असम विधानसभा चुनाव में 126 सीटों में से 78 सीटों पर शानदार जीत के साथ पूर्ण बहुमत हासिल करते हुए कांग्रेस लगातार तीसरी बार राज्य में सत्ता पर काबिज होने जा रही है.
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने 54,514 मतों से शानदार जीत हासिल की है वहीं उनके अधिकतर कैबिनेट सहयोगियों को भी विजय प्राप्त हुई है. कांग्रेस को केवल दो मंत्रियों की हार की निराशा झेलनी पड़ी है. इनमें संस्कृति और खेल मंत्री भरत चंद्र नाराह और सिंचाई मंत्री नुरजामल सरकार हैं.
मुख्य विपक्षी दल असम गण परिषद (एजीपी) को बड़ा झटका लगा है और पिछली विधानसभा में 24 विधायक वाली पार्टी के केवल दस विधायक इस बार जीत पाये हैं. भाजपा पांच पर सीमित रह गयी है.
एजीपी के कई बड़े नेताओं को हार का स्वाद चखना पड़ा है. इनमें पार्टी अध्यक्ष चंद्र मोहन पटवारी और दो बार मुख्यमंत्री रह चुके प्रफुल्ल महंत, पूर्व पार्टी अध्यक्ष वृंदावन गोस्वामी और उपाध्यक्ष थानेश्वर बोरो हैं.
हालांकि दो सीटों पर चुनाव लड़ने वाले महंत लगातार छठी बार बहरमपुर सीट पर जीत हासिल करने में सफल रहे. कांग्रेस की सहयोगी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 12 सीटों पर जीत हासिल की है वहीं तृणमूल कांग्रेस ने एक सीट जीतकर राज्य में अपना खाता खोला है.
वर्ष 2006 के चुनाव में दस सीटें जीतने वाली भाजपा को केवल पांच सीटें ही मिली हैं जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन पिछली बार की 52 सीटों से सुधरकर 78 पर पहुंच गया है. मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि नयी सरकार 19 मई से पहले गठित की जाएगी जिस दिन मौजूदा सरकार का कार्यकाल खत्म होगा.