बिहार में विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी गई है. मुख्य चुनाव आयुक्त शहाबुद्दीन याकूब क़ुरैशी चुनाव की तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि राज्य में 6 चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न कराए जाएंगे. पहले चरण का मतदान 21 अक्टूबर को होगा. 24 अक्टूबर को दूसरे, 28 अक्टूबर को तीसरे, 1 नवंबर को चौथा, 9 नवंबर को पांचवां और 20 नवंबर को छठे चरण का मतदान होगा. मतों की गिनती का काम 24 नवंबर को होगा. गौरतलब है कि मौजूदा बिहार विधानसभा की मियाद 27 नवंबर को खत्म हो रही है.
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बिहार विधानसभा चुनाव, 2010
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चरण
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तारीखें
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कुल सीटें, जिनपर मतदान होना है
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पहला
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21 अक्टूबर
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47 सीटें
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दूसरा
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24 अक्टूबर
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45 सीटें
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तीसरा
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28 अक्टूबर
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48 सीटें
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चौथा
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1 नवंबर
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42 सीटें
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पांचवां
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9 नवंबर
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35 सीटें
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छठा
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20 नवंबर
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26 सीटें
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मतों की गिनती |
24 नवंबर
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{mospagebreak}बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं जिनमें से 38 सीटें अनुसूचित जाति और 2 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं. इन चुनावों के साथ ही राज्य में बांका लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी कराए जाएंगे. गौरतलब है कि बांका सीट से निर्दलीय सांसद दिग्विजय सिंह का देहांत हो जाने की वजह से यह सीट फिलहाल रिक्त है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि चुनावों के दौरान राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती भी की जाएगी. उन्होंने बताया कि परिसीमन के बाद राज्य में यह पहला चुनाव है जिसमें लगभग साढ़े पांच करोड़ अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी और माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किए जाएंगे. जेडीयू के महासचिव शिवानंद तिवारी ने चुनावों की घोषणा पर कहा कि यह लंबा चुनाव हो गया. फेयर चुनाव कराने के लिए पारा मिलिट्री फोर्स की व्यवस्था होनी चाहिए. हमारे लिए विकास एक मुख्य मुद्दा होगा.{mospagebreak}राज्य के मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से अपील की है कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए जिससे भयमुक्त माहौल में चुनाव संपन्न हो सके. इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि जब केंद्रीय बलों की तैनाती की योजना बनाई जाएगी तब नीतीश कुमार की मांग को भी ध्यान में रखा जाएगा.
गौरतलब है कि मौजूदा विधानसभा में जेडीयू को 88 सीटें और बीजेपी को 55 सीटें प्राप्त हैं. प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल आरजेडी को 54 सीटें, एलजेपी को 10 सीटें, जबकि अन्य को 27 सीटें हासिल हैं. अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि इस बार बिहार चुनाव के दंगल में बाजी कौन मारता है.
पिछली बार यानी वर्ष 2005 में बिहार विधानसभा के चुनाव चार चरणों में कराये गये थे, जबकि 2000 के विधानसभा चुनाव तीन चरणों में हुए थे. 2005 में राज्य में दो बार विधानसभा चुनाव हुए थे. पहली बार फरवरी में मतदान हुआ था और किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था. {mospagebreak}
राज्य में फिर अक्तूबर नवम्बर में विधानसभा चुनाव हुए थे जिसमें नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू भाजपा गठबंधन पिछले 15 वर्षों से सत्ता में काबिज लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली राजद को जबर्दस्त शिकस्त देते हुए सत्तारूढ़ हुआ था. इस चुनाव में राज्य में सत्तारूढ़ जदयू भाजपा गठबंधन का मुख्य मुकाबला लालू प्रसाद और रामविलास पासवान के नेतृत्व वाली राजद लोजपा गठबंधन से होगा.
लंबे समय से सत्ता से बहार रही कांग्रेस भी इस बार पूरे दमखम से चुनाव मैदान में होगी. पिछले लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी कांग्रेस ने राज्य की सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है. उधर वामपंथी पार्टियां माकपा, भाकपा और माकपा माले मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं. इन दलों के बीच अगले सप्ताह सीटों का तालमेल होने की उम्मीद है.
नीतीश कुमार ने मांग की है कि लोग चुनाव की प्रक्रिया में भयमुक्त होकर भाग लें तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न हो सके इसके लिए शत-प्रतिशत मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनाती की जाए.