूप से माइन्स का संचालन सौंपा गया था. 

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