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राजस्थान के चुनावी समर में कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम क्यों इतना देर से हुए घोषित?

राजस्थान के चुनावी समर में कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम क्यों इतना देर से हुए घोषित?

मध्यप्रदेश के बाद जब राजस्थान की सियासत की बात होती है तो चुनौती बदल जाती है. जहां लड़ाई गैरों से ज्यादा अपनों के बीच हैं. चुनौती कितनी बड़ी है कि कांग्रेस के लिए अपनी पहली लिस्ट जारी करना मुश्किल हो चुका है. तो वहीं बीजेपी की लिस्ट आई है तो कई नेता बागी हो गए हैं. ऐसे में नई लिस्ट से पहले बीजेपी की दिल्ली में बैठक शुरू हो रही है. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो रहे हैं. दोनों की खानों में खिचड़ी पकते पकते जलनी शुरू हो गई है. जिसकी गंध अब नेताओं बयानों और सड़कों में मचे संग्राम में नजर आ रही है.

After Madhya Pradesh, when it comes to the politics of Rajasthan, the challenge changes. Where there are more fights among loved ones than among strangers. The challenge is so big that it has become difficult for Congress to release its first list. So when BJP's list has come, many leaders have become rebels. In such a situation, before the new list, BJP's meeting is starting in Delhi.

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